Abhay Katiknar

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कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैंतुम कह देना कोई खास नहीएक दोस्त है कच्चा -पक्का साएक झूठ है आधा- सच्चा साजज्बातों को परदे दे द...
27/12/2025

कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई खास नही
एक दोस्त है कच्चा -पक्का सा
एक झूठ है आधा- सच्चा सा
जज्बातों को परदे दे देना
गढ़ देना बहाना अच्छा सा
कि जीवन का ऐसा साथी है
जो दूर सा है कुछ पास नही
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना कोई खास नहीं

हवा का ठंडा झोका है इक
कभी नाजुक तो कभी तूफां सा
कह देना गुजरा लम्हा है
कुछ टूटा सा कुछ रूठा सा
जीवन का ऐसा दरिया है
जिसकी मुझको कोई प्यास नही
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना, कोई खास नहीं

इक हमसफ़र जो अनकही सी बातें कर जाता है,
यादों में जिसका धुंधला सा अक्स उभर आता है।
रहता है वो मेरे खयालों में मुसलसल,
मगर अब मुझे उसकी तलाश नहीं।
कोई तुमसे पूछे कौन हूँ मैं
तुम कह देना, कोई खास नहीं

वो जो पास होकर भी कभी मेरा न हुआ,
जिसे छू तो लिया पर कभी मेरा न हुआ,
एक अधूरा सा किस्सा है दरमियां हमारे,
जिसे मुकम्मल करने की अब आस नहीं।

कोई तुमसे पूछे, कौन हूँ मैं?
तुम कह देना, कोई खास नहीं।

बितत बा दिसंबर आवे वाला नया साल बा ।एक साल पहीले जवन रहे ऊहे आजो हाल बा ।बदलत कुछो नईखे बस बदल खाली साल बा ।करत जे मजदुर...
26/12/2025

बितत बा दिसंबर आवे वाला नया साल बा ।
एक साल पहीले जवन रहे ऊहे आजो हाल बा ।
बदलत कुछो नईखे बस बदल खाली साल बा ।

करत जे मजदुरी रहे आजो ऊ मजदुरे बा ।
केहु घरही रह के करे केहु घर से दुरे बा ।
हमरे ना ई अईसन बहुत लोग के हाल बा ।
बदलत कुछो नईखे बस बदल खाली साल बा ।

सबकर किस्मत बा अलगे अलगे केहु करत कमाल बा केहु पैसा बिन पिअर भईल और केहु भईल लाल बा ।
बदलत कुछो नईखे बस बदल खाली साल बा ।

The Arrah–Sasaram light railway was only a year away from closure when this photograph was taken in 1977. The 2’6” (762 ...
29/11/2025

The Arrah–Sasaram light railway was only a year away from closure when this photograph was taken in 1977. The 2’6” (762 mm) gauge line ran for 102.2 kilometres (63.5 mi) between Arrah on the Patna-Moghal section of the East Indian Railway and Sasaram on the Gaya-Mughalsarai section in the Indian state of Bihar. Opened in 1914, the line was built and operated by the English company, Martin’s Light Railways. In this photograph, one of the railway’s 0-6-2 locomotives (Hunslet Engine Company, Leeds, 1947-1956) leads a passenger train along the District Board Road, as it did for its whole length. The line was converted to broad gauge in 2006-07 and services resumed.

आपन समय केहू पर  खर्च मत करी जिन्दगी में तनाव कबो दर्ज मत करीजवन गिद्ध   विलुप्त हो  गोइल बाटेओकरा पर ढेर जादा रिसर्च मत...
23/11/2025

आपन समय केहू पर खर्च मत करी
जिन्दगी में तनाव कबो दर्ज मत करी

जवन गिद्ध विलुप्त हो गोइल बाटे
ओकरा पर ढेर जादा रिसर्च मत करी

जब तक सूर्य में आग के लपट बाटे
बेमतलब मौसम के सर्द मत करी

जे नदी देले बा ओके समंदर लौटा दी
दूसरा क अहसान ले के कर्ज मत करी

जैसे पानी बहता वैसे जिन्दगी चले दी
नदी आ समंदर में जादा फर्क मत करी

काहे की अंधा युग के जमाना चलता
बहुत जादा तर्क वितर्क मत करी

अपने परछाई हरदम बदलत रोहेला त
इंसान से बहुत जादा विमर्श मत करी

अगर लमहर जिन्दगी जीए के बा त
जरूरत से जादा अर्ज मत करी

अधर पाषाण बना लिए हैं दंड क्या शब्द भुगतेंगे नयन के कोर खारे हैं अगर पूछा तो रो देंगे।
24/08/2025

