15/06/2026
हिमाचल प्रदेश में वित्तीय कुप्रबंधन और राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant) को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। कांग्रेस विधायक भवानी सिंह पठानिया ने केंद्र से फंड न मिलने का मुद्दा उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल किया कि जब जयराम ठाकुर को ग्रांट में कटौती की जानकारी थी, तो उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को समय रहते सचेत क्यों नहीं किया?
नमस्कार, 'हिमाचल आज' के विशेष कार्यक्रम 'हिमाचल पॉलिटिक्स' में आपका स्वागत है, मैं हूँ डॉ मनजीत सहगल। हिमाचल प्रदेश की वित्तीय स्थिति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भवानी सिंह पठानिया ने पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर सहित भाजपा नेतृत्व को राज्य के साथ हुए वित्तीय कुप्रबंधन (Financial Mismanagement) के मुद्दे पर कटघरे में खड़ा किया है। पठानिया का आरोप है कि केंद्र सरकार ने आपदा राहत और आयुष्मान भारत जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए घोषित वित्तीय सहायता के अनुपात में वास्तविक फंड जारी नहीं किए, जिससे राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
इसके अलावा, सबसे गंभीर मुद्दा 16वें वित्त आयोग द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant - RDG) को बंद करने की सिफारिशों को लेकर गरमाया हुआ है। पठानिया ने सीधे जयराम ठाकुर पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पूर्व भाजपा सरकार को इस बात का स्पष्ट अनुमान (Tapering of RDG) था कि यह अनुदान चरणबद्ध तरीके से कम या बंद हो जाएगा, तो उन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पहले से अलर्ट क्यों नहीं किया? इस राजनीतिक गतिरोध ने जहां एक ओर हिमाचल की वित्तीय आत्मनिर्भरता (Fiscal Autonomy) पर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी ओर इसने 2027 के चुनावी समीकरणों से पहले राज्य की जनता और सरकारी कर्मचारियों के बीच एक गंभीर आर्थिक असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। इस वीडियो में हम इस पूरे राजनीतिक और आर्थिक मोर्चे का गहराई से विश्लेषण करेंगे।
हिमाचल प्रदेश की इस अहम राजनीतिक उठापटक और आर्थिक संकट के सटीक व निष्पक्ष विश्लेषण के लिए इस वीडियो को लाइक और शेयर ज़रूर करें। आपकी इस पूरे मामले पर क्या राय है? हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं। ऐसे ही और एक्सपर्ट इनसाइट्स के लिए हमारे चैनल 'हिमाचल आज' को सब्सक्राइब करें और 'हिमाचल पॉलिटिक्स' कार्यक्रम से लगातार जुड़े रहें।
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