Kavi aadesh dubey

Kavi aadesh dubey कविता,कटाक्ष देहाती शहराती, भजन, गीत, व्यंग बाण

22/06/2025
आखिर सही जवाब है क्या आपके हिसाब से
07/04/2025

आखिर सही जवाब है क्या आपके हिसाब से

https://youtu.be/YEsKS58SbcUमाफिया राज का अंत मेरे चैनल पर देखे तुरंत
16/04/2023

https://youtu.be/YEsKS58SbcU
माफिया राज का अंत मेरे चैनल पर देखे तुरंत

14/09/2017

जय हिन्दू ....
जय हिन्दी ....
जय हिन्दुस्तान ....
मेरा देश है
सबसे महान ....
मेरा देश है
सबसे महान ....

जय हिन्दू .....
जय हिन्दी .....
जय हिन्दुस्तान .....

जय हिन्दू .....
जय हिन्दी .....
जय हिन्दुस्तान ......

सभी को यहां पर है मिलता सम्मान
चाहे हो इसाई ,
चाहे मुसलमान

जय हिन्दू .....
जय हिन्दी .....
जय हिन्दुस्तान ....
मेरा देश है
सबसे महान ......
मेरा देश है
सबसे महान ......

जाति पात में बंटा हुआ है
धर्म कर्म में बंटा हुआ है
फिर भी वक्त आने पर
एक है मेरा हिन्दुस्तान

जय हिन्दू ......
जय हिन्दी......
जय हिन्दुस्तान ......
मेरा देश है
सबसे महान .....
मेरा देश है
सबसे महान .....

माना आपस में लड़ते है
पर प्यार भी आपस में करते
राजनीति से ग्रसित है
मेरा भारत महान

जय हिन्दू ......
जय हिन्दी .......
जय हिन्दुस्तान ....

सभी देश के लाल है यारों
सभी को माता प्यारी है
दुनिया में भारत मां की महिमा सबसे न्यारी है

जय हिन्दू ....
जय हिन्दी.....
जय हिन्दुस्तान ....
मेरा देश है
सबसे महान .....
मेरा देश है
सबसे महान .....

हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभ कामना
🙏🏻🙏🏻🌹🙏🏻🙏🏻

कवि आदेश दुबे "दिवाना"
9322803121

06/09/2017

गौरी लंकेश की हत्या पर ,राजनीति गरमाने वालों
जरा सा शर्म करों नफरत की आग लगाने वालों
एक पत्रकार के मरने पर पूरा देश हिलाते हो
तो जब लाखों मारे जाते हैं तब क्यो खामोश हो जाते हो

हर बार हिन्दुत्व के नाम पर विधवा विलाप करते हो
पर एक हिन्दू विरोधी को कैसे तुम पत्रकार कहते हो

पत्रकार का मतलब है सदा न्याय के साथ चले
न कि किसी के विरोध में और किसी के गोद में उसकी कलम पले

सच्चाई को लिखना उसका था काम नही
संघ विरोध के सिवा उसका था कोई नाम नहीं

शायद उसको उसके करनी का फल ऐसा ही पाना था
गोली खाकर ही उसको इस दुनिया से जाना था

आदेश दुबे

22/08/2017

तीन तलाक पर मुस्लिम नारी समाज की ऐतिहासिक विजय पर

आदेश दुबे की कलम से

अब जश्न मनाएगी मुस्लिम नारियां
अब नही चलेगी मुल्लो की फतवेदारिया
हलाला के नाम पर न मौज उड़ाए जाएगे
औरत की इज्जत न भूखे भेड़िए खा पाएगे

धर्म के नाम पे ऐश करने का इनका नियम पुराना था
काजी मुल्लाओ को तो बस फतवे का दौर चलाना था
मनमानी के आदी थे ए मनमानी कर जाते थे
जब भी मन भर जाता तीन तलाक का फरमान सुनाते थे

बेबस थी नारी उसका खुद का कोई मान न था
मुल्लाओ के फतवे के आगे उनका कोई सम्मान था
खुदा की बनाई ओ भी थी बस गुनाह था औरत होने का
खिलौना बनके रह गई थी बस फरमान था हलाला बनके सोने का

देखके बन्दो की दादागिरी
खुदा का भी आसन डोल गया
अब तीन तलाक समाप्त करो
शायद खुदा भी बोल गया

देखो फिर सुप्रिम कोर्ट ने दे डाला फरमान नया
तीन तलाक को बंद करो और बनाओ संविधान नया

औरत की भी अपनी मर्यादा है
खिलौना नहीं किसी हाथ की
जब चाहो खेलो जब चाहो छोड़ो
अमानत नही तेरे बाप की

फतवे जारी करने वालो सुन लो
तुमपे सुप्रीम कोर्ट का फतवा जारी है
लगता है अब मिया जी पर
बेगम का रुतबा भारी है

कवि आदेश दुबे
9322803121

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Varanasi
221005

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