Kavi ashok dhakarey

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लीजिए मित्रो प्रस्तुत है एक आशावादी गीत। मनुष्य को अपने जीवन में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए। गिर कर उठना मनुज धर्म हैअ...
13/04/2025

लीजिए मित्रो प्रस्तुत है एक आशावादी गीत। मनुष्य को अपने जीवन में कभी भी निराश नहीं होना चाहिए।
गिर कर उठना मनुज धर्म है
असफलता आती जीवन में,इससे न घबराना है।
गिर कर उठना मनुज धर्म है ,इसको हमें निभाना है।।

जेल के अंदर जन्म लिया था, चक्र सुदर्शन धारी ने।
उग्रसेन महाराज बचाए,देवकी पुत्र मुरारी ने।
बढ़ा अधर्म धरा पर, प्रभु ने धर्म हेतु अवतार लिया।
किया कंस विध्वंस, सज्जनों को कष्टों से वार दिया।
मिला राम वनवास, पिता की आज्ञा से वन चले गए।
किया असुर संहार,और फिर रावण से वो छले गए।
रावण का वध किया,सनातन ध्वज जग में लहराया था।
वनवासी जीवन में भी हरि,अपना फर्ज निभाया था।
राम कृष्ण से हों प्रेरित,हमको ऐसा कर जाना है।
गिर कर उठना मनुज धर्म है,इसको हमें निभाना है।।

पांडव हार गए थे सब कुछ, उसे शौर्य से पाया था।
भागीरथ भी गंगा को भू पर, निज तप से लाया था।
ऋषियों ने जो शोध किए,वेदों की रचना कर डाली।
सनातनी शिक्षा से जन मानस में शिक्षा भर डाली।
ध्रुव भक्ति ने अंतरिक्ष में, उच्च स्थान बना डाला।
और भक्ति में प्रह्लाद ने, नव इतिहास रचा डाला।
शबरी ने निज राम भक्ति से, उच्च परम पद पाया था।
सूरदास,मीरा,कबीर और तुलसी ने यश गाया था।
तूफानों से टकराकर भी,हमको बढ़ते जाना है।
गिर कर उठना मनुज धर्म है,इसको हमें निभाना है।।

चींटी चढ़ती फिर गिरती है,और अंत में चढ़ जाती।
और हिमालय की चोटी पै,अपनी सेना बढ़ जाती।
लाल बहादुर संघर्षों में, देश के पी एम बन जाते।
और कलाम मिसाइल मानव,बड़े मान से कहलाते।
रामानुजन गणित के सपने,सोते में देखा करते।
वैज्ञानिक गिर गिर कर सबका,जीवन धन्य किया करते।
भगत सिंह,शेखर,सुभाष ने,कभी नहीं हिम्मत हारी।
हंस के चूमा फंदे को, और बिसराई दुनियां सारी।
ये जीवन अनमोल मिला है,इसको सफल बनाना है।
गिर कर उठना मनुज धर्म है,इसको हमें निभाना है।।

आज बेटियों ने इस जग में,ऊंचा नाम कमाया है।
धरती माता गर्व कर रही,यश अंबर तक छाया है।
वही कल्पना व्योम सुता बन,अंतरिक्ष में जा पंहुची।
और सुनीता विलियम भी तो,अंतरिक्ष में जा पंहुची।
गीता फोगट,साक्षी ने, खेलों में नाम कमाया है।
इंदिरा नूई और पाल बछेंद्री ने,निज ध्वज फहराया है।
मेरीकॉम शक्ति के बल पर,नित्य नए इतिहास रचे।
महिलाओं के बल पर ही तो अपने ये परिवार बचे।
त्याग, तपस्या,बलिदानों का, हमको पाठ पढ़ाना है।।
गिरकर उठना मनुज धर्म है,इसको हमें बचाना है।।
अशोक कुमार सिंह धाकरे।
अशोक कुमार सिंह धाकरे
कवि एवं साहित्य कार
भरतपुर,राजस्थान

12/04/2025

श्री हनुमान जन्मोत्सव पर आप सभी को हार्दिक शुभ कामनाएं।श्री हनुमान जी आप पर सदैव कृपा बनाए रखें।

राम काज किए बिना नहीं किया विश्राम,
हृदय बसत सीता राम भगवान हैं।
लखन जती के जब लागा शक्ति बाण तब,
लाय संजीवनी बचाए तुम प्राण हैं।
शोक किया दूर मात जानकी का हे कपीश,
करे रोग दूर नाम,आपका महान है।
संकट पवन सुत विश्व माहिं चहुं दिशि,
मेंटो इसे आप शक्ति मान हनुमान हैं।।

