11/01/2026
मिशन मोहल्ला - 2026
साल 2026 की एक दोपहर थी। मोहल्ले की दो 'दिग्गज' चुगलखोर, शांति आंटी और कांति आंटी, अपनी-अपनी खिड़कियों पर तैनात थीं।
कांति आंटी: (फुसफुसाते हुए) "बहन शांति! देखा तुमने? वर्मा जी के घर आज फिर 'डिलीवरी' वाला आया है। इस हफ्ते में चौथी बार!"
शांति आंटी: (दूरबीन एडजस्ट करते हुए) "अरे बहन, ये तो कुछ भी नहीं! मैंने तो सुना है कि वर्मा जी की बहू ने 'AI रोबोट' मंगाया है, ताकि वो अपनी सासू माँ की चुगली सीधे पड़ोसियों तक पहुँचा सके!"
कांति आंटी: (हैरान होकर) "हाय दैया! ये तो टेक्नोलॉजी का गलत इस्तेमाल है। पर तुम्हें कैसे पता?"
शांति आंटी: "अरे, कल रात जब सब सो रहे थे, मैं उनके कूड़े वाले बैग की 'जाँच' कर रही थी। उसमें से 'स्मार्ट स्पीकर' का डिब्बा निकला है। पक्का ये लोग हम पर जासूसी कर रहे हैं!"
तभी तीसरी पड़ोसन, विमला, वहां आई और बोली, "अरे आंटियों! वर्मा जी के घर तो उनकी 'भांजी' आई है और वो डिब्बा उसके लैपटॉप का था।"
दोनों आंटियों ने एक-दूसरे को देखा और एक साथ बोलीं:
"हमें तो पहले ही पता था! हम तो बस ये देख रहे थे कि तुम्हें कितनी खबर है!"
नतीजा: मोहल्ले में आग लगे या न लगे, इन आंटियों के पेट में 'बात' कभी नहीं पचती।