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शब्दों का जादूगर � | शेर-ओ-शायरी, ग़ज़ल और कविता मेरी पहचान
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कुछ अल्फ़ाज़ ऐसे भी होते हैं जो सीधा दिल से नहीं, एक टूटे हुए दिल की खामोशी से निकलते हैं...बस वही कहने की कोशिश की है आ...
21/04/2025

कुछ अल्फ़ाज़ ऐसे भी होते हैं जो सीधा दिल से नहीं, एक टूटे हुए दिल की खामोशी से निकलते हैं...
बस वही कहने की कोशिश की है आज लफ़्ज़ों में।

हर शेर में छुपा है एक अधूरा एहसास,ये ग़ज़ल नहीं... मेरी ख़ामोशियों की आवाज़ है।"कैसे बताऊँ तुम को मेरी बेबसी, यारों..."प...
08/04/2025

हर शेर में छुपा है एक अधूरा एहसास,
ये ग़ज़ल नहीं... मेरी ख़ामोशियों की आवाज़ है।
"कैसे बताऊँ तुम को मेरी बेबसी, यारों..."
पूरी ग़ज़ल पढ़ो और बताओ कौन सा शेर दिल को छू गया?




















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