26/01/2026
ख़्वाब
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ना साम्प्रदायिकता की आग हो,
ना नफरत का धुँवा,
ना धर्मों के बीच कलह को सुलगाये,
आओ आज ऐसा गणतंत्र दिवस मनाये।
ना किसी भूखे बच्चे की आंखों में बरसात हो,
ना ऐसी हवा हो, की कुरूतियों में लिप्त हर सांस हो,
चलो थोड़ा सुधारे हम खुद को,
अन्याय से लड़ने हम सब हाथ मिलाये,
आओ आज ऐसा गणतंत्र दिवस मनाये।
भ्रस्टाचार के वृक्ष को जड़ से काटें,
खत्म कर दें उन संभावनाओ को,जो इंसान को इंसान से बांटे,
धर्म-जाति वर्ण-लिंग के भेद को मिटाये,
आओ आज ऐसा गणतंत्र दिवस मनाये।
सत्ता को खेल समझने वालों के हाथों से छीने बागडोर,
जनता को अपने हक़ के लिए न करनी पड़े दर दर भाग दौड़,
जन जन के मन को चलो आज जगाये,
आओ आज ऐसा गणतंत्र दिवस मनाये।
देश प्रगति की रौशनी में और बढ़े,
चलो थोड़ा कर प्रयास एक स्वच्छ वतन हम गढ़े,
आओ मिलकर ऐसा अभिनव भारत बनाये,
आओ आज ऐसा गणतंत्र दिवस मनाये।
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आप सभी को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।।