Pndit Rambola Tiwari

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22/08/2024

बहन बेटियों, सावधान

जब कोई रिश्तेदार मामा चाचा ताऊ फूफा मौसा पड़ोसी कज़िन भैया आदि प्रकार का रिश्ता किनारे रख कर तुमसे कहने लगे "रिश्ते अपनी जगह ,पर मैं तो तुम्हें अपनी फ्रेंड मानता हूँ।

तुम एक मॉर्डन गर्ल हो आज के ज़माने की तो पुराने टाइप के रिश्ते मत मानो।

"तो अपने माता पिता भाई को बता दो,,, क्योंकि उनकी नियत में खोट है।
फेसबुक के फ्रेंड किसी फ्रेंडशिप के प्रतीक नहीं हैं । फेसबुक फ्रेंड मतलब फालतू के फ्रेंड, सिर्फ ऑनलाइन हैं ये,,,,इनसे जिंदगी पर तब तक कोई फर्क नही जबतक असल जिंदगी में न मिलो।

अतः फेसबुक पर उनकी फ्रेंड रिक्वेस्ट को संदेह से न देखो,,,,
पर इनबॉक्स और व्हाट्सअप में वीडियो कोटेशन शेयर करने लगें तो सावधान।

पुरुषों के हथकंडे -
वे तुमसे ऐसे बातें करेंगे कि दर्द आंखों से छलक पड़े
स्वयं को अपनी पत्नी के पिछड़ेपन से त्रस्त दिखाएंगे
खुद हैंडसम बने रह कर जताएंगे कि बहुत पुराने विचारों की पत्नी मिली है,दर्द किससे कहे,,,,,,

तुम अगर कह बैठी कि मुझसे कहिये,में हूँ न तो बस तुम्हारा जीवन उनके हवाले हो गया।

पत्नी को बीमार बता सकते हैं
पत्नी के अवैध संबंधों की झूठी बात बता कर सहानुभूति लूटेंगे,,,
तुम्हें सुंदर और इंटेलीजेंट बता कर काबू करेंगे,,,,
तुम में उन्हें अचानक ऐश्वर्या सानिया कल्पना चावला दिखने लगेगी।
तुम्हारी ममी पापा की ज़्यादा केअर शुरू करेंगे,,,,

तुम्हें वो गिफ्ट करना शुरू करेंगे जो पापा नहीं दे सकते
कोई कुछ कहेगा भी नहीं
उनसे रिश्ता ही ऐसा है अचानक गिफ्ट बढ़ जाएं
कपड़े ज़्यादा प्राप्त होने लगें घर आना जाना बढ़ जाये
तुम्हें एग्जाम दिलाने वे स्वयं जाने लगे।

सावधान

कोई पुरुष रिश्ते की आड़ में तुम्हें लूटने की तैयारी में है।
अच्छी नियत वाले भी अलग दिख जाते हैं,,सबसे सुरक्षित रहें।।।
मां बाप सगे भाई बहन के अलावा कोई हितैषी नही।।।

पंडित रामबोला सनातनी

01/06/2024

एक बार एक लड़की से मुझे प्रेम हुआ। वो मेरे साथ भागने तक को तैयार थी। सबको छोड़ने को तैयार थी |
उसके पिता को यह रिश्ता मंजूर नही था और उन्होंने लड़की की शादी किसी और से तय कर दी ! 😢

मैं उससे मिलने अंतिम बार उसकी शादी के दिन गया, लड़की दुल्हन के जोड़े में कमरे में बैठी थी,
बहुत सुंदर लग रही थी,
मैंने उससे कहा भी तुम सच मे परी लग रही हो !
उसने मेरे शर्ट का कालर खिंचकर मुझसे कहा कि मर्द हो तो मुझे अभी के अभी भागकर ले चलो !

