चुगलखोर

चुगलखोर आ बहन चुगली करे..! बस यही करने के लिए बना है ये पेज। हर घर की चुगली करता एक entertainment से भरा पेज

दावों में लग गई आग कि दिल मेरा हाय... दावा: इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते।हकीकत: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।अरे चाचा ने इ...
25/07/2026

दावों में लग गई आग कि दिल मेरा हाय...
दावा: इस सरकार में इस्तीफे नहीं होते।
हकीकत: शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।

अरे चाचा ने इस्तीफा दिया नहीं है इनसे जनता ने इस्तीफा ले लिया है। राम भली करे इन कॉकरोचेस का।

25/07/2026

सो guys... तमाम जूतम पैजार लठ गोले बारूद चलाने के बाद जब आधी रात में फ्रेंड्स वाली रील भी काम न आई तो फाइनली धर्मेंद्र अंकल ने शिक्षा के प्रधान पद से इस्तीफा दे ही दिया। खैर कहना बस यही था कि पता तो तुम्हें भी था कि इस्तीफा लिखना ही है तो फिर क्यों इतनी छिछियालेदर कराई, अरे चाचा कुर्सी ऊपर तो साथ जाती नहीं कर्म जाते हैं और आपने तो बच्चों पर लठ बजवा कर वो भी खराब कर लिए अब क्या मुंह दिखाओगे ऊपर जाकर।
खैर जिन्हें भी ये आतंकवादी या एंटीनेशनल लग रहे थे आंखे खोलकर देख लो एंटीनेशनल सोनम को अपने कर कमलों से जूस पिलाकर और बाद में उन्हीं एंटीनेशनल बच्चों को फ्रेंड्स कहकर ही अपनी बची खुशी साख बचाई है सरकार ने। देर आये दुरुस्त आए इतना ही कहूंगी। बाकी के तीन साल शांति से बीत जाए और किसी मंत्री को इस्तीफा न देना पड़े ऐसी शुभकामनाओं सहित एक आम नागरिक..!

अब्बा डब्बा जब्बा 🤪🤪

21/07/2026

कल जंतर मंतर पर हुए प्रोटेस्ट के हिंसक वीडियो और फोटो देखकर मन बहुत बेचैन था। तभी याद आया कि कुछ समय पहले एक देवदूत पधारे थे जो राजनीति की गलियों से होते हुए सीधा जनमानस के हृदय में बस गए थे। एयरपोर्ट पर महंगी चाय,28 दिन के रिचार्ज, दस मिनिट की डिलीवरी जैसे सुलगते मुद्दों पर चर्चा करने वाले सुंदर मुखी राष्ट्र जीजा 😃 कल आज और कल कही नजर नहीं आ रहे । अमां जीजा जी दो शब्द कह दिए होते आपने तो आपको फॉलो करने वाले gen z के कलेजे को ठंडक मिल जाती।, खैर आपसे क्या उम्मीद करनी आप तो तिकोने समोसे को न्याय तक न दिला पाए... महंगी चाय का मुद्दा हल करने के बाद समोसे को पूरी उम्मीद थी ये युग पुरुष उसे न्याय दिलवाकर चौकोर करवा ही देगा लेकिन देखो जीजा जी तो निकल लिए नई वर्दी सिलाने।
जब से नई वर्दी पहने हैं उन्हें तो मानो मोक्ष की प्राप्ति हो गई है। अब न देश में गिग वर्कर परेशान है न मजदूर न पेट्रोल का भाव बढ़ रहा न कोई पेपर लीक हो रहा। सब कुछ एकदम चंगा चल रहा है। बिना बात हल्ला करते हो तुम लोग। जीजा जी की बात माना करो और अगर अभी भी यकीन न हो तो तुम भी सिला के देख लो नई वर्दी..! फिर देखो कमाल..! हर तरफ हरियाली और सुकून ही सुकून दिखाई देगा।

खाली पीली बैठे बैठे रैंडम थॉट आ गए guys..! किसी को बुरा लगा हो तो ब्लॉक कर देना i don't माइंड🤪🤪..! हम तो ऐसे ही बेबाक लिखते रहेंगे।