अधर पाषाण बना लिए हैं दंड क्या शब्द भुगतेंगे नयन के कोर खारे हैं अगर पूछा तो रो देंगे।

दुनिया में त देश बहुत बा.पर भारत विशेष बहुत बा.रंग बहुत बा रूप बहुत बा,धर्म, भाषा प्रदेश बहुत बा.जेतना रवुवा जानत बानीं,...
16/08/2025

दुनिया में त देश बहुत बा.
पर भारत विशेष बहुत बा.

रंग बहुत बा रूप बहुत बा,
धर्म, भाषा प्रदेश बहुत बा.

जेतना रवुवा जानत बानीं,
वो से ज़्यादा शेष बहुत बा.

विश्व मनवता के ख़ातिर,
दिहल गइल संदेश बहुत बा.

गौतम नानक के धरती पर,
सत्य अहिंसा शेष बहुत बा.

सबसे ऊँचा लहरी तिरंगा,
भले अम्बर में रेस बहुत बा.

येन बद्धो बलि राजा अब क्या अर्पित करोगे राजन? ,सारी धरती नापने के बाद विश्वरूप भगवान ने मुस्कराते हुए राजा बलि से पूछा।ज...
08/08/2025

येन बद्धो बलि राजा

अब क्या अर्पित करोगे राजन? ,सारी धरती नापने के बाद विश्वरूप भगवान ने मुस्कराते हुए राजा बलि से पूछा।

जिसका सारा संसार है उसे क्या अर्पित किया जा सकता है भगवन, सब कुछ आपका आपको ही समर्पित है।, बलि ने हाथ जोड़ा।

तो क्या आपका वचन असत्य जाएगा? एक पग अभी बचा है उसे कहाँ रखूं? भगवान ने पुनः पूछा।

बलि का वचन असत्य कैसे जाएगा, भक्त के वचन की लाज तो स्वयं भक्तवत्सल भगवान की ही जिम्मेदारी है। मेरा सिर आपकी सेवा में है। कृपया अपना पग मेरे सिर पर रखें।, बलि ने अपना मस्तक प्रस्तुत कर दिया।

वामन ने अपना पैर धरती पर रख दिया और बोले, बस राजन तुम अहंकारमुक्त हुए। मैं आपकी सहायता के लिए आया था। बिना मनुष्य हुए मनुष्यों पर शासन करना पाप है। आज से तुम निष्पाप हुए, मैं तुमसे अति प्रसन्न हूँ, यदि आपके मन में कोई इच्छा हो तो वह कहो मुझसे।

बलि ने अपना माथा प्रभु के चरणों मे रख दिया और बोले, प्रभुता पाकर किसे मद नही हो जाता है भगवन, मैं राज्य तभी चला सकता हूँ जब आप मेरे साथ मेरे रक्षक बन कर रहें।

एवमस्तु कहकर भगवान प्रहरी के वेश में आ गए और राजा बलि के साथ पाताल को चले गए।

वैकुंठ में विराजमान लक्ष्मी जी को जब यह वृत्तांत पता चला तो वह सोच में पड़ गयीं कि अब प्रभु वैकुंठ कैसे आएं! अन्तः वह एक रक्षासूत्र लेकर राजा बलि के दरबार में उपस्थित हुईं और उन्होंने उनसे आग्रह किया कि वे उन्हें भाई बनाना चाहती हैं। बलि ने उनसे रक्षासूत्र बंधवा लिया और बहन से पूछा कि उसे क्या उपहार चाहिए? लक्ष्मी जी ने बलि से कहा कि कि मैं आपके उसी प्रहरी की पत्नी हूं उसके सुख-सौभाग्य और गृहस्थी की रक्षा करना भी बलि का भाई होने के नाते धर्म है अतः वह अपने रक्षक को मुक्त कर दें। बलि सब बात समझ गए और प्रभु को मुक्त कर उनके साथ वैकुण्ठ वास की सहमति दे दी, परंतु इसके साथ ही उन्होंने लक्ष्मीजी से आग्रह किया कि जब बहन-बहनोई उनके घर आ ही गए हैं तो कुछ मास और वहीं ठहर जाएं।

