17/05/2026
मानव हमेशा जोड़ा जाता जानवर से
गिरगिट की तरह क्यों रंग बदलता
कहकर तुझे ही तो चिढ़ाया जाता
तुझे ही तो रोका जाता
मत बहा घड़ियाली आँसू
कुछ तो तेरी चाल को नहीं छोड़ते
कौआ चला हंस की चाल
कहकर तुझे ही जलील किया करते
मजा तो तब आता तेरी परेशानी को
भैस से ही जोड़ा जाता
कहकर गई भैस पानी मे
जब काम न होने पर तू खिसियाता
खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचने का भी
खिताब तूझे ही दिया जाता
कभी कभी दुधारू गाय तक कहा जाता
तुझे भैस बना बीन बजाया जाता
ये तो मुहावरे हैं जनाब
जिसे तूने ही बनाया
अपनी तुलना जानवर से कराया
जब कभी गुस्सा आया
तो फिर आदमी हैं कि जानवर
इस राग को तूने ही तो गाया
इन मुहावरों के चक्कर खुद को फंसाया