17/06/2026
🔥 जनता की आवाज़ या व्यवस्था पर सवाल? सुनिए यह नया व्यंग्य गीत
चंदा, पेपर लीक, महंगाई, किसानों की समस्याएं और गांवों के बदलते हालात जैसे मुद्दों को लेकर लिखा गया यह व्यंग्य गीत आज के सामाजिक और राजनीतिक माहौल पर सवाल उठाता है। गीत में आम नागरिक की चिंताओं, युवाओं के टूटते सपनों और व्यवस्था से जुड़ी चर्चाओं को काव्यात्मक अंदाज में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।
यह रचना एक व्यंग्यात्मक अभिव्यक्ति है, जिसका उद्देश्य जनहित के मुद्दों पर चर्चा को बढ़ावा देना है। आप इस गीत के बारे में क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं और पोस्ट को शेयर करें।
🎵 वंदेमातरम्... वंदेमातरम्
🎵 गीतकार: प्रवीन यश