Rahul Ka Safar & Fun

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Page Created By- Rahul Tiwari

24/04/2026
मुंबई के चेंबूर में स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर (श्री अहोबिला मठ) न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह दक्षिण भारती...
24/04/2026

मुंबई के चेंबूर में स्थित श्री लक्ष्मी नरसिम्हा मंदिर (श्री अहोबिला मठ) न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह दक्षिण भारतीय संस्कृति और परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक भी है।
मंदिर का इतिहास (History)
इस मंदिर का इतिहास श्री अहोबिला मठ की स्थापना और मुंबई में इसके विस्तार से जुड़ा है:
शुरुआत (1948): मुंबई के श्रीवैष्णवों के अनुरोध पर, श्री अहोबिला मठ के 42वें जीयर, श्री इंजिमेदु अझगियासिंगर ने 1948 में चेंबूर में इस भूखंड (plot) को खरीदा था।

आशीर्वाद (1956): उनके उत्तराधिकारी, 43वें जीयर श्री देवनारविलागम अझगियासिंगर ने 1956 में अपनी विजय यात्रा के दौरान इस स्थान का निरीक्षण किया और यहाँ एक भव्य मंदिर बनने का आशीर्वाद दिया।
sriahobilamutt-chembur.com
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निर्माण और प्रतिष्ठा (1968): मंदिर का निर्माण कार्य 44वें जीयर की देखरेख में पूरा हुआ। उन्होंने 1968 में मुंबई में अपना 'चातुर्मास्य व्रतम' रखा और व्यक्तिगत रूप से कार्य की निगरानी की। 25 अगस्त, 1968 को मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा (consecration) संपन्न हुई।
विकास: 21 जनवरी, 2010 को यहाँ 'थायर सन्निधि' के स्वर्ण विमान का महासम्प्रोक्षण किया गया। इसके बाद, 9 नवंबर, 2014 को मुंबई का पहला श्री धन्वंतरि भगवान का मंदिर परिसर के भीतर स्थापित किया गया।
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मंदिर का विवरण और वास्तुकला
यह मंदिर अपनी शांति और दक्षिण भारतीय स्थापत्य शैली के लिए जाना जाता है:
मुख्य देवता: यहाँ भगवान विष्णु के उग्र अवतार लक्ष्मी नरसिम्हा की पूजा की जाती है। मंदिर परिसर में लक्ष्मी नारायण और लक्ष्मी हयग्रीव के मंदिर भी स्थित हैं।
स्वर्ण विमान: मंदिर की एक मुख्य विशेषता 'थायर सन्निधि' का स्वर्ण विमान (गोल्डन डोम) है, जो भक्तों के आकर्षण का केंद्र है।

धार्मिक महत्व: यह मंदिर 'वदकलई श्री वैष्णव' परंपरा का पालन करता है और अहोबिला मठ की शाखा के रूप में कार्य करता है, जिसकी मुख्य पीठ आंध्र प्रदेश के अहोबिलम में है।

महत्वपूर्ण आयोजन और त्यौहार
मंदिर में वार्षिक उत्सव बहुत धूमधाम से मनाए जाते हैं:
श्री नृसिंह जयंती: यह 11 दिनों तक चलने वाला मुख्य त्यौहार है।
अन्य त्यौहार: नवरात्रि उत्सव, अदयाना उत्सव, और विभिन्न अलवारों व आचार्यों के 'तिरुम नक्षत्रम' (जन्म उत्सव) यहाँ आयोजित किए जाते हैं।

स्थान और संपर्क:
पता: 399, श्री अहोबिला मठ रोड (डायमंड गार्डन के पास), चेंबूर, मुंबई, महाराष्ट्र 400071।
समय: मंदिर सुबह जल्दी खुलता है और रात 8:00 या 9:00 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है।

Date-13-4-26Location - Lamuha Sultanpur Uttar Pradesh Shree Janwari Nath Temple (Mahadev Mandir)बाबा जनवारी नाथ धाम (Jan...
13/04/2026

Date-13-4-26
Location - Lamuha Sultanpur Uttar Pradesh
Shree Janwari Nath Temple (Mahadev Mandir)

