23/03/2026
Open Mic – Hunar Ke Sartaj मंच पर Arunima Mishra की यह संवेदनशील और आत्मीय प्रस्तुति —
“बचपन बीत चुका है लेकिन…”
समय, स्मृतियों और बदलती उम्र की सच्चाई को शब्द देती है।
यह कविता उस एहसास को छूती है जब बचपन पीछे छूट जाता है, पर उसकी मासूमियत और यादें मन में अब भी जीवित रहती हैं।
अरुणिमा मिश्रा की सधी हुई आवाज़ और भावपूर्ण अभिव्यक्ति ने श्रोताओं को अपने बीते दिनों की गलियों में लौटा दिया।
यह प्रस्तुति केवल यादों की नहीं, बल्कि समय की गति को स्वीकार करने की कहानी है।
🎤 Program: Open Mic – Hunar Ke Sartaj
✍️ Poet: Arunima Mishra
🌿 Genre: Nostalgic Hindi Poetry