30/06/2026
🍄 माँ का प्रेम निस्वार्थ होता है 🤱
हर माँ ममता की मूर्ति नहीं होती…
कहा जाता है कि माँ का प्रेम निस्वार्थ होता है,
लेकिन कलयुग में कुछ रिश्ते भी बदल गए हैं।
आज कुछ माँएँ ऐसी भी हैं जो अपने त्याग, अपने प्रेम और अपने पालन-पोषण का हिसाब माँगती हैं।
वह भूल जाती हैं कि सच्चा प्रेम कभी सौदा नहीं करता और ममता कभी कीमत नहीं माँगती।
हालाँकि यह बात हर माँ पर लागू नहीं होती। आज भी असंख्य माताएँ अपने बच्चों के लिए बिना किसी अपेक्षा के सब कुछ न्योछावर कर देती हैं।
लेकिन जहाँ प्रेम का मूल्य पैसों या स्वार्थ से तय होने लगे, वहाँ रिश्ता तो रह जाता है, पर ममता का एहसास कहीं खोने लगता है।
सच्ची ममता अधिकार देती है, व्यापार नहीं; आशीर्वाद देती है, हिसाब नहीं।