बाबा जनवारी नाथ धाम (Janwari Nath Dham) उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले में लंभुआ तहसील के सैतापुर सराय गाँव में स्थित एक प्रसिद्ध और पौराणिक शिव मंदिर है। यह मंदिर घने जंगल के बीच स्थित है और यहाँ एक स्वयंभू शिवलिंग है, जो खुले आसमान के नीचे पीपल के विशाल वृक्ष के नीचे स्थापित है।
जनवारी नाथ मंदिर की मुख्य विशेषताएं और मान्यताएं:
खुले आसमान के नीचे शिवलिंग: यह मंदिर का सबसे अनोखा पहलू है। स्थानीय मान्यता है कि जिसने भी शिवलिंग के ऊपर छत बनाने की कोशिश की, उसका अनिष्ट हुआ।
स्वयंभू शिवलिंग: यहाँ शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ माना जाता है।
सावन और सोमवार का महत्व: सावन के महीने में यहाँ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, और हर सोमवार व शनिवार को विशेष पूजा होती है।
मंगला आरती: यहाँ काशी की तर्ज पर हर सोमवार की शाम को विशेष मंगला आरती की जाती है।
विकास और सुविधाएं: हाल ही में धाम के विकास के लिए लगभग ₹1 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिसके तहत यात्री हॉल, शौचालय और सौंदर्यीकरण का काम हो रहा है।
स्थान और पहुँच:
यह मंदिर सुलतानपुर जिला मुख्यालय से लगभग 18 किलोमीटर की दूरी पर लंभुआ क्षेत्र में है।
यह मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि स्थानीय लोगों की गहरी आस्था का केंद्र भी है।
बाबा जनवारीनाथ धाम:

Date- 08.04.2026Location - Machlishaer Mahadev Mandir दियावां महादेव मंदिर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बरसठी विकास खं...
08/04/2026

Date- 08.04.2026
Location - Machlishaer Mahadev Mandir

दियावां महादेव मंदिर उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के बरसठी विकास खंड में स्थित एक अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर है, जो आस्था का केंद्र है। त्रेतायुग से संबंधित इस मंदिर के शिवलिंग की स्थापना भगवान राम के भाई शत्रुघ्न द्वारा मानी जाती है, जिसे पहले दीनानाथ के नाम से जाना जाता था।
दियावां महादेव मंदिर की प्रमुख विशेषताएं:
पौराणिक इतिहास: मान्यता के अनुसार, शत्रुघ्न ने यहाँ भगवान शिव की स्थापना की थी। मंदिर की खुदाई के दौरान शिवलिंग की गहराई अंतहीन पाई गई, जिसके बाद यहाँ मंदिर का निर्माण किया गया।
सावन और सोमवार का महत्व: सावन के महीने और हर सोमवार को यहाँ भक्तों की भारी भीड़ लगती है। हजारों श्रद्धालु, विशेषकर कांवड़िए, गंगाजल और बेलपत्र से जलाभिषेक करते हैं।
मान्यता: कहा जाता है कि यहाँ सच्चे मन से मन्नत मांगने वालों की मुरादें पूरी होती हैं। मन्नत पूरी होने पर भक्त संतानोत्पत्ति के लिए 'निशान' चढ़ाते हैं और मुंडन संस्कार भी कराते हैं।
स्थान: यह मंदिर जौनपुर के बरसठी, मछलीशहर क्षेत्र में स्थित है, जहाँ दूर-दराज से लोग दर्शन के लिए आते हैं।
सावन में प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं और मंदिर की सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जाता Hai.

बिजेथुआ महावीरन, सुलतानपुर (लम्भुआ के पास) एक अत्यंत प्राचीन और पौराणिक हनुमान मंदिर है, जहाँ संजीवनी लाते समय हनुमान जी...
07/04/2026

बिजेथुआ महावीरन, सुलतानपुर (लम्भुआ के पास) एक अत्यंत प्राचीन और पौराणिक हनुमान मंदिर है, जहाँ संजीवनी लाते समय हनुमान जी ने राक्षस कालनेमि का वध किया था। इस प्रसिद्ध सिद्धपीठ में हनुमान जी की स्वयंभू प्रतिमा है, जहाँ मकर कुंड में स्नान का महत्व है। यहाँ मंगलवार/शनिवार को भारी भीड़ होती है और मनोकामना पूर्ति के लिए घंटियां चढ़ाई जाती हैं।
District Sultanpur

