20/03/2026
प्रिय किसान भाइयों,
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हमारे क्षेत्र में इस समय अच्छी वर्षा हो रही है। आपसे अनुरोध है कि इस वर्षा जल का सही उपयोग करें। बारिश के पानी के साथ अपने खूंटी गन्ने एवं शारदकालीन गन्ने में प्रति कट्ठा 2 किलो यूरिया का प्रयोग अवश्य करें, जिससे आपकी फसल की बढ़वार अच्छी होगी और कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त होगा।
गन्ना फसल में वर्षा के जल के साथ यूरिया देने से कई महत्वपूर्ण लाभ मिलते हैं, जो फसल की बढ़वार और उत्पादन दोनों को बेहतर बनाते हैं:
🌧️ गन्ना फसल में वर्षा के साथ यूरिया के लाभ
**1. नाइट्रोजन का तेज अवशोषण**
बारिश के पानी में यूरिया घुलकर सीधे जड़ों तक पहुँचता है, जिससे गन्ना पौधे तेजी से नाइट्रोजन लेते हैं और बढ़वार तेज होती है।
**2. फुटाव (टिलरिंग) में वृद्धि**
समय पर यूरिया मिलने से गन्ने में अधिक कल्ले (टिलर) निकलते हैं, जिससे पौधों की संख्या बढ़ती है।
**3. पौधों की हरियाली और मजबूती**
नाइट्रोजन से पत्तियाँ हरी-भरी रहती हैं, प्रकाश संश्लेषण बढ़ता है और पौधे मजबूत बनते हैं।
**4. लंबाई और मोटाई में वृद्धि**
गन्ने की लंबाई और मोटाई दोनों में सुधार होता है, जिससे कुल वजन बढ़ता है।
**5. खाद का बेहतर उपयोग (कम नुकसान)**
बारिश के साथ देने से यूरिया का वाष्पीकरण कम होता है, जिससे खाद का पूरा लाभ मिलता है।
**6. मिट्टी में समान वितरण**
वर्षा जल यूरिया को पूरे खेत में समान रूप से फैला देता है, जिससे हर पौधे को पोषण मिलता है।
**7. उत्पादन (Yield) में बढ़ोतरी**
संतुलित पोषण मिलने से गन्ने की कुल पैदावार और गुणवत्ता दोनों में सुधार होता है।
समय पर सही देखभाल और संतुलित खाद का उपयोग ही अच्छी पैदावार की कुंजी है।
हसनपुर चीनी मिल ओर किसान साथ मिलकर करें प्रयास — गन्ने में बढ़े उत्पादन और विकास।