अंजनी के नंदन पवन सुत हनुमत,शंकर स्वयं प्रभु आप तो महान हैं।
हरते हो दुख और सुख के प्रदाता आप,देवों के हैं देव साक्षात भगवान हैं।
राम जी के भक्त और जानकी के दास तुम,करते हैं आपका सभी ही गुणगान हैं।
अतुलित बल धाम करुणा के आप पुंज,केसरी के सुत तुम्हें सहस प्रणाम है।।
अशोक कुमार सिंह धाकरे कवि एवं साहित्यकार

22/03/2025

भरतपुर में शाफ़्ट बाल खेल की संस्थापक ठा0 स्व0 कन्हैया सिंह चौहान की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की।

भारत की बेटी सुनीता विलियम्स के अंतरिक्ष स्पेस से आठ महीने बाद धरती पर सुरक्षित वापसी पर उनके सम्मान में प्रस्तुत है एक ...
20/03/2025

भारत की बेटी सुनीता विलियम्स के अंतरिक्ष स्पेस से आठ महीने बाद धरती पर सुरक्षित वापसी पर उनके सम्मान में प्रस्तुत है एक मुक्तक

आज सुनीता विलियम ने, भारत को नव सम्मान दिया।
अंतरिक्ष में रहकर, जग में सबसे दुर्गम काम किया।
प्रज्ञा वान सुनीता बेटी,नहीं किसी से ये कम हैं।
जीवित रहकर रही स्वर्ग में,व्योम सुता का नाम दिया।।
अशोक कुमार सिंह धाकरे

विचारणीयएक बेटी भारत माता की,जिसे रूप उपहार मिला।नयन मिले सुंदर उसको,संग और मृदुल व्यवहार मिला।महा कुंभ में मन के दुर्गु...
21/01/2025

विचारणीय
एक बेटी भारत माता की,जिसे रूप उपहार मिला।
नयन मिले सुंदर उसको,संग और मृदुल व्यवहार मिला।
महा कुंभ में मन के दुर्गुण,कर स्नान दूर करते।
कुछ लोगों में आसक्ति का, एक नया संसार मिला।

बर्फ सरीखा पिघलेगा, जीवन एक दिन मिट जाएगा।
प्राण देह से निकलेगा,पंछी एक दिन उड़ जाएगा।
अगर वासना बेटी के, सौंदर्य बोध में दिखती है।
मोनालिसाओं का जीवन फिर, खतरे में पड़ जाएगा।।
अशोक कुमार सिंह धाकरे

भरतपुर के वीर शिरोमणि राजा ख़ेम करन सोगरिया के जयंती समारोह के अवसर पर मुझे सम्मानित किया गया।समाज का हार्दिक आभार।
15/01/2025

भरतपुर के वीर शिरोमणि राजा ख़ेम करन सोगरिया के जयंती समारोह के अवसर पर मुझे सम्मानित किया गया।समाज का हार्दिक आभार।

लोहागढ़ के संस्थापक अजेय योद्धा,हिंदू धर्म रक्षक वीर शिरोमणि महाराजा सूरज मल के बलिदान दिवस पर सादर श्रद्धांजलि।बदन सिंह...
26/12/2024

लोहागढ़ के संस्थापक अजेय योद्धा,हिंदू धर्म रक्षक वीर शिरोमणि महाराजा सूरज मल के बलिदान दिवस पर सादर श्रद्धांजलि।
बदन सिंह महाराजा के सुत,सूरजमल बलवीर हुए।
कभी नहीं हारे शत्रु से, रण विजयी रणधीर हुए।
लोहागढ़ नरेश को आओ,हम सब आज नमन करलें।
सदा अजेय रहे भारत में,वो ऐसी शमसीर हुए।

जन नायक हिंदू नायक थे,दया धर्म से राज किया।
ध्वज फहराया सनातनी और, पीड़ित जन का काज किया।
गौरव गान हुआ भारत में,लोहा सबने माना था।
लोहागढ़ की करी थापना,लोहागढ़ सरताज किया।
अशोक कुमार सिंह धाकरे कवि एवं साहित्यकार
भरतपुर।

कुं० रेगन सिंह राठौड़ आप अपने स्व० पिता श्री के एन सिंह जी राठौड़ के पदचिन्हों पर चलो।हमारा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है।
24/12/2024

कुं० रेगन सिंह राठौड़ आप अपने स्व० पिता श्री के एन सिंह जी राठौड़ के पदचिन्हों पर चलो।हमारा आशीर्वाद तुम्हारे साथ है।

पंच दिवसीय दीपोत्सव पर आप सभी को सपरिवार हार्दिक शुभ कामनाएं।तभी दीपावली जब घर गरीबों के उजाले हों। करे लक्ष्मी कृपा वर्...
30/10/2024

पंच दिवसीय दीपोत्सव पर आप सभी को सपरिवार हार्दिक शुभ कामनाएं।
तभी दीपावली जब घर गरीबों के उजाले हों।
करे लक्ष्मी कृपा वर्षा कि इनको भी रसाले हों।
दिवाली सच तभी होगी घरों में महक आजाये।
सही ये पात्र हैं धनके इन्हीं के घर रसाले हों।

