07/09/2025
आपका ये आशिकाना मिजाज लगता है
यह नूरानी चेहरा बाब ए ख्वाब लगता है
झुका लो पलकों को वरना चुरा लूंगा
यह काजल जो निगाहों में बेहिजाब लगता है
उड़ उड़ कर हवा में करता है इशारे
बड़ा शरीर आपका यह नकाब लगता है
परी लगती हो इस सियाह लिबास में
छिपा बदन इसमें एक मेहताब लगता है
निकल ना जाए अंदाज से जां कहीं
वक्त अली का आज कुछ खराब लगता है