14/07/2026

एक बात कहनी थी, जिस किसी को भी लगता है सरकार को सोनम वांगचुक की परवाह करनी चाहिए वो प्लीज किसी बुरी खबर का इंतजार न करे।
अगर आप वाकई साथ हैं तो वो समर्थन और साथ दिखता क्यों नहीं..? क्यों अकेले पड़ गए वो सच की लड़ाई में..?
अगर आप जंतर मंतर जाकर प्रोटेस्ट नहीं कर सकते तो कम से कम इस व्हाट्सएप्प यूनिवर्सिटी वाली सरकार के कानों में सोशल मीडिया के जरिए ही अपना विरोध जरूर दर्ज करिए। यकीन मानिए हमारी सरकार की पूरी नजर है सोशल मीडिया पर क्या चल रहा है। और अगर इतना भी न कर सको तो याद रखना अगले चुनाव में कम से कम देश की बागडोर उन हाथों में न जाए जिन्होंने हमारे बच्चों और देश के महान वैज्ञानिक को मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया।

बाकी तो आप लोग समझदार हैं ही।

पढ़ लेना guys
13/07/2026

पढ़ लेना guys

13/07/2026

आधी रात का समय था, कमरे में धुत्त सन्नाटा मैने तकिए के नीचे से मोबाइल निकाला और खटाखट उंगलियां स्क्रीन पर नाचने लगी। आंखों में चमक मुंह में पानी और दिल में टीस, मै एक के बाद स्क्रोल करती जा रही हूं और मेरा जुनून बढ़ता जा रहा है। मै वीडियो को बिना स्कीप किए पूरा देख रही हूं फिर तुरंत अगला ये तो पिछले से भी अच्छा है..! और उससे अगला वाला उनसे भी...! सिलसिला चलता जा रहा है लेकिन मैं रुकने का नाम नहीं लेती।
रिलेक्स guys कोई हॉरर मूवी की स्क्रिप्ट नहीं है मेरा नाइट टाइम रूटीन है। मै रोज साड़ियों के 50 60 reels देख लेती हूं मन में खयाल आता है आज तो ले ही लूंगी फिर याद आता है मेरे पास पहले ही बक्सा भर के रखी है जिन्हें मैने दस सालों से हाथ नहीं लगाया है।
ये क्या बीमारी हो गई guys..! कौन से डोपामाइन की नस दब गई है।
इतना दुख है क्या बताए... साड़ी पहनी नहीं जाती लेकिन देखकर इतना जी ललचाता है क्या बताऊं..? मैने 100 साड़ियां शॉर्ट लिस्ट कर रखी है करवा चौथ के लिए...!😜😜
लेनी एक ही है फिर भी पता नहीं क्यों रोज phd करती हूं देख देख कर। किसी ओर को भी ये बीमारी है क्या..? कोई इलाज देसी नुस्खा हकीम की दवा हो तो वो भी बता देना, आई डोंट माइंड..!

खैर आज के लिए मेरा साड़ी का कोटा पूरा हो गया गुड नाइट।

आमिर खान की शादी हो गई, जी हां तीसरी बार निकाह पढ़ लिया भाई जान ने। तो मित्रानियों और उनके मित्रों जलो मत बराबरी करो...!...
05/07/2026

आमिर खान की शादी हो गई, जी हां तीसरी बार निकाह पढ़ लिया भाई जान ने। तो मित्रानियों और उनके मित्रों जलो मत बराबरी करो...! चार लोग क्या कहेंगे सोच कर अपनी जिंदगी में आग लगाने वालों देखो ये होता है मर्द..! जिससे भी प्यार करता है शादी जरूर करता है ऐसे नहीं कि घुमा फिरा के कसमे वादे खाकर छोड़ दिया। जिससे प्यार करता है बाकायदा सारी दुनिया के सामने शादी करता है गिफ्ट में एक दो बच्चे देता है और उसके बाद आगे तुम्हे खुलकर जीने की पूरी आजादी भी देता है। और वो जो चार लोग है ना उन्हें तो सैलरी पर रख रखा है भाई जान ने, थोड़े थोड़े दिन में बाते करने के लिए नया टॉपिक देते रहते हैं उन्हें। तो भाई आप चार लोग करते रहो बातें ,भाई जान को बोले तो तीसरी बार वेल्डिंग की बधाइयां..!
और हां एक बात लास्ट बट नोट लीस्ट, अपनी ex को दिन रात मुंह भर भरकर कोसने वालों देखो कैसे रखते हैं हेल्थी रिलेशनशिप सुना है भाई जान को विदा करने पिछली वाली दोनों बेगम अपने बाल बच्चों एक्स याई ज़ेड सबके साथ आई हुई थी।
कुछ समझ में आ रहा है छोटी सोच वालों जियो और जीने दो किसे बोलते हैं???