बिजेथुआ महावीरन मंदिर (Bijethua Mahaveer Temple) की प्रमुख जानकारियां:
पौराणिक महत्व: रामायण के अनुसार, जब हनुमान जी संजीवनी बूटी लेकर लंका जा रहे थे, तब रावण के दूत कालनेमि ने यहाँ साधु वेश में उन्हें रोकने की कोशिश की थी। हनुमान जी ने कालनेमि का वध किया और मकर कुंड में स्नान किया था, जिसे अब मकड़ी कुंड के नाम से जाना जाता है।
स्थापना: यह एक सिद्धपीठ है, यहाँ हनुमान जी की प्रतिमा स्वयंभू (स्वयं प्रकट) मानी जाती है।
विशेषता: यहाँ हनुमान जी का दायां पैर पाताल लोक तक गया है, जिसे पुरातत्व विभाग भी नहीं खोज पाया था। मंदिर में घंटियों का बहुत बड़ा संग्रह है।

स्थान और दूरी: यह सुल्तानपुर जिले के कादीपुर तहसील के पास सूरापुर में स्थित है। यह सुल्तानपुर जिला मुख्यालय से लगभग 40-50 किमी की दूरी पर है।

दर्शन का समय: मंदिर सुबह से देर रात तक खुला रहता है, लेकिन मंगलवार और शनिवार को यहाँ विशेष पूजा और मेले का माहौल होता है।
प्रसाद: श्रद्धालु यहां हलवा-पूरी का भोग लगाते हैं, जो पास के कुंड के पास ही पकाया जाता है।
कैसे पहुँचें: लखनऊ, सुल्तानपुर या प्रतापगढ़ से सड़क मार्ग द्वारा कादीपुर और फिर सूरापुर बाजार पहुँचा जा सकता है।

मंदिर परिसर में धर्मशाला उपलब्ध है, लेकिन भोजन की व्यवस्था यात्रियों को स्वयं करनी पड़ती है। यह स्थान उत्तर प्रदेश के सबसे प्रमुख हनुमान मंदिरों में से एक माना जाता है।

22/03/2026










All Images Mix Location.Maharashtra _ UP_ Gujrat      #नदियां_किनारे
17/03/2026

All Images Mix Location.
Maharashtra _ UP_ Gujrat

#नदियां_किनारे

04/01/2026

Kitchen officially closed 😌

मिडिल क्लास की आर्थिक हालात बिगड़ने के 10 मुख्य कारण1. घर के सभी सदस्यों के पास महंगे स्मार्ट फोन।2. देखा-देखी बाहर घूमने...
04/01/2026

मिडिल क्लास की आर्थिक हालात बिगड़ने के 10 मुख्य कारण

1. घर के सभी सदस्यों के पास महंगे स्मार्ट फोन।
2. देखा-देखी बाहर घूमने जाने का ट्रेंड।
3. बाईक से काम चले वहां भी स्टेटस के लिये कार चाहिए ।
4. घर के भोजन के बजाय वीकेन्ड पर बाहर खाने का चस्का।
5. ब्यूटी पार्लर, सलून, ब्रान्डेड कपड़ों की चाहत।
6. जन्मदिन और मैरिज एनिवर्सरी में पैसों का गलत व्यय।
7. सगाई और शादी में दिखावे के लिये हैसियत से अधिक गैर-जरूरी खर्च।
8. प्राईवेट स्कूल में पढ़ाने की फैशन और स्कूल व ट्यूशन फीस में वृद्धि।
9. गलत लाईफ स्टाईल के कारण मैडिकल खर्च में बढ़ौतरी।
10. लोन की ऊंची ब्याज दर और क्रेडिट कार्ड के कारण अधिक चीजें खरीदने की गलत आदत।

इन खर्चों के कारण न तो परिवार की कमाई में वृद्धि हो रही है और न ही बचत हो रही है । परिणाम स्वरुप अधिकांश घरों में अशांति है मानसिक तनाव है।
अनावश्यक खर्चों को कम करो।
मनुष्य की मूल आवश्यकता रोटी, कपड़ा और मकान थी, है और रहेगी।
इंसान के आज कम उम्र से ही बीमार होने , दुखी रहने और असफल होने का कारण है हम जीवन जीने का तरीका भूल गए है ।
घर का शुध्द भोजन खाइये और दिखावे को त्यागकर आनंद से जीना सीखे। दुनिया को देखने की दृष्टि बदलिए। दुनिया मे आप जैसे लाखो करोड़ो है कौन किसकी परवाह करता है इसलिए दुसरो की राह पर न चले अपनी राह खुद बनाये।
माना कि अमीरी और गरीबी भाग्य द्वारा तय है किंतु कर्म विचार और जीवन जीने का तरीका आपके पास सुरक्षित है।

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