एहसास

एहसास मन की बात

30/03/2026

महावीर स्वामी निराले हुए हैं।
उन्हीं की बदौलत उजाले हुए हैं।।
सुखों का किया था हृदय से समर्पण।
तभी सब से विरले निकाले हुए हैं।।
सुहानी जो शिक्षा जगत को बताई।
भरे आज उनसे रिसाले हुए हैं।।
अहिंसा के पथ पर चले वो हमेशा।
नहीं गर्दिशों के हवाले हुए हैं।।
जियो और जीने दो सबको सिखाया।
वही हम मुसाफ़िर संभाले हुए हैं।।
✍️ धर्मेंद्र अरोड़ा 'मुसाफ़िर'
सर्वाधिकार सुरक्षित©️®️

16/03/2026

आइओसीएल एवं विहान ऑफिसर्स क्लब द्वारा आयोजित रस तरंगिणी काव्योत्सव में प्रस्तुति

23/01/2026
20/01/2026

कारवाने अदब करनाल

आज दिव्य पुरुष अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती के अवसर पर लिखी मेरी नई रचना: अटल जी दिलों में रहेंगे हमेशा। लहू बन रगों मे...
25/12/2025

आज दिव्य पुरुष अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती के अवसर पर लिखी मेरी नई रचना:

अटल जी दिलों में रहेंगे हमेशा।
लहू बन रगों में बहेंगे हमेशा।।

सबक दे रही हमको उनकी कहानी।
शमा की तरह हम जलेंगे हमेशा।।

विजय कारगिल था सबक दुश्मनों को।
किसी की गलत न सहेंगे हमेशा।।

कवि, राजनेता, गुणों से भरे थे।
यही सच सभी से कहेंगे हमेशा।।

मुसाफ़िर का वादा यही आज ख़ुद से।
डगर पर उन्हीं की चलेंगे हमेशा।।
✍️धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफ़िर
सर्वाधिकार सुरक्षित©️®️

15/12/2025

मुश्किलों को हटाते चलो!
ज़िंदगानी सजाते चलो!!
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तीरगी खल रही ग़र तुम्हें!
दीप मन के जलाते चलो!!
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बिन रुके ही चलाना कलम!
धार इसमें लगाते चलो!!
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तल्ख़ लहज़ा मुसलसल यहाँ !
शायराना बनाते चलो !!
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बज़्म में तुम मुसाफ़िर सदा!
गीत -ग़जलें सुनाते चलो!!
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✍️धर्मेंद्र अरोड़ा "मुसाफ़िर"
सर्वाधिकार सुरक्षित ©️®️

28/11/2025

2122 1212 22

हर तरफ गुम ही रोशनी होगी। ढ़ल रही जब ये चांदनी होगी।।

बात में गर असर नहीं आता।
आप में कुछ ना कुछ कमी होगी
।।
आस की लौ अगर जलाओगे। रात काली भी शबनमी होगी।।

वक्त अब दे रहा गवाही है। खूबसूरत ही ज़िंदगी होगी।।

आग सारी भले बुझा दी हो।
राख यारों वहां बची होगी।।

बेल रिश्तो की प्यार से सींचो।
तब मयस्सर ही चाशनी होगी।।

जब मुसाफ़िर ग़ज़ल कहे दिल से।
दिलनशीं फिर तो शायरी होगी।।
✍️धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफ़िर
सर्वाधिकार सुरक्षित ©️®️

18/11/2025

जब यकीं का दिली आगमन हो गया।

हर तरफ खूबसूरत चलन हो गया।

रहमतों के दिए जब कलम से जले,

भावनाओं से फिर आचमन हो गया।

धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफ़िर
सर्वाधिकार सुरक्षित©️®️

अजब सी रीति दुनिया में,लोग चलाया करते हैं!बिना छेद की कश्ती को,सागर में डुबाया करते हैं!::::::::::::::::::::::::::::::::...
14/11/2025

अजब सी रीति दुनिया में,
लोग चलाया करते हैं!
बिना छेद की कश्ती को,
सागर में डुबाया करते हैं!
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लोगों की क्या बात करें,
ये आया जाया करते हैं!
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पहले तो ज़ख्म दिया करते,
फिर नमक लगाया करते हैं!
दूजों का दिल तोड़ के अकसर,
दिल को बहलाया करते हैं!
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लोगों की क्या बात करें,
ये आया जाया करते हैं!
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जालिम और मगरूर के आगे,
ये सर को झुकाया करते हैं!
बेबस और लाचार के ऊपर,
ये तो मुसकाया करते हैं!
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लोगों की क्या बात करें,
ये आया जाया करते हैं!
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कभी-कभी तो ये देखो,
रावण बन जाया करते हैं!
इंसा तो बन पाते नही,
भगवान बताया करते हैं!
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लोगों की क्या बात करें,
ये आया जाया करते हैं!
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धर्मेंद्र अरोड़ा मुसाफ़िर
सर्वाधिकार सुरक्षित©️®️

13/11/2025

"हर आँधी ने ये समझाया, ठहरना ही असली हुनर है..."

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Huda Sector 11 Behind Ahuja Sweets
Panipat
132103

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