मैं शांत था, लेकिन फिर बोला-----😢😢

सुनो ! मेरे प्यार से ज्यादा जरूरी तुम्हारे बाप की इज्जत है | इस बात का सदैव ध्यान रखना ! मैं तुम्हे प्यार तो करता हूँ, लेकिन उतना नहीं करता जितना तुम्हारे पिता तुमसे करते है | और हाँ ! अगर तुमने मुझसे सच मे प्यार किया है तो तुम कहीं नही भगोगी और शादी कर रिश्ते को ऐसे निभाओगी जैसे मैं तुम्हारी जिंदगी में कभी था ही नहीं !

खैर !

कई वर्ष बीत जाने के बाद भी उससे बात नहीं हुई | लेकिन अब वो बहुत खुश है और कहती भी की हम लोगो ने जो निर्णय लिया वो सबसे अच्छा था | शायद मैं कमज़ोर पड़ गयी थी, लेकिन तुमने मुझे सम्भाल लिया |
और आज सब कुछ बेहतर है |

नोट- प्यार जरूरी तो है , लेकिन उतना भी नही की परिवार का सम्मान दांव पर लगा हो।
पिता की पगड़ी का सवाल हो !
प्यार से ज्यादा भी जरूरी कई काम है, किसी एक के लिए ये दुनिया छोड़ देना सही नही,
प्यार बहुत कुछ है,
लेकिन सब कुछ नहीं,

✍️💕💕💕💕
पंडित राम बोल तिवारी की कलम से

01/06/2024

पापा की परिया (बेटियों)जो घर से भाग जाती हे उन सभी के नाम सूंदर सन्देश ''पापा राज बहुत अच्छा है ...
मैं उससे ही शादी करूंगी..वरना !! '
पापा ने बेटी के ये शब्द सुनकर एक घडी को तो सन्न रह गए .
फिर सामान्य होते हुए बोले -'
ठीक है पर पहले मैं
तुम्हारे साथ मिलकर उसकी परीक्षा लेना चाहता हूँ तभी
होगा तुम्हारा विवाह राज से...
कहो मंज़ूर है ?
'बेटी चहकते हुए
बोली -''हाँ मंज़ूर है मुझे ..
राज से अच्छा जीवन साथी कोई हो
ही नहीं सकता..
वो हर परीक्षा में सफल होगा ..
आप नहीं जानते पापा राज को !'
अगले दिन कॉलेज में नेहा जब राज से मिली तो उसका मुंह लटका हुआ था.. राज मुस्कुराते हुए बोला
-'क्या बात है स्वीट हार्ट..
इतना उदास क्यों हो ....
तुम मुस्कुरा दो वरना मैं अपनी जान दे दूंगा .''
नेहा झुंझलाते हुए
बोली -'राज मजाक छोडो ....
पापा ने हमारे विवाह के लिए
इंकार कर दिया है ...
अब क्या होगा ?
राज हवा में बात उडाता
हुआ बोला होगा क्या ...
हम घर से भाग जायेंगे और कोर्ट
मैरिज कर वापस आ जायेंगें .''
नेहा उसे बीच में टोकते हुए बोली
पर इस सबके लिए तो पैसों की जरूरत होगी.. क्या तुम मैनेज
कर लोगे ?'' ''
ओह बस यही दिक्कत है ...
मैं तुम्हारे लिए जान दे सकता हूँ पर इस वक्त मेरे पास पैसे नहीं ...
हो सकता है घर से भागने के बाद हमें कही होटल में छिपकर रहना पड़े..
तुम ऐसा करो, तुम्हारे पास और तुम्हारे घर में जो कुछ भी चाँदी -सोना -नकदी तुम्हारे हाथ लगे तुम ले आना ...
वैसे मैं भी कोशिश करूंगा ...
कल को तुम घर से कहकर आना कि
तुम कॉलेज जा रही हो और यहाँ से
हम फर हो जायेंगे...
सपनों को सच करने के लिए !''
नेहा भोली बनते हुए बोली
-''पर इससे तो मेरी व् मेरे परिवार कि बहुत बदनामी होगी ''
राज लापरवाही के साथ बोला
-''बदनामी , वो तो होती रहती है ...
तुम इसकी परवाह मत करो..''
राज इससे आगे कुछ कहता उससे पूर्व ही नेहा ने उसके गाल पर जोरदार तमाचा रसीद कर दिया..
नेहा भड़कते हुयी बोली
-''हर बात पर जान देने को तैयार बदतमीज़ तुझे ये तक परवाह नहीं जिससे तू प्यार करता है उसकी और उसके परिवार की समाज में बदनामी हो ....
प्रेम का दावा करता है...
बदतमीज़ ये जान ले कि मैं वो अंधी
प्रेमिका नहीं जो पिता की इज्ज़त की धज्जियाँ उड़ा कर ऐय्याशी करती फिरूं .कौन से सपने सच हो जायेंगे ....
जब मेरे भाग जाने पर मेरे पिता जहर खाकर प्राण दे देंगें !
मैं अपने पिता की इज्ज़त नीलाम कर तेरे साथ भाग जाऊँगी तो समाज में और ससुराल में मेरी बड़ी इज्ज़त होगी ...वे अपने सिर माथे पर बैठायेंगें...और सपनों की दुनिया इस समाज से कहीं अलग होगी...
हमें रहना तो इसी समाज में हैं ...
घर से भागकर क्या आसमान में रहेंगें ? है कोई जवाब तेरे पास..
पीछे से ताली की आवाज सुनकर
राज ने मुड़कर देखा तो पहचान न पाया.. नेहा दौड़कर उनके पास
चली गयी और आंसू पोछते हुए बोली -'पापा आप ठीक कह रहे थे
ये प्रेम नहीं केवल जाल है जिसमे फंसकर मुझ जैसी हजारों लडकियां अपना जीवन बर्बाद कर डालती हैं !!''