हां नहीं तो जेलस पीपल कही के

आज एक जीजी की पोस्ट पढ़ी मेक अप के फायदे पढ़कर मन से आवाज आई ठीक है अपनी शक्ल को सुधारकर मतलब मेकअप करके थोड़ा अदा वदा झ...
05/07/2026

आज एक जीजी की पोस्ट पढ़ी मेक अप के फायदे पढ़कर मन से आवाज आई ठीक है अपनी शक्ल को सुधारकर मतलब मेकअप करके थोड़ा अदा वदा झाड़कर जो वैसे मुझसे होती नहीं,एक दो फोटू खींच कर dp बदल देती हूं।
बड़ी मुश्किल से 20 25 फोटू में से एक फोटू पसंद करी बहुत कॉन्फिडेंस से dp पर लगाई और अगले 30 सेकंड में एक मित्रानी का मैसेज आ गया," तबियत खराब चल रही है क्या..? "
मै: नहीं तो क्या हुआ..?
मित्रानी: यार डीपी में बीमार सी लग रही हो...!
मित्रों पिछले एक घंटे से आंसू नहीं रुक रहे, मेक अप वाली अच्छे कपड़ों की फोटो पर इत्ता सुंदर कमेंट और अगर मेरा असली मुंह देख लिया तो ये कही मुझे ब्लॉक न कर दे डर के मारे कि हाय अल्ला ये भी इंसान का बच्चा है।
मेरा तो मेकअप से विश्वास उठ गया guys...! दो घंटे की मेहनत खराब हो गई और बेज्जती सहने की हिम्मत नई थी तो हमने तो dp हटा ली।
अब मत पूछना चुगलखोर अपना फोटू क्यों नहीं लगाती। जो बात है साफ बता दी है।

वो जो हिन्द का चमकता सितारा हैं, जो देश को चलाने की काबिलियत रखते हैं, जिनकी आंखों में सैकड़ों सपने हर पल पनप रहे हैं। उ...
22/06/2026

वो जो हिन्द का चमकता सितारा हैं, जो देश को चलाने की काबिलियत रखते हैं, जिनकी आंखों में सैकड़ों सपने हर पल पनप रहे हैं। उनके नाम हर माता पिता ,एक ऐसी सूची में देखना चाहते हैं जिसके बाद संघर्ष का अंत हो और जीवन की नई शुरुवात लेकिन ये दुर्भाग्य है इस देश का कि हर दूसरे दिन यहां एक सूची प्रकाशित होती है। सुंदर मासूम चमकती आंखों वाले युवा बच्चों की लेकिन उनके नाम के आगे लगा है स्वर्गीय..!
क्या ये उम्र थी उनकी चले जाने की। क्या इस देश का आम आदमी अपनी गाढ़ी कमाई स्कूल कॉलेज कोचिंग में लुटाकर अपने बच्चों को इसी सूची में प्रकाशित करने के लिए पाल रहा है। क्या इन बच्चों का मर जाना इतनी सामान्य सी बात है कि अब लोग ऐसी खबर पढ़कर औपचारिकता से बस अखबार का पन्ना पलट देते हैं।

हर नए दिन एक नई सूची प्रकाशित होती है कोई परीक्षा के स्ट्रेस में चला गया किसी को पेपर लीक का नाकाम सिस्टम खा गया किसी को प्रशासन की लापरवाही खा गई कोई अस्पताल के वार्ड में जल कर मर गया तो कोई किताब पढ़ते हुए स्वाहा हो गया।

कितना सरल हो गया ऐसी खबरों को पढ़कर अगली खबर का इंतजार करना, हम भीतर से कितने अमानव हो गए इसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। किसी के जीवन भर की पूंजी थे ये बच्चे, किसी के घर का चिराग़ ,किसी मां के जीने की आस किसी पिता की आंखों का तारा... क्या कोई भरपाई है इस लॉस की..?
आप महंगी बिल्डिंग में घर लेकर रह रहे हैं फिर भी आग लगी तो करोड़ो का घर ही कब्र बन जाएगा, न महंगे होटल सुरक्षित हैं न बहुमंजिला इमारत न स्कूल न कॉलेज न दुकान... आखिर जिम्मेदारी किसकी है..? कोई तो होगा जो जिम्मेदारी लेगा, क्या सरकारें इतनी नादान है कि आपदा नाम की भी चीज होती है उसे भुला बैठीं है। सभी आगजनी की घटनाओं में एक बात कॉमन है कही भी आग बुझाने की गाड़ी समय से नहीं पहुंची। जहां पहुंची तो आवश्यक उपकरण ही नहीं थे।
ये कैसा विकास कर दिया हमने इस देश का..? कोई गड्ढे में गिरकर मदद मांगते हुए मर जाता है कोई आग में फंसकर मर जाता है और प्रशासन बस यही कह पाता है उनके पास आपदा प्रबंधन के लिए इंतजाम नहीं है।
प्रधान मंत्री राहत कोष के लिए इस देश ने भर भर के दान दिया था। कितने और बच्चों की मौत के बाद राहत कार्यक्रम शुरू होगा या सरकार मौत के बाद बस मुआवजा बांटती रहेगी।।

अगले चुनाव में जब अपनी उपलब्धियां गिनाने ये सरकार आए तो आप ये मृत्यु सूची उनके सामने रखकर सवाल जरूर करियेगा। इस सूची को वो अपनी उपलब्धि मानते हैं या नहीं..!

