21/05/2023
संघर्ष से सफलता का सफर
भारत का चमकता सितारा यशस्वी जायसवाल की चर्चा आज चारो तरफ है लेकिन उनकी इस सफलता के पीछे कठिन व लंबा संघर्ष है
यशस्वी जयसवाल मूलरूप से उत्तर प्रदेश के भदोही के रहने वाले हैं। वह IPL 2023 के 12 मुकाबलों में 575 रन बना चुके हैं और ऑरेंज कैप कब्जाने से सिर्फ 2 रन दूर हैं। यशस्वी का परिवार काफी गरीब था। पिता छोटी सी दुकान चलाते थे। ऐसे में अपने सपनों को पूरा करने के लिए सिर्फ 10 साल की उम्र में यशस्वी मुंबई चले आए। मुंबई में यशस्वी के पास रहने की जगह नहीं थी। । परेशानी में घिरे यशस्वी को एक डेयरी पर काम के साथ रहने की जगह भी मिल गई। लेकिन समस्याए बनी रही ओर यशस्वी को वहां से निकाल दिया गया।।
यशस्वी ने अपनी तकलीफों के बारे में कभी किसी को कुछ नहीं बताया, वजह ये थी कि कहीं संघर्ष की कहानी किसी तक न पहुंच जाए और उनका क्रिकेट करियर ही खत्म हो जाए। यशस्वी को डर था कि अगर परिवार उनके हालात के बारे में जानेगा, तो उन्हें वापस घर बुला लेगा।।
यशस्वी के संघर्ष का आलम ये था कि रामलीला के समय आजाद मैदान पर यशस्वी ने गोलगप्पे भी बेचे। कई रातें तो ऐसी भी गुजरीं, जब यशस्वी को भूखा ही सोना पड़ा। यशस्वी बताते हैं कि रामलीला के समय उनकी अच्छी कमाई हो जाती थी। वह यही दुआ करता थे कि उनकी टीम के खिलाड़ी वहां न आएं, लेकिन कई खिलाड़ी वहां आ जाते थे। ऐसे में गोलगप्पा बेचने के दौरान साथी खिलाड़ियों को मेला घूमते हुए देख कर यशस्वी को बहुत शर्म आती थी। कई खिलाड़ी जानबूझकर यशस्वी से गोलगप्पे खरीदते हुए उनका मजाक बनाते थे।
लेकिन यशस्वी ने हिम्मत नही हारी ,आखिरकार काफी मेहनत के बाद स्थानीय क्रिकेट में यशस्वी के बल्ले की धमक सुनाई पड़ने लगी। सफर आगे बढ़ा और अंडर-19 खेलने लगे , यशस्वी की मेहनत से प्रभावित होकर सचिन ने अपने ऑटोग्राफ वाला बैट उन्हें गिफ्ट में दिया।
2020 में 18 साल की उम्र में राजस्थान रॉयल्स की तरफ से यशस्वी जयसवाल को आईपीएल में डेब्यू करने का मौका मिला और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।।
आपका संघर्ष भले ही चुपचाप हो लेकिन सफलता शोर मचाती है