08/02/2026
मेरा नाम गुल है और मैं दुबई में रहती हूँ।
मुझे इंस्टाग्राम पर अपनी ज़िंदगी शेयर करने का शौक था। रोज़ अपनी तस्वीरें डालती थी, लोग पसंद करते थे, तारीफ करते थे। इसी दौरान दुबई के एक लड़के की प्रोफाइल दिखी। बड़ी गाड़ियाँ, महंगी घड़ियाँ, आईफ़ोन—सब कुछ बहुत प्रभावशाली लगता था।
एक दिन उससे बात शुरू हुई, फिर मुलाक़ातें होने लगीं। हमें लगा कि हम शादी कर सकते हैं। मैंने अपनी माँ से बात की। मेरे पिता का बचपन में ही इंतकाल हो गया था और मेरी माँ ने अकेले मुझे पाला, पढ़ाया और मज़बूत बनाया। मैं भी खुद को मज़बूत समझती थी। दुबई में अच्छी नौकरी थी, लाइफस्टाइल अच्छा था, मुझे लगा किस्मत भी अच्छी ही मिलेगी।
हम भारत आए। लड़के ने यक़ीन दिलाया कि वह एक अमीर घराने से है, घरवाले अभी नहीं मानेंगे लेकिन जल्द मान जाएंगे। उसने मुझे महंगे तोहफ़े दिए और मैं उसकी बातों में आ गई। हमने निकाह कर लिया। एक महीना हम साथ घूमे, खुश रहे।
फिर असली चाल सामने आई। उसने कहा कि मेरे नाम पर एक कंपनी रजिस्टर करवानी है ताकि वह यह बात अपने घरवालों को बता सके। मैं उसकी बीवी थी, मैंने उस पर भरोसा किया। उसने मेरे नाम पर कर्ज़ लिया, कहा कि कंपनी के लिए है।
जैसे ही कर्ज़ की रकम मिली, उसने मुझे तलाक दे दिया, ब्लॉक कर दिया और गायब हो गया।
मैं सिर्फ भावनात्मक रूप से ही नहीं टूटी, मेरी आत्मा तक ज़ख़्मी हो गई। कर्ज़ मेरे नाम था, उसे चुकाना भी मुझे ही था। एक महीना मैं अस्पताल में रही। अपनी माँ को कुछ नहीं बता सकी कि मेरे साथ क्या बीती।
आज मैं खुद को संभालकर दिन-रात मेहनत कर रही हूँ ताकि कर्ज़ उतार सकूँ।
मैं हर लड़की से बस यही कहना चाहती हूँ:
ऐसे मर्दों पर अंधा भरोसा मत करना, चाहे वो तुम्हारे पति ही क्यों न हों।
अब मैं न शादी करना चाहती हूँ और न ही किसी मर्द पर आसानी से भरोसा।
मालूम था कि ज़िंदगी इम्तिहान लेती है—
लेकिन ऐसे इम्तिहान भी होंगे, यह नहीं जानती थी।
किसी पर अंधा भरोसा मत करो, अपनी आँखें खुली रखो।