सवाल पूछने की जरूरत है आखिर क्यों... और कब तक.. हमारे बच्चों के जीवन का मोल नहीं समझा जाएगा..
अब तो इस देश और सिस्टम से कोई उम्मीद ही खत्म होती जा रही है..!

एक यू ट्यूबर है जिन्होंने अपने पति के टिफिन को दिखा दिखाकर जाने कितने घरों में लड़ाई कराई। आज मेरे पति के टिफिन में क्या...
20/06/2026

एक यू ट्यूबर है जिन्होंने अपने पति के टिफिन को दिखा दिखाकर जाने कितने घरों में लड़ाई कराई। आज मेरे पति के टिफिन में क्या है कैप्शन वाले वीडियो देखकर एक समय पर मेरे जैसे नॉन घरेलू विचारों वाली महिला तुनक जाया करती थी। देखो तुम्हारे पति के टिफिन में छप्पन भोग होंगे लेकिन उसे सोशल मीडिया पर दिखाकर हमारे जैसे दाल चावल वालो की ज़िंदगी में आग लगाना कोई अच्छी बात है क्या..? खैर ये मेरी पर्सनल खुन्नस थी इसलिए मुझे मैडम के वीडियो कभी खास पसंद नहीं आए और रही सही कसर निकाल देते थे उनके वीडियो पर आए कोमेंट कि मैडम आप तो अन्नपूर्णा हो लक्ष्मी हो,आपके पति बड़े किस्मत वाले हैं। फलाना dhimkana...! फिर आया वो पल जब उन्होंने अपना इकलौता सोलह साल का बच्चा खो दिया। खबर सुनकर मानो कलेजा फट गया मेरा। किसी भी मां के लिए अपनी संतान को खो देने की कल्पना भी डरा देती है लेकिन उसने इस पल को जिया..! जो हुआ उसे हम और आप बदल नहीं सकते। लाख सर पटक कर भी जाने वाले को वापिस नहीं लाया जा सकता। उम्मीद यही थी कि इस दुख की धड़ी में लोग उनकी तकलीफ को समझेंगे। लेकिन पिछले एक साल से सोशल मीडिया पर महिलाओं ने उस बेचारी को टारगेट करके रखा है। बेटा चला गया तब भी मुस्कुरा रही है, पार्टी में जा रही है, रील बना रही है। हर बात पर यही ताना कि इसे बेटे के जाने का दुख नहीं..! कपड़े कैसे पहनती है, बातें ऐसे करती है पूजा पाठ क्यों नहीं करती है..! कुछ महिलाएं तो इतनी छोटी और ओछी बातें लिखती है कि खुद के इंसान होने पर शर्म आ जाती है। किस दिशा में जा रहे हैं हम लोग..? क्या यही मानवता है...? किसी के दुख में उसे कंधा देकर खड़े होने सिखाना इंसानियत है न कि अपने दुखों से जूझकर लड़खड़ा कर चलते इंसान की टांग खींचकर गिराना। आखिर लोग चाहते क्या है वो पति पत्नी जीना छोड़ दे..? बाहर जाना बंद कर दे..? अपनी हॉबी काम सब छोड़कर एक कमरे में पड़े रहे..?
जाने वाला चला गया जो पीछे छूट गए उन्हें दुनिया जीने नहीं दे रही। भगवान न करे कभी ये कोई गलत कदम उठा ले तो हम में से ही कुछ लोग आकर कहेंगे दुख था तो बांटना चाहिए था आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने ये रास्ता चुना।
एक समाज होने के नाते आप सभी से सवाल है,क्या वाकई किसी को दुख भूलकर आगे बढ़ता देखने की शक्ति है हमारे अंदर..? क्या हम किसी विधवा को श्रृंगार में देखकर सहज स्वीकार कर लेते हैं क्या बेटे की मौत के बाद मुस्कुराती औरत की हंसी हमे नहीं चुभ रही..? आखिर एक समाज के रूप में हमारी जिम्मेदारी क्या है..? पहला सवाल अपनेआप से पूछते हैं शायद जवाब हमारे भीतर ही छिपा है।

Address

Noida
Noida
201001

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when चुगलखोर posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Shortcuts

Share

Category