07/03/2019
कितना भी भाजपा का विरोध कीजिये, मोदी का विरोध कीजिये, इनके ख़ुद के हाथ से निकलते हुवे इनके समर्थकों का विरोध कीजिये.. मगर एक बात हमेशा ध्यान में रखिये कि "आतंकवाद" अभी भी एक विश्वव्यापी समस्या है और पाकिस्तान अभी भी आतंक का गढ़ है
इधर कुछ दिनों की हमारी और आपकी "say no to war" वाली भावनाओं की वजह से ना तो आतंकियों का दिल बदला है और न पाकिस्तान के इरादे.. उनकी सेना का एक ही लक्ष्य था और रहेगा, और वो है "भारत की बर्बादी".. वहां की जनता में भले हम और आप जैसे ही लोग हों मगर नीतियां जनता नहीं बनाती है.. और उन जनता के बीच बहुत बड़े पैमाने पर अभी भी आतंकी इस्लामिक जिहाद लिए ग़ज़वाये हिन्द के ख़्वाब देखते रहते हैं.. उनका एक ही लक्ष्य है.. और उस लक्ष्य में हम सब हिंदुस्तानी उनके दुश्मन ही हैं
बड़ी बारीक सी लकीर है हमारे और पाकिस्तानियों के साथ संबंधों और भावनाओं के बीच.. क्योंकि वो भी यहीं से ही गये हैं, यहीं की बोली बोलते हैं, हमारे तरह ही जीते हैं, इसलिए उनको लेकर भावनाओं के उबाल में बह जाना हम सबके लिए बड़ा आसान होता है.. मगर हमेशा ध्यान रखिये कि उनका हित उनके देश मे है, उसे सपोर्ट करने में और हमारा हमारे अपने देश में और अपने देश को हर हाल में सपोर्ट करने में है
इसलिए उबाल खाती भावनाओं के बीच अपने भीतर टटोलते रहिये.. हमारे अपने यहीं सब हैं, इसी देश में.. यहां के लोग और यहां के नेता.. यही सब अपने हैं.. इन्हीं से लड़ के, भिड़ के, हमें जीतना है जीना है.. नौकरी इन्हीं से मांगनी है, धर्म के नाम पर भी इन्हीं से लड़ना है और इन्हीं को सही करना है और ख़ुद की ग़लतियों को भी सुधारना है
मैं देख रहा हूँ कि हमारे नौजवान भटक जाते हैं इन उबाल खाती भावनाओं के चक्कर में.. इसलिए अपने आसपास के नौजवानों को समझाते रहिये.. आप प्रौढ़ हैं तो भावनाओं पर नियंत्रण पा लेते हैं मगर नौजावान ऐसा नहीं कर पाता है.. इसलिए उसे याद दिलाते रहिये कि प्रेम यहीं से, यहीं के लोगों से, यहां की मिट्टी से करते हुवे सत्ता का विरोध करें