23/03/2025
रोहित शर्मा सीमित ओवरों के क्रिकेट में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक हैं। वनडे में उनके तीन दोहरे शतक (कोई अन्य खिलाड़ी दो से ज्यादा नहीं बना पाया) और टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनकी विस्फोटक शुरुआत उन्हें खास बनाती है। मार्च 2025 तक, उनके नाम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के (600 से अधिक) हैं, जो उनकी आक्रामकता और गेम-चेंजिंग क्षमता को दर्शाता है।
आलोचकों ने अक्सर कहा कि रोहित बड़े मौकों पर फेल हो जाते हैं, लेकिन 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने इसे गलत साबित किया। उदाहरण के लिए, चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 76 रन की उनकी पारी ने भारत को जीत दिलाई। वह टीम को शुरुआती बढ़त देने में माहिर हैं, जो बड़े टूर्नामेंट्स में बेहद जरूरी होता है।
रोहित ने अपनी बल्लेबाजी शैली को टीम की जरूरतों के हिसाब से ढाला। पहले वह मध्यक्रम में खेलते थे, लेकिन 2013 में ओपनिंग शुरू करने के बाद उन्होंने खेल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनकी यह लचीलापन टीम के लिए हमेशा फायदेमंद रही है।
रोहित ने मुंबई इंडियंस को पांच बार IPL चैंपियन बनाया और भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जिताई। वह एकमात्र कप्तान हैं जिन्होंने तीन साल में सभी ICC टूर्नामेंट्स (ODI वर्ल्ड कप, टी20 वर्ल्ड कप, चैंपियंस ट्रॉफी, और वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप) के फाइनल में टीम को पहुंचाया, भले ही सभी न जीत सके। यह उनकी रणनीतिक सोच और दबाव में प्रदर्शन का प्रमाण है।
रोहित की कप्तानी की सबसे बड़ी खूबी है कि वह अपने खिलाड़ियों का पूरा समर्थन करते हैं। युवा खिलाड़ियों जैसे यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल और अर्शदीप सिंह को उन्होंने मौके दिए और आत्मविश्वास बढ़ाया। उनकी यह खूबी ड्रेसिंग रूम में सकारात्मक माहौल बनाती है।
रोहित की हालिया टेस्ट फॉर्म (2024-25 में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब प्रदर्शन) और उम्र (37 साल) को लेकर आलोचना होती है। लेकिन वनडे और टी20 में उनका योगदान लगातार शानदार रहा है। वह व्यक्तिगत आंकड़ों से ज्यादा टीम की जीत पर फोकस करते हैं, जैसा कि उन्होंने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी के बाद कहा था, "शतक अच्छे लगते हैं, लेकिन ट्रॉफी ज्यादा मायने रखती है।"
कुछ लोग उनकी फिटनेस पर उंगली उठाते हैं, लेकिन रोहित ने अपनी कप्तानी और प्रदर्शन से दिखाया कि वह अभी भी मैदान पर प्रभाव डाल सकते हैं। उनकी चोटों के बावजूद, वह टीम के लिए प्रेरणा बने रहे।
कई बार सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभियान चलाए गए, जैसे 2024 में मुंबई इंडियंस की कप्तानी छिनने के बाद या टेस्ट में खराब प्रदर्शन के दौरान। फिर भी, रोहित ने इन आलोचनाओं को नजरअंदाज कर रणजी ट्रॉफी खेली, फॉर्म हासिल की और वापसी की, जो उनके जुझारूपन को दिखाता है।
रोहित शर्मा की अहमियत सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि उनके नेतृत्व, टीम को एकजुट करने की क्षमता और बड़े मौकों पर प्रदर्शन में नजर आती है। आलोचनाएं उनकी राह में रुकावट बन सकती हैं, लेकिन उनका रिकॉर्ड और प्रभाव उन्हें आज भी भारत का सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ी और कप्तान बनाए रखता है। मार्च 2025 तक, उनकी कप्तानी में भारत की सफेद गेंद वाली टीम दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में से एक है, और यह उनकी काबिलियत का सबसे बड़ा सबूत है।