05/11/2023
उस गली ने ये सुन के सब्र किया
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं
मेरी बाँहों में बहकने की सज़ा भी सुन ले
अब बहुत देर में आज़ाद करूँगा तुझ को
हर शख़्स से बे-नियाज़ हो जा
फिर सब से ये कह कि मैं ख़ुदा हूँ