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30/04/2026

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*राष्ट्रीय कवि स्पर्श मंच द्वारा आप रचनाकारों को 1 मई मजदूर दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा, जिसके लिए आपको मजदूर दिवस पर मौलिक रचना लिख भेजनी होगी। आपके द्वारा रचना भेजने का समय 1 मई2026 को प्रातः 6 बजे से संध्या 6 बजे तक होगा।*
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13/04/2026

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महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं
08/03/2026

महिला दिवस पर हार्दिक शुभकामनाएं

सभी पत्रकार बंधुओं का राष्ट्रीय कवि स्पर्श मंच हृदय से धन्यवाद करता है।।
26/02/2026

सभी पत्रकार बंधुओं का राष्ट्रीय कवि स्पर्श मंच हृदय से धन्यवाद करता है।।

बसंत पंचमी कवि सम्मेलन की झलकियां
24/01/2026

बसंत पंचमी कवि सम्मेलन की झलकियां

 #राष्ट्रीय_कवि_स्पर्श_मंच द्वारा  #बसंत_पंचमी पर भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संपन्नमाँ शारदे की आराधना में गूंजे देश भ...
22/01/2026

#राष्ट्रीय_कवि_स्पर्श_मंच द्वारा #बसंत_पंचमी पर भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन संपन्न

माँ शारदे की आराधना में गूंजे देश भर के कवियों के स्वर

औरंगाबाद, बसंत पंचमी के पावन पर्व पर साहित्यिक संस्था 'राष्ट्रीय कवि स्पर्श मंच' के तत्वावधान में एक भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न कोनों से आए सुप्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से माँ शारदे की वंदना की और बसंत ऋतु का स्वागत किया।
जहां कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार श्री राजेश तिवारी 'मक्खन' ने की, वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में कवि स्पर्श मंच के बिहार प्रदेश अध्यक्ष श्री सुरेश विद्यार्थी उपस्थित रहे । इस कवि सम्मेलन का सफल संचालन कवि स्पर्श मंच के उत्तर प्रदेश सचिव श्री रामबाहाल सिंह 'बहाल कवि' ने किया। कार्यक्रम के संयोजक श्री राम राय के अनुसार श्रीमती शिखा पांडेय (अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश)ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
काव्य गोष्ठी की शुरुआत कवि विनोद कुमार वर्मा द्वारा माँ सरस्वती की वंदना से हुई। इसके पश्चात कवियों ने मां सरस्वती और बसंत के सौंदर्य पर आधारित रचनाओं से समां बांध दिया।
सम्मेलन में उपस्थित प्रमुख कवियों में वी.के. वर्मा, पुतुल मिश्रा, किरण सेन, ईश्वर चंद्र जायसवाल, सत्यम उपाध्याय, वंदना शास्त्री, भेरू सिंह चौहान, नीलम दुबे, गीता पांडे 'अपराजिता', रामनिवास तिवारी, संजीदा खानम, राजेश तिवारी 'रंजन', रमाशंकर चतुर्वेदी, सुनील कुमार खुराना, शिखा पांडे, अन्नपूर्णा तिवारी, निहारिका झा, डॉ. हस्तीमल आर्य, सुरेश विद्यार्थी, अवध किशोर मिश्र, मंजू चौधरी, लता लेलीन प्रधान और हीरा सिंह कौशल शामिल थे।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री राजेश तिवारी 'मक्खन' ने कहा कि बसंत केवल एक ऋतु नहीं, बल्कि सृजन का उत्सव है। संचालन कर रहे 'बहाल कवि' ने अपनी चुटीली टिप्पणियों और शेरों-शायरी से कार्यक्रम में निरंतर ऊर्जा बनाए रखी। कार्यक्रम के अंत में संयोजक श्री राम राय ने सभी सम्मानित कवियों, अतिथियों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया। उन्होंने कहा कि माँ शारदे की कृपा से यह आयोजन पूर्णतः सफल रहा।

माँ शारदे की आराधना में गूंजे देश भर के कवियों के स्वर औरंगाबाद, बसंत पंचमी के पावन पर्व पर साहित्यि

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