25/03/2026
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी॥
ॐ देवी कालरात्र्यै नमः॥
सप्तमी नवरात्रि पूजा - माँ कालरात्रि🙏🚩
नवरात्रि के सातवें दिन देवी के उग्र और रक्षक रूप माँ कालरात्रि की पूजा की जाती है। यह रूप अज्ञान, भय और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाला माना जाता है। माँ कालरात्रि का स्वरूप - रंग काला (अंधकार का नाश करने वाला), वाहन गर्दभ (गधा), भुजाएँ 4 - एक में खड्ग (तलवार)⚔️, एक में लोहे का कांटा (वज्र/कंटक), अन्य दो हाथ अभय और वरद मुद्रा में, गले में विद्युत जैसी माला, तीन नेत्र, खुली जटाएँI सभी प्रकार के भय और बाधाओं का नाश करने वाली माता महाकाली शत्रु एवं नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती हैं, आत्मबल, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि करती हैं🙏🏻😇 जय माता दी🙏🏻😇🚩