पंडित राम बोल तिवारी की कलम से
🙏🏻🙏🏻🙏🙏🙏🙏🙏🙏l

16/05/2024

हमारे ज्यादातर उत्तर प्रदेश,बिहार-झारखण्ड तरफ़ बियाह (विवाह)के एक साल भीतर(अंदर) या तीसरे साल गौना होता था तब दुल्हन विदा होकर सुसराल जाती थी।

अब तो खैर सब लड़कियों की विवाह में ही विदाई हो जाती है।

विदाई के पंद्रह दिन पहले से ही माता पिता को रात भर चिंता के मारे नींद नहीं आती थी और बेटी उनसे दूर होने के दुःख से छुप छुप कर रोती थी और धीरे धीरे भोजन कम होने लगता था।

जैसे दिन नजदीक आते थे मामी, बुआ, दूर वाली चाची, दीदी सब आ घर आ जाती हैं।

सब लोग मिलकर रसोई संभाल लेती हैं और बेटी को आराम करने दिया जाता है।

इन फुर्सत के क्षणों में उसे भाभी कभी चुपके से उबटन लगा देती हैं तो कभी हल्दी बेसन लगा देती हैं ताकि लाड़ो का रंग निखर जाए।

साथ में नंदोई का नाम लेकर छेड़ती भी रहती हैं इस चुहलबाज़ी में लाड़ो कभी हंसती है, कभी शर्माती है तो कभी रोकर सभी को रुला देती हैं।

दो तीन दिन पहले से सबकी भूख प्यास मानों खत्म हो जाती है। जो बिटिया को खिलाने जाता है वही बैठकर रोने लगता है।

व्यवस्थाएं करने में कब दिन निकल जाते हैं पता ही नहीं चलता है।

अंगना में नाइन भाभी लाड़ो के पैर में आलता लगाती हैं, बिछिया पहनाई जाती है और कान में कहा जाता है कि धीरे धीरे चलना, छोटे छोटे कदम उठाना, कोई देखने आए तो सबके पैर छुना, मुंह दिखाई के समय आंख बंद रखना।

