05/11/2026
शुभ दिन मुबारक हो मेरे हमसफर❤️
अनमोल तेरा संसार,लुटाया तूने मुझ पर यार,
करूं आभार मैं कैसे,करूं आभार मैं कैसे?
करूं आभार मैं कैसे?
जीवन की पगडंडी पर साथ मेरे तुम आए,
तुम ही जानोगे क्या सुख दुख तुमने मुझसे पाये,
चलकर साथ मेरे तुमने मंजिल संग संग नापी,
आने वाली विपदाओं को मुझसे पहले भांपी,
फिर भी धैर्य दिलाया तुमने पाया हमने पार,
करूं आभार मैं कैसे करूं आभार मैं कैसे
अनमोल तेरा संसार लुटाया तूने मुझ पर यार,
करूं आभार मैं कैसे करूं आभार मैं कैसे?
सप्तपदी के बंधन में बंधकर हम साथ चले थे,
याद तुम्हें भी होगा जब हम तुम यहां मिले थे,
अनजानापन मिटा कहां इसको हम समझ न पाए,
एक हो गए कैसे हम तुम बिन पहचान बनाए,
लिख न सकता कुछ शब्दों में दिया जो तूने प्यार,
करूं आभार मैं कैसे करूं आभार मैं कैसे?
अनमोल तेरा संसार लुटाया तूने मुझ पर यार,
करूं आभार मैं कैसे करूं आभार मैं कैसे?
मेरी सूखी बगिया को जल देकर तूने सजाया,
नन्हें नन्हें फूल खिला तूने उसको महकाया,
भूल गई घरबार स्वयं का घर मेरा अपनाकर,
लिये समेट सभी आंसू तुम दिखी सदा मुस्काकर,
सहयोग रहा तेरा इतना हर स्वप्न हुआ साकार,
करूं आभार मैं कैसे करूं आभार मैं कैसे?
अनमोल तेरा संसार लुटाया तूने मुझ पर यार,
करूं आभार मैं कैसे करूं आभार मैं कैसे?
रहे प्रकाशित पथ मेरा तूने दीपक सदा जलाया,
एकाकीपन दूर किया और दिल में मुझे बसाया,
उलझे जीवन को मेरे तूने दिया संवार,
करूं आभार मैं कैसे,करूं आभार मैं कैसे?
आंधी तूफानों ने जब जब मुझको यहां डराया,
और छोड़कर साथ यहां जब अपना हुआ पराया,
तब मेरी उलझी नौका की तुम्हीं बनी पतवार,
करूं आभार मैं कैसे,करूं आभार मैं कैसे?
अमलेन्दु शुक्ल
सिद्धार्थनगर उ०प्र०