इन्हीं श्रम सीकरों से ये इमारत हैं खड़ीं होतीं।
मगर खुद के घरों में झोपड़ीं टूटी पड़ीं होतीं।
विधाता भाग्य के सबके अभावों में पड़े रहते।
विषमताएं हैं जीवन में सदा आगे अड़ीं रहतीं।

इन्हें भी कुछ कृपा की कोर के वरदान मिल जाएं
सलोने स्वप्न जो देखे उन्हें अरमान मिल जाएं।
महक जाए जो बगिया एक छोटी सी सँवारी है।
अमीरी का इन्हें भी कुछ तो माँ अभिमान मिल जाये।

सभी मिल जुल रहें तो मित्र तब सच्ची दिवाली है।
अंधेरा दूर हो सबका तो फिर सच्ची दिवाली है।
नहीं कोई रहे भूखा न कोई माँ परेशां हो।
न हो आतंक भारत में तो फिर सच्ची दिवाली है।

जलाएं दीप गौरव के,उजाला विश्व में लाएं।
बढ़े सद्भाव जीवन में,खुशी के गीत हम गाएं।
गुरु हो विश्व का भारत,सनातन की ध्वजा फहरे।
दिवाली शुभ सभी को हो,सभी के घर खुशी आएं।
अशोक धाकरे

03/10/2024

भरतपुर के समाज सेवी स्वर्गीय श्री भगवत प्रसाद कटारा जी की प्रथम पुण्यतिथि पर उनके आवास पर काव्य श्रद्धांजलि काव्य गोष्ठी का आयोजन हुआ।जिसमें भरतपुर शहर एवं डीग के कवियों ने काव्य प्रस्तुति दी।
भगवत प्रसाद कटारा जी

जिन्होंने मानव सेवा का व्रत, जीवन में था धार लिया।
जिन्होंने असहाय, गरीबों की, सेवा करके उद्धार किया।
वो भगवत प्रसाद कटारा,एक सितारे चले गए।
पितृ हीन बेटी के देखो,एक सहारे चले गए।।

जिनके मुख पर ही सदैव,रहती थी मुस्कानी रेखा।
जिनको सबने ही सदैव,परहित सेवा में रत देखा।
हाथ किए पीले ललनाओं के,सुहाग वरदान दिया।
वस्त्र,अन्न,मिष्ठान्न दिए,माताओं का सम्मान किया।।

शिक्षक,और चिकित्सक,अभियंता,कवियों को मान दिया।
समाज सेवी,और शहीदों का, सदैव गुणगान किया।
गरीब के थे एक सहारे,भगवत नाम कटारा था।
सदा सहाय बने उसके थे, जो विपदा का मारा था।

यश सम्मान मिला उसको, जो सेवा के हित जीता है।
बांट दूसरों को सुख अविरल,अश्रु दुखों के पीता है।
वृक्ष कभी निज फल नहीं खाता, ताल नीर नहीं पीता है।
मानव वही कहाता है जो,औरों के हित जीता है।।

त्याग और करुणा की जग में,अनुपम रही कहानी है।
नश्वर जग में यश गाथा ही,होती अमर निशानी है।
भगवत प्रसाद कटारा जी को, आओ सभी नमन करलें।
स्मृति दिवस पर मिलकर के,काव्यांजलि से वंदन करलें।।
अशोक धाकरे।
दिनांक--03--10--2024

31/05/2024

आज 31 मई है तंबाकू निषेध दिवस।इस अवसर पर आओ तंबाकू एवं अन्य हानिकारक नशा त्यागने का संकल्प लें।

जीवन है अनमोल रतन ये, इसको हमें बचाना है।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा, इसको स्वस्थ बनाना है।।

धूम्र पान से श्वास, रोग; क्षय रोग हो रहे हैं निस दिन।
और तंबाकू कैंसर करती,रोग बढ़ाती है अनगिन।
ये लत जन में शारीरिक और मानसिक व्याधि बढ़ाती है।
मद्यपान मानव की इज्जत मिट्टी में मिलवाती है।
इसके सेवन से तन मन धन, सुबकुछ ही लुट जाना है।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा, को,इसको स्वस्थ बनाना है।।

भाँग, धतूरा हेरोइन, और-चरस बड़े दुखदायी हैं।
पिज्जा, बर्गर, फास्ट फूड के बने सभी अनुयायी हैं।
इन सबके सेवन से स्वास्थ्य बर्बाद होरहा है।
अनजाने में जनजीवन ये काल का ग्रास होरहा है।
खुद त्यागें ये जहर, त्यागना सबको हमें सिखाना है।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा; इस को स्वस्थ बनाना है।
अशोक कुमार सिंह धाकरे

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