लक्ष्मीजी ने उनका आग्रह मान लिया और श्रावण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) से कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि (धनतेरस) तक विष्णु और लक्ष्मीजी वहीं पाताल लोक में राजा बलि के यहां रहे। धनतेरस के बाद प्रभु जब लौटकर वैकुण्ठ को गए तो अगले दिन पूरे लोक में दीप-पर्व मनाया गया।

माना जाता है कि प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन से धनतेरस तक विष्णु लक्ष्मी संग राजा बलि के यहां रहते हैं। यही वह समय राजा बलि महाबलीपुरम वापस लौटते हैं। यही समय है जब केरल में ओणम मनाया जाता है जो महाबली के वापस आने का द्योतक है।

'येन बद्धो बलि राजा, दानवेन्द्रो महाबल: ,
तेन त्वाम् अभिबद्धनामि रक्षे माचल माचल:।

और हां राखी का मुहूर्त आपके कुल पुरोहित बताएं, मां बताए, दादी या बाबा बताएं वही सही है। मुहूर्त से ज्यादा महत्वपूर्ण भाव है।राखी पर यह कहानी और यह श्लोक बच्चों को जरूर सुनाएं ताकि वे हुमायूँ सिंड्रोम से मुक्त रहें।

A K Suryavanshi

Shivpriya Anshu Singer

!! सुखवा में लूकवा लागल !!जिला भोजपुर के दियरा,थाना शाहपुर के नियरा नाव गांव जवईनींया, भूतवलू हो गंगाजी  गांव में लागल ढ...
05/08/2025

!! सुखवा में लूकवा लागल !!

जिला भोजपुर के दियरा,थाना शाहपुर के नियरा
नाव गांव जवईनींया, भूतवलू हो गंगाजी

गांव में लागल ढाही,मची गइल बहुत तबाही
सुखवा में लूकवा, लगवलू हो गंगाजी

पानी में ढुकलऽ घरऽ, ढरे लोर ढरऽ - ढरऽ
भगीया में अगिया, लगवलू हो गंगाजी

खेत खरिहान बहल, कोठवा, अटारी, महल
नाहीं जात सहल, धन डुबवलू हो गंगाजी

देह पर सटलु पेवनऽ, पेट में लगवलू लेवन
भूखे पेट राखके, मुअवलू हो गंगाजी

भईल कवन भारी चूक,मिलल अजय अइसन हुक
छतीया पर बतीया,जरवलू हो गंगाजी


#जवईनींया

   एक लड़की है...मुंबई में रहती है। हिंदी साहित्य से ऑनर्स किया है, फिर जर्नलिज्म। निब पेन से देवनागरी में गाने लिखती है...
29/07/2025



एक लड़की है...

मुंबई में रहती है। हिंदी साहित्य से ऑनर्स किया है, फिर जर्नलिज्म। निब पेन से देवनागरी में गाने लिखती है। शराब नहीं पीती। सिगरेट नहीं पीती। क्रिएटिव इंडस्ट्री में होने के बाद भी सिगरेट में भरकर गांजा नहीं पीती। पेरेंट्स के साथ घर पर रहती हैं। रात साढ़े आठ बजे तक हर हाल में घर लौट जाती है। बिल्कुल धीरे-धीरे बोलती है। स्लीव वाली प्रिंटेड कुर्तियां पहनती है। महिला सशक्तिकरण का झंडा बुलंद नहीं करती। मल्टीपल रिलेशनशिप में नहीं हैं। सुईयों वाली लेडीज घड़ी पहनती है। सबसे ऊपर बेइंतहा खूबसूरत है...ऐसी लड़की किस लड़के को नहीं चाहिए?

एक लड़का है...