बिदाई की बेला आते ही बाबू जी घर छोड़कर गाय भैंस के घर की तरफ निकल जाते हैं।

बिटिया का कोछा पूजते समय ही मां की रुलाई छुटने लगती है।

मां बेटी को बड़ी मुश्किल से अलग करके डोली में बैठाकर विदा किया जाता है।

सुसराल पक्ष में तो आज खुशियां छाई हुई है क्योंकि घर में नई बहू आ गई है।

सारे गांव को नेवता दिया गया है।

सारे गांव के लोग बहू भोज खा रहे हैं और बहुरिया एक कमरे में चटाई पर गठरी बनी, सर झुकाए, मुंह छिपाये बैठी हुईं है।

रिश्तेदार औरते झांक झांक जाती हैं और बच्चे भी इसी फिराक में लगे हुए हैं कि दुल्हनिया का कैसे भी करके मुंह देख लें।

जेठानी आती हैं कान में कहती हैं कि जब तक गठबंधन शुरु नही हो रहा है तब तक थोडी देर लेट जाओ आराम कर लो लेकिन जेठानी की बात कैसे मान ले कही कोई बात बिगड़ गई तो?

इस आशंका से जस की तस बैठी रहती है जबकि बैठे बैठे कमर अकड़ गई है और गर्दन मानो टूट ही जायेगी।

बड़ी प्रतीक्षा के बाद गठबंधन हुआ और ननद रानी ने जबरदस्ती अपनी कसम देकर एक पूड़ी खिला दिया।

अगले दिन से गांव की महिलाएं एक एक करके मुंह दिखाई करने आने लगती हैं।

सासू मां सबको माथे तक घुघट हटाकर अपनी बहुरिया का मुंह दिखाती हैं और उन्हे बैइना बतासा देकर विदा करती हैं।

एक झुंड मुंह दिखाई करके जा चुका था और बहू ने बेड पर कमर रखी ही थी कि सासू की आवाज आती है कि _बड़की दुलाहिन छोटका का लय आवो।

फिर बहुरिया उठकर थकी शरीर घसीटते चल देती हैं।

भाभी की सीख याद रखती हैं कि धीरे धीरे चलना है वरना मुंह दिखाई को आई महिलाएं कहेंगी कि दुल्हनिया बड़ी हलबलही बाय।

अच्छा हुआ भाभी ने आंख बंद रखने को कहा था वर्ना मुंह दिखाई करने आई औरतों को देखकर आदत नुसार हंसी छूट जाती तो सासू मां कहती कि घर वालों ने कुछ सिखाया ही नहीं था।

कुछ यूं नब्बे के दशक वाली बहुरिया का हाल होता था।

पोस्ट अच्छी लगे तो लाइक और शेयर करें
कॉमेंट में अपने विचार अवश्य व्यक्त करे।

पंडित रामबोला तिवारी

13/05/2024

जब मेरी शादी हुई तो मुझसे कहा गया पति को शारीरिक और मानसिक तौर पर सुख देना ही तुम्हारा कर्तव्य है ....

लेकिन जब शादी हुई तो पता चला की भारत में एक लड़की की शादी सिर्फ एक लड़के से नही होती, बल्कि एक पूरे परिवार से होती है जिसमे सास ससुर, ननद देवर
और सबसे अंत में पति आते हैं

अब जब मैने इसे महसूस किया तो डर गई की अपने आप से मैं खुद तो संभालती नही हूं 4 5 लोगो को कैसे संभालूंगी

जैसे तैसे मेरी शादी हुई और एक नए परिवार ने मुझे अपनाया जिंदगी पूरी तरह बदल गईं एक ही रात में मैं घर की लड़की से किसी के घर की बहु बन गई,
मैने अपनी सहेलियों में देखा था की शादी के तुरंत बाद ही उनका और उनके ससुराल वालों से झगड़ा होने लगता था मैं कभी भी नहीं चाहती थी की मेरे साथ भी ऐसा हो

शादी के कुछ दिन सब ठीक चला लेकिन कुछ समय बाद। घर के लोगो की नजर में मैं खटकने लगी थी

जब मैने ये बात अपने पति से बोली तो उन्हें ने मुझे बोला
की सबसे पहले अपने दिमाग से ये निकल दो की मायका तुम्हारा घर है और ससुराल तुम्हार ससुराल
असल में ये ही तुम्हारा घर, जितना जितना खुल के रहोगी। और बाकी लोगो को समझने की कोशिश करेगी तुम्हे उतना आसानी होगी

