27/09/2025
अब तो
दोस्त भी दोस्त ना रहे
पूछते हैं-
हाल कैसा है?
मुझे अपनी कोई फ़िक्र नहीं!
जमाने का ये मलाल कैसा है?
खुदा ने क्या इसी दिन के लिए
बनाया था इक दोस्त
जो महसूस कर ना सके और पूछे हाल कैसा है?
और तो और एक नया ग़ुबार देखिए;
मैं कहता- ठीक हूॅं!
और वह मान भी लेता ये कैसा कमाल है।
-अमोघ क्रांति