बेहद टैलेंटेड है। कंप्रोमाइज नहीं करता। रीढ़ की हड्डी है। सुंदर भी है, केयरिंग भी। मां नहीं है। बाप शराबी है। यानी परिवार नहीं है। प्रेमिका के नखरे उठाता है। जब करियर और प्रेम में एक को चुनना है तो प्रेम को चुनता है। बीमार प्रेमिका को अलार्म लगाकर दवाइयां देता है। बाइक में कपड़े से बांधकर अपने साथ बैठाता है। पहली डेट में हिज प्लेस या हर प्लेस की बात नहीं करता। रॉकस्टार जैसा रुतबा होने के बाद कोई और लड़की जीवन में नहीं है। सब कुछ होने के बाद पागलों की तरह प्रेमिका को खोजता है। उस प्रेमिका जो उसका नाम, पहचान सब भूल गई है। ऐसा लड़का किस लड़की को नहीं चाहिए?

सैयारा दरअसल सूरज बड़जात्या की विवाह जैसी फिल्मों का मॉर्डन रिमिक्स वर्जन है। विवाह का हर किरदार वैसा था जैसा वह हो नहीं सकता, पर होना चाहता है। यही सैयारा भी है। हर लड़के को वाणी चाहिए और हर लड़की को कृष। फ़िल्म देखने गए लाखों कृष और वाणी जानते हैं कि कहीं कोई कृष या वाणी नहीं है वो तो बिल्कुल नहीं है जिसके साथ वह टिकट खरीदकर फिल्म देखने आई या आया है। फ़िल्म मोहब्बत की एक आदर्श दुनिया पेश करती है, आदर्श किसे पसन्द नहीं आते?

फ़िल्म के पास और तमाम सारे आदर्श हैं। अरसे बाद किसी प्रेम कहानी में आंसुओं का इस्तेमाल है। अरसे बाद चीख-चीखकर आई लव यू की घोषणा नहीं है। अरसे बाद किसी प्रेम संबंध में बेवफाई वाला एंगेल नहीं है। अरसे बाद सेक्स सीन पटकथा और गानों में जान बूझकर गूथे नहीं गए। अरसे बाद एक्ट्रेस के शरीर के कटाव पर कैमरा रेंग नहीं रहा होता है।

एक फिल्म के तौर पर ढेरों खामियां बटोरे यह फिल्म अपने क्लाइमेक्स में बेहद प्रेडिक्टेबल और हल्की हो जाती है। इतनी कि लगा कि हम थ्री इडियट को फिर से देख रहे हैं। रैंचो का मनाली में मिलना निश्चित ही था। सैयारा फिल्म के दौरान बहुत सारे लोग रोते हुए दिखे। कुछ रील बनाने के लिए और कुछ असली में। इस फिल्म के पास निश्चित ही रुलाने जैसी इंपैक्टफुल कहानी नहीं थी, न ही लिखावट। पर जिन दो चेहरों को यह फिल्म अपने साथ रखती है वह इस रोल में इतने ईमानदार लगते हैं कि हमें उनसे एक तरह का जुड़ाव सा लगता है।

यह फिल्म कई सारी हिंदी फिल्मों का कॉकटेल भी है। एक सामान्य सिनेमा दर्शक यह बता देगा कि यह फिल्म एक साथ कितनी फिल्मों से प्लाट उठाती है। बावजूद इसके यह फिल्म फ्रेश लगती है। जब ऐसी फिल्म किसी दर्शक को फ्रेश लगे तो यकीन मानिए कि हमारे पास घिसी पिटी कहानियों से ज्यादा ‌घिसे पिटे चेहरों का संकट है, जो उकताहट के हद तक खुद को रिपीट किए जा रहे हैं।

सयारा देखनी चाहिए। इन दो लड़के और लड़कियों के लिए. गाने अच्छे हैं। उससे सुंदर फिल्माएं गए हैं...

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥संक्षेप में, मंत्र का अर्थ है: ॐ:यह एक पवित्र ध्वनि है जो ब्...
28/07/2025

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

संक्षेप में, मंत्र का अर्थ है:
ॐ:
यह एक पवित्र ध्वनि है जो ब्रह्मांड की शुरुआत का प्रतीक है.
तत्पुरुषाय विद्महे:
हम उस महान पुरुष (महादेव) को जानते हैं.
महादेवाय धीमहि:
हम उन महान देव (महादेव) पर ध्यान करते हैं.
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्:
वह रुद्र (शिव) हमें प्रेरित करें.

यह मंत्र भगवान शिव की स्तुति और उनसे ज्ञान और मार्गदर्शन प्राप्त करने की एक प्रार्थना है.

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25/06/2025

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