और यही बात उन्होंने घर के बाकी सदस्यों से कही की ये इसी घर की सदस्य है अगर इससे गलती हो तो इसे समझाओ अगर इसे समझ ना आए तो डांटो
और मुझे भी बोला अगर तुम गैर होती तो घर का कोई सदस्य तुम्हे डांटेगा या समझाएगा नही

ये बात मैने भी ध्यान से सुनी और मैने कुछ काम किए

मेरी सास के साथ ज्यादा समय बिनतना शुरू किया, उन्हें समझने की कोशिश की
और मुझे समझ आया जो औरत पिछले 40 साल से घर संभाल रही थी वो कभी नहीं चाहेगी की उनसे ये हक छीन लिया जाए

इस लिए अब मुझे कुछ भी करना होता, तो मै उनसे पूछते, पता होता की वो कभी मना नहीं करेंगी लेकिन फिर भी उनसे पूछ के हर काम करती
इससे उन्हें ये एहसास हुआ की आज भी घर में उनकी कदर हो रही है
क्यों की वो बूढी हो रही थी ऐसे में उनके साधारण काम भी मैं अपनी तरफ से कर देती
अब मैं घर में सास की फेवरेट थी मेरी ननद से ज्यादा मेरी सास मुझे मानने लगी
सास खुश हुए तो वो पापा यानी मेरे ससुर से तारीफ करती सास खुश तो पापा जी भी खुश हो गए

अब बचे ननद, और देवर इनके लिए कुछ ज्यादा नही करना पड़ा बस जो इन्हे खाना हो वो बना दो और अगर कभी मन ना करे तो मम्मी जी से बोल दो फालतू खाने की डिमांड कर रहे
और इसके अलावा दोनो मुझसे छोटे हैं तो एक दोस्त जैसा व्यवहार किया धीरे धीरे सब खुश हो गए

और आज ये स्थिति है की ना तो मुझे ये फील होता है की ये मेरा ससुराल है
और ना मेरे घर वालों को की ये कही बाहर से आई है

जब परिवार का हर सदस्य खुश है तो पतिदेव भी अपने आप ही खुश और संतुष्ट रहते हैं

आजकल लड़किया शादी करती हैं और शादी के कुछ दिन बाद ही परिवार से मनमुटाव होने लगता है

यही चीज मेरे साथ भी हुई लेकिन मेरे पति के सूझ बूझ की वजह से मैने समय से पहले ही इसे रोक लिया
हमे ये चाहिए की सबसे पहले हम ये समझना चाहिए की ससुराल अपना ही अपना घर है और सास ससुर ही पूरी जिंदगी अपने साथ होंगे
घर वाले खुश होंगे तो पति अपने आप खुश होंगे
और अगर पूरा घर खुश है तो क्या बात है
agyat

गाँव में तो डिप्रेशन को भी डिप्रेशन हो जायेगा।उम्र 25 से कम है और सुबह दौड़ने निकल जाओ तो गाँव वाले कहना शुरू कर देंगे कि...
06/09/2023

गाँव में तो डिप्रेशन को भी डिप्रेशन हो जायेगा।

उम्र 25 से कम है और सुबह दौड़ने निकल जाओ तो गाँव वाले कहना शुरू कर देंगे कि “लग रहा सिपाही की तैयारी कर रहा है " फ़र्क़ नही पड़ता आपके पास गूगल में जॉब है।

30 से ऊपर है और थोड़ा तेजी से टहलना शुरू कर दिये तो गाँव में हल्ला हो जायेगा कि “लग रहा इनको शुगर हो गया "

कम उम्र में ठीक ठाक पैसा कमाना शुरू कर दिये तो आधा गाँव ये मान लेगा कि आप कुछ दो नंबर का काम कर रहे है।

जल्दी शादी कर लिये तो “बाहर कुछ इंटरकास्ट चक्कर चल रहा होगा इसलिये बाप जल्दी कर दिये "

