PANKH - Hauslon ki Udaan

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मेरी कविताएँ संवाद हैं,जिसकी पटकथा तुम हो, जिसे फिल्माया जाएगा स्वर्ग में ताकि देखने आ सकें लैला मजनू, हीर रांझा। -आदर्श...
23/12/2021

मेरी कविताएँ संवाद हैं,
जिसकी पटकथा तुम हो,
जिसे फिल्माया जाएगा स्वर्ग में
ताकि देखने आ सकें
लैला मजनू, हीर रांझा।
-आदर्श आहिल
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ज़िंदगी जीने का जज़्बा देखिए तो,पेड़ ये आधा जला आधा हरा है।सामना बस इसलिए मैं चाहती हूँ,देखना हैं ज़ख्म वो कितना हरा है।...
16/12/2021

ज़िंदगी जीने का जज़्बा देखिए तो,
पेड़ ये आधा जला आधा हरा है।

सामना बस इसलिए मैं चाहती हूँ,
देखना हैं ज़ख्म वो कितना हरा है।
-सोनू रोहित सोना
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इक अंगूठी ले न पाएं उतने में उसके लिए,जोड़ रखे थें जो पैसे ज़ेब खर्चे काट कर।हम नदी के दो किनारे; मिलना तो मुमकिन नहीं,प...
14/12/2021

इक अंगूठी ले न पाएं उतने में उसके लिए,
जोड़ रखे थें जो पैसे ज़ेब खर्चे काट कर।

हम नदी के दो किनारे; मिलना तो मुमकिन नहीं,
पर मिलेंगे एक दिन दोनों किनारे काट कर।
- अंकित मौर्य
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इश्क हुआ नाक़ाम तो सबने ये बोलाफिर एक लड़के को एक लड़की ले डूबी।-विनीत शंकरGo and grab your copies to read more such ghazal...
13/12/2021

इश्क हुआ नाक़ाम तो सबने ये बोला
फिर एक लड़के को एक लड़की ले डूबी।
-विनीत शंकर
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12/12/2021

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11/12/2021

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"पंख" - हौसलों की उड़ान पिछले कई वर्षों से कलाकारों के लिए लगातार कुछ न कुछ नया लेकर आता रहा है और इस किताब के माध्यम से...
14/11/2021

"पंख" - हौसलों की उड़ान पिछले कई वर्षों से कलाकारों के लिए लगातार कुछ न कुछ नया लेकर आता रहा है और इस किताब के माध्यम से हमने इसी काम को आगे बढ़ाने का प्रयास किया है। इस किताब के सभी रचनाकार युवा पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करते हैं और उनकी रचनाओं में एक नई सोच, लेखन के नए आयाम और नई बात साफ़ तौर पर नज़र आती है।
"पंख"- हौसलों की उड़ान तमाम साहित्य प्रेमियों के लिए एक ऐसी किताब लेकर आया है जिसमें वे अपने पसंदीदा युवा रचनाकारों को पढ़ पाएंगे और उनकी रचनाओं का आनंद ले पाएंगे। इस किताब में आपको जीवन के बहुत सारे पहलुओं को समेटे और उनका चित्रण करती कविताएं, गीत और ग़ज़लें मिल जाएंगी। हमें उम्मीद है के कविताओं और शायरी से प्यार करने वालों को हमारा यह प्रयास ज़रूर पसंद आएगा।
हमारे हौसलों को उड़ान देने के लिए .of.thoughts
पब्लिशिंग हाउस का बहुत बहुत धन्यवाद। ❤️
साथ ही उन सभी रचनाकारों का शुक्रिया जिन्होंने इस उड़ान को पंख लगाए है। ❤️kumarshivam .vinit

Do join us for Masti ki Pathshala ❤️
05/09/2021

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ये पदक किसी गोल्ड से कम नही है । 41 साल बाद पदक जीतने पे सभी को बधाई ।
05/08/2021

ये पदक किसी गोल्ड से कम नही है । 41 साल बाद पदक जीतने पे सभी को बधाई ।

लगती हो रात में प्रभात की किरन-सीकिरन से कोमल कपास की छुअन-सीछुअन-सी लगती हो किसी लोकगीत कीलोकगीत, जिसमें बसी हो गंध प्र...
20/06/2021

लगती हो रात में प्रभात की किरन-सी
किरन से कोमल कपास की छुअन-सी
छुअन-सी लगती हो किसी लोकगीत की
लोकगीत, जिसमें बसी हो गंध प्रीत की
प्रीत को नमन एक बार कर लो प्रिय
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिय

प्यार ठुकरा के मत भटको विकल-सी
विकल हृदय में मचा दो हलचल-सी
हलचल प्यार की मचा दो एक पल को
एक पल में ही खिल जाओगी कमल-सी
प्यार के सलोने पंख बांध लो सपन में
सपन को सजने दो चंचल नयन में
नयन झुका के अपना लो किसी नाम को
किसी प्रिय नाम को बसा लो तन-मन में
मन पे किसी के अधिकार कर लो प्रिय
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिय

प्यार है पवित्र पुंज, प्यार पुण्यधाम है
पुण्यधाम, जिसमें कि राधिका है श्याम है
श्याम की मुरलिया की हर गूंज प्यार है
प्यार कर्म, प्यार धर्म, प्यार प्रभुनाम है
प्यार एक प्यास, प्यार अमृत का ताल है
ताल में नहाए हुए चन्द्रमा की चाल है
चाल बनवासिन हिरनियों का प्यार है
प्यार देवमंदिर की आरती का थाल है
थाल आरती का है विचार कर लो प्रिय
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिय

प्यार की शरण जाओगी तो तर जाओगी
जाओगी नहीं तो आयु भर पछताओगी
पछताओगी जो किया अपमान रूप का
रूप-रंग-यौवन दोबारा नहीं पाओगी
युगों की है जानी-अनजानी पल भर की
अनजानी जग की कहानी पल भर की
बस पल भर की कहानी इस रूप की
रूप पल भर का, जवानी पल भर की
अपनी जवानी का सिंगार कर लो प्रिय
एक बार जीवन में प्यार कर लो प्रिय|
©️देवल आशीष
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