25/02/2026
“अंधेर नगरी” का सफल मंचन
डुमरा, सीतामढ़ी | 23 फरवरी 2026
श्री भवेश्वर नाथ महादेव मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के पावन अवसर पर आर्यभट्ट कला एवं संस्कृति शिक्षण सेवा संस्थान के तत्वावधान में प्राथमिक विद्यालय भौंप्रसाद पश्चिमी के प्रांगण में रात्रि 10 बजे कालजयी व्यंग्य नाटक “अंधेर नगरी” का भव्य मंचन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
हिंदी के अमर साहित्यकार भारतेंदु हरिश्चंद्र की इस रचना को मंचित करना मेरे लिए एक गौरवपूर्ण अनुभव रहा। नाटक के माध्यम से हमने समाज में व्याप्त अव्यवस्था, अन्यायपूर्ण व्यवस्था और नैतिक पतन पर व्यंग्य के जरिए संदेश देने का प्रयास किया। दर्शकों की भारी उपस्थिति और तालियों की गूंज ने यह सिद्ध कर दिया कि आज भी सार्थक रंगमंच समाज को सोचने पर मजबूर करता है।
हमारे सभी कलाकारों ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ अपनी भूमिकाओं को जीवंत किया। मंच-सज्जा, रूप-सज्जा और संगीत संयोजन ने प्रस्तुति को और प्रभावशाली बनाया। विशेष रूप से कलाकारों की संवाद अदायगी और मंच अनुशासन सराहनीय रहा।
मंदिर समिति के सदस्यों, गणमान्य नागरिकों एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का सहयोग अत्यंत प्रेरणादायक रहा। साथ ही, पप्पेट कलाकार गौरव चंद्रा द्वारा ‘चंपक’ के माध्यम से किया गया मनोरंजन कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा।
कार्यक्रम के समापन पर सभी कलाकारों एवं सहयोगियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
एक निर्देशक के रूप में मैं सभी कलाकारों, तकनीकी सहयोगियों, मंदिर समिति तथा दर्शकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ। आशा है कि आगे भी हम इसी प्रकार सार्थक और जागरूकता से भरपूर सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ समाज को समर्पित करते रहेंगे।
— मौर्य पिन्टु सिंह कुशवाहा
(निर्देशक, अंधेर नगरी)
सचिव
आर्यभट्ट कला एवं संस्कृति शिक्षण सेवा संस्थान