शादी में देर हुईं तो “दहेज़ का चक्कर बाबू भैया, दहेज़ का चक्कर, औकात से ज्यादा मांग रहे है लोग "

बिना दहेज़ का कर लिये तो “लड़का पहले से सेट था, इज़्ज़त बचाने के चक्कर में अरेंज में कन्वर्ट कर दिये लोग"

खेत के तरफ झाँकने नही जाते तो “बाप का पैसा है "

खेत गये तो “नवाबी रंग उतरने लगा है "

बाहर से मोटे होकर आये तो गाँव का कोई खलिहर ओपिनियन रखेगा “लग रहा बियर पीना सीख गया "

दुबले होकर आये तो “लग रहा सुट्टा चल रहा "

कुलमिलाकर गाँव के माहौल में बहुत मनोरंजन है इसलिये वहाँ से निकले लड़के की चमड़ी इतनी मोटी हो जाती है कि आप उसके रूम के बाहर खडे होकर गरियाइये वो या तो कान में इयरफोन ठूंस कर सो जायेगा या फिर उठकर आपको लतिया देगा लेकिन डिप्रेशन में न जायेगा।

और ज़ब गाँव से निकला लड़का बहुत उदास दिखे तो समझना कोई बड़ी त्रासदी है।

पंडित रामबोला तिवारी

बड़ी दौड़ धुप के बाद वो आज ऑफिस पहुंचा, उसका पहला इंटरव्यू था।घर से निकलते हुए वो सोच रहा था,काश ! इंटरव्यू में आज सफल हो ...
06/09/2023

बड़ी दौड़ धुप के बाद वो आज ऑफिस पहुंचा, उसका पहला इंटरव्यू था।घर से निकलते हुए वो सोच रहा था,

काश !

इंटरव्यू में आज सफल हो गया तो अपने दादा के पुराने मकान को विदा कहकर यही शहर में सेटल हो जाऊंगा, माता पिता की daily की किच किच से पीछा छूट जायेगा।

सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक होनेवाली किरकिरी से परेशान हो गया हूँ. जब नहाने की तय्यारी करो तो पहले

बिस्तर ठीक करो फिर बाथरूम जाओ,
बाथरूम से निकलो तो घोषणा की

"नल बंद कर दिया?"

"तौलिया सही जगह रखा या यूँ ही फेंक दिया?

" नाश्ता करके घर से निकलो तो डांट पड़ती है

"पंखा बंद किया या चल रहा है?" क्या क्या सुनें यार, नौकरी मिले तो घर छोड़ दूंगा।

ऑफिस में बहुत सारे उम्मेदवार बैठे थे, बॉस का इंतज़ार कर रहे थे. दस बज गए, उसने देखा पैसेज की लाइट अभी तक जल रही है,

माँ की कही बात याद आ गई तो लाइट बन्द कर दी,ऑफिस के दरवाज़े पर कोई नहीं था,साथ में रखे वाटर कूलर से पानी टपक रहा था, पिताजी की डांट याद आ गयी, बोर्ड पर लिखा था इंटरव्यू दूसरी मंज़िल पर होगा।

सीढ़ी की लाइट भी जल रही थी,बंद करके आगे बढ़ा तो एक कुर्सी रास्ते में थी,उसे हटाकर ऊपर गया,देखा पहले से मौजूद उम्मीदवार जाते और तुरन्त बाहर आते, पता किया तो मालूम हुआ बॉस फाइल लेकर कुछ पूछते नहीं,वापस भेज देते हैं।

मेरा नंबर आने पर मैंने फाइल मेनेजर की तरफ बढ़ा दी.फाइल पर नज़र दौडाने के बाद उन्होंने कहा "कब ज्वाइन कर रहे हो?

