27/06/2025
इसलिए बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर
ब्राह्मणो द्वारा के फेलाया गया जातिवादी सोच और प्रपंच को नहीं मानते थे जोकी अनेक लोगों को जातियों में बांटती है और अपने धंधे को धर्म बता कर लोगो को मुर्ख बनाती है इनकी नस्लें ही धुर्त और हरामखोरी से पैदा हुई हैं
एक यादव कथा वाचक को मारते है गलिया देते हैं नाक रगड़वाते हैं और फिर पंडिताईन के मुत उनके शरीर पर छिरक कर शुद्धिकरण करता है
जब केस हुआ तो उन अतंकवादी ने इस औरत को आगे किया है हिजारे अब इस औरत का कहना है वो लोग इसके चुchi दावा कर रहे थे और चूT में हाथ डाल राहे थे जबकी वीडियो में साफ दिख रहा है कथा-वाचक को जाति को लेकर गलिया और मारपिट की जा रही है
जाति पुछा धर्म नहीं