" उनके सवाल से मुझे यूँ लगा जैसे मज़ाक़ हो. वो मेरा चेहरा देखकर कहने लगा ये मज़ाक़ नहीं हक़ीक़त है।

आज के इंटरव्यू में किसी से कुछ पूछा ही नहीं,सिर्फ CCTV में सबका व्यवहार देखा,सब आये लेकिन किसी ने नल या लाइट बंद नहीं किया।

बधाई के पात्र है तुम्हारे माता पिता जिन्होंने तुम्हारा इतनी अच्छा पालन पोषण किया और अच्छे संस्कार दिए।

जिस इंसान के पास Self डिसिप्लिन नहीं वो चाहे कितना भी तेज और चालाक हो, मैनेजमेंट और जीवन की भाग दौड़ में सफल नहीं हो सकता।

घर पहुंचकर माता पिता को गले लगाया और उनसे क्षमा मांगकर उनका धन्यवाद किया, अपने जीवन की दिनचर्या में उनका छोटी छोटी बातों पर रोकने टोकने से मुझे जो उत्तम शिक्षापूर्ण व्यवहार मिला था

उसकी अपेक्षा में मेरी बाहरी शिक्षा की डिग्री कुछ भी नही थी ।
जान गया कि सिर्फ स्कूली शिक्षा ही नही घरेलू संस्कार का भी अपना महत्व है...!!

पंडित रामबोला तिवारी

परीक्षा में  #गब्बरसिंह का चरित्र चित्रण करने के लिए कहा गया-😀😁दसवीं के एक छात्र ने लिखा-😉1. सादगी भरा जीवन-:- शहर की भी...
04/09/2023

परीक्षा में #गब्बरसिंह का चरित्र चित्रण करने के लिए कहा गया-😀😁


दसवीं के एक छात्र ने लिखा-😉


1. सादगी भरा जीवन-

:- शहर की भीड़ से दूर जंगल में रहते थे,

एक ही कपड़े में कई दिन गुजारा करते थे,

खैनी के बड़े शौकीन थे.😂


2. अनुशासनप्रिय-

:- कालिया और उसके साथी को प्रोजेक्ट ठीक से न करने पर सीधा गोली मार दिये थे.😂


3. दयालु प्रकृति-

:- ठाकुर को कब्जे में लेने के बाद ठाकुर के सिर्फ हाथ काटकर छोड़ दिया था, चाहते तो गला भी काट सकते थे😂


4. नृत्य संगीत प्रेमी-

;- उनके मुख्यालय में नृत्य संगीत के कार्यक्रम चलते रहते थे..

'महबूबा महबूबा',😂

'जब तक है जां जाने जहां'.

बसंती को देखते ही परख गये थे कि कुशल नृत्यांगना है.😂😂


5. हास्य रस के प्रेमी-

:- कालिया और उसके साथियों को हंसा हंसा कर ही मारे थे. खुद भी ठहाका मारकर हंसते थे, वो इस युग के 'लाफिंग पर्सन' थे.😂


6. नारी सम्मान-

:- बंसती के अपहरण के बाद सिर्फ उसका नृत्य देखने का अनुरोध किया था,😀😂


7. भिक्षुक जीवन-

:- उनके आदमी गुजारे के लिए बस अनाज मांगते थे,

कभी बिरयानी या चिकन टिक्का की मांग नहीं की.. .😂


8. समाज सेवक-

:- रात को बच्चों को सुलाने का काम भी करते थे ..

सो जा नही तो गब्बर सिंह आ जायेगा

टीचर ने पढा तो आँख भर आई और बोली सारी गलती जय और वीरू की है!!

😁😂😂😂😂

26/08/2023

याद रखें कि कल से नया फेसबुक नियम (उर्फ... नया नाम मेटा) शुरू हो रहा है, जहां वे आपकी तस्वीरों का उपयोग कर सकते हैं। मत भूलो कि अंतिम तिथि आज है!!! मैं फेसबुक या फेसबुक से जुड़ी किसी भी इकाई को अपने अतीत और भविष्य के चित्रों, सूचनाओं, संदेशों या प्रकाशनों का उपयोग करने की अनुमति नहीं देता।
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यह सिस्टम को बायपास कर देगा....
जो कुछ नहीं करता, वह जाहिरा तौर पर सहमत होता है।

स्कूटर बिक रहा है या नारी  को अपनी प्रोडक्ट में लड़कियों का अश्लील प्रयोग क्यो करवा रहा है ये सभी  #इंडस्ट्रीज़ वाले.!🙄🤔 स...
26/07/2023

स्कूटर बिक रहा है या नारी को अपनी प्रोडक्ट में लड़कियों का अश्लील प्रयोग क्यो करवा रहा है ये सभी #इंडस्ट्रीज़ वाले.!🙄🤔 सच कहूँ तो पहली नजर में स्कूटर दिखा ही नही,, पुरुष हूँ,, क्यों सच छिपाऊं,, मैं सोच रहा हूँ ,, आखिर ये हो क्या रहा है,,नारी क्यों देख ओर समझ नही पा रही बाजार ने उसे एक वस्तु बना दिया है,, वो क्यों विरोध नही करती,,
अगरबत्ती के ऐड में महिला,, शेविंग क्रीम के ऐड में महिला,, डिओ के ऐड में महिला की अमुक डिओ लगाओगे तो,, खिंची चली आंदी ए,, पुरुषों के इनर वियर में महिला
18 ,20 साल के लड़के ,, ओर लड़कियों पर इसका क्या असर हो रहा है,, उसका समाज पर क्या असर होगा,,कुछ लड़किया कहती है कि हम क्या पहनेगे ये हम तय करेंगे....
पुरुष नहीं.....
जी बहुत अच्छी बात है.....
आप ही तय करे....
लेकिन हम पुरुष भी किस लड़की का सम्मान/मदद करेंगे ये भी हम तय करेंगे, स्त्रीया नहीं....
और हम किसी का सम्मान नहीं करेंगे इसका अर्थ ये नहीं कि हम उसका अपमान करेंगे
लड़को को संस्कारो का पाठ पढ़ाने वाला स्त्री समुदाय क्या इस बात का उत्तर देगा की क्या भारतीय परम्परा में ये बात शोभा देती है की एक लड़की अपने भाई या पिता के आगे अपने निजी अंगो का प्रदर्शन बेशर्मी से करे?
क्या ये लड़किया पुरुषो को भाई/पिता की नज़र से देखती है ?
जब ये खुद पुरुषो को भाई/पिता की नज़र से नहीं देखती तो फिर खुद किस अधिकार से ये कहती है की "हमें माँ/बहन की नज़र से देखो"

कौन सी माँ बहन अपने भाई बेटे के आगे नंगी होती है?
भारत में तो ऐसा कभी नहीं होता था....

सत्य ये है कीअश्लीलता को किसी भी दृष्टिकोण से सही नहीं ठहराया जा सकता। ये कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधो की तरफ ले जाने वाली एक नशे की दूकान है।।
और इसका उत्पादन #स्त्रीसमुदाय करता है।
मष्तिष्क विज्ञान के अनुसार 4 तरह के नशो में एक नशा अश्लीलता(सेक्स) भी है।

आखिर में मुझे ,, नॉन प्रोग्रेसिव या रूढ़िवादी भी कहा जा सकता है,, हो सकता है मैं हूँ भी,,
पर मैंने जो कहा बहुत थोड़ा कहा,, बहुत कुछ कह सकता था,,
बाकी पॉइंट ये है कि संस्कार ,, इस विषय मे वेशभूषा का,, ना भुला जाए,, हम संस्कृति के इस चीरहरण कर्ण या भीष्मपिता बनकर मुख दर्शक नहीं रहेंगे हम अपने धर्म का पालन करेंगे और आप
ये भारत है बैंकॉक नही,,,

23/07/2023

फर्क देखिये भारत रॉकेट लेकर चाँद पर गया है
दूसरी तरफ पाकिस्तान कटोरा लेकर अमेरिका
😂😂😂

22/07/2023

#सुनो बे चमचों #
हिंदुत्व की बात करना यदि जहर घोलना हैं
तो भैया आप यह मान लो की हम जहर के थोक विक्रेता हैं।
🚩 ।। जय श्रीराम ।। 🚩

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485775

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