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Tilak भारत की पौराणिक गाथाओं और भक्ति संगीत का अनुपम संकलन। Greatest Hindu Epics and devotional content!
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भारत की पौराणिक गाथाओं और भक्ति संगीत का अनुपम संकलन। Treasure trove of greatest Hindu Epics and devotional music.

19/05/2026

भगवान भक्त और ज्ञानी के साथ कैसा बर्ताव करते है? | Ramayan Dialogues Compilation

Ramayan Dialogue Status is a series of Dialogue Clips from Ramanand Sagar's Ramayan. Spoken by actors portraying Sri Ram, Sita Ma, Hanuman ji, Lakshman , Bharat, Ravan, Meghnad, Kumbhkaran among others, these Ramayan Dialogues are like life lessons for everyone to learn from. रामानंद सागर कृत् रामायण के चुनिंदा डायलॉग की शृंखला है रामायण डायलॉग स्टैटस। भगवान श्री राम, सीता माँ, हनुमान जी, लक्ष्मण, भरत, रावण, मेघनाद, कुम्भकर्ण इति आदि के पात्रों द्वारा उचारे ये संवाद जीवन सीख प्रदान करते हैं।

19/05/2026

तुम्हारा मुझ पर पूर्ण अधिकार है राधे | श्री कृष्ण

19/05/2026

सीता जी का सत्य जानकर गौतमी माँ हुई द्रवित | UR_EP_36_Part_04

गौतमी माँ सीता जी को बताती है कि लव-कुश को महाराज राम ने राजसभा में रामायण सुनने के लिए बुलाया। अयोध्या वासी अपनी महारानी के साथ किए गए अन्याय से बहुत लज्जित हो रहे हैं। यह सुन सीता की आँखों में एक चमक आ जाती है, तो वही गौतमी माँ उनसे क्षमा माँगते हुए कहती है कि मुझे नहीं पता था कि मैं जिसे पुत्री-पुत्री कह रही हूँ, वो अयोध्या की राजरानी है। मैं आपसे मूर्ख की भांति आपसे सेवा कराती रही, मुझे क्षमा कर देना महारानी। महारानी शब्द सुनकर भावुक सीता जी कहती है कि मेरा पुत्री का अधिकार छीनकर मुझे महारानी मत बनाओ, आपकी ममता की छाया ना होती तो मेरे यह दिन कैसे कटते माता, मुझे अपनी पुत्री कहो। वही दूसरी ओर अयोध्या की राजसभा में सभी लव-कुश की प्रतीक्षा कर रहे होते है। माता सुमित्रा माता कौशल्या से कहती है कि सुना है वो जब सीता की कथा सुनाते हैं, तो अयोध्या वाले रोते हैं। उत्तर में माता कौशल्या कहती है कि अब रोने और पश्चाताप करने से क्या लाभ?

रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है।

19/05/2026

लव-कुश से मिलकर आत्मविभोर हुए श्रीराम ने उनसे रामायण कथा सुनाने का किया आग्रह | UR_EP_36_Part_03

लव-कुश की आँखों में आँसू देख श्रीराम के बैरागी मन में भी भावना की हिलोरे उठने लगती है, वह लव-कुश की प्रशंसा करते हुए कहते है कि वीरता में भी निपुण और संगीत के सुर-ताल का भी इतना ज्ञान कैसा अद्भुत मेल है। अपनी प्रशंसा सुन लव-कुश कहते है कि ये सब तो हमारे गुरुदेव की अनुकंपा है, संगीत की शिक्षा भी उन्होंने प्रदान की है और उन्होंने रामायण नाम का एक महाकाव्य लिखा है जिसमें उन्होंने आपका संपूर्ण जीवन चरित्र वर्णन किया है। यह सुन श्रीराम कहते है कि क्या हमें भी वह कथा सुनाओंगे। लव-कुश कहते है कि यदि सारी रामायण सुनेंगे तब तो बहुत दिन लगेंगे। श्रीराम कहते है कि प्रतिदिन यज्ञ के पश्चात तुम दोनों सभा भवन में आकर इस कथा का गान करो, हम सब सुनेंगे। जब अयोध्या की प्रजा को पता चलता है कि महाराज ऋषि कुमारों का गायन सुनकर भाव-विभोर हो गए थे और अब ऋषि कुमार प्रतिदिन रामायण की कथा सुनाएंगे। तो कुछ नागरिक यह भी कहते है कि मुझे तो उन दोनों में राजा राम की छवि दिखाई देती है, जब महाराज राम छोटे थे तब ऐसे ही दिखाई देते थे।

रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है। इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है।

19/05/2026

निष्काम कर्म योग की साधना | श्री कृष्ण

19/05/2026

योगाभ्यास के दौरान इन छोटी-छोटी गलतियों से बचें | 7 Mistakes to Avoid During Yoga

योगाभ्यास एक ऐसी कला है जो न केवल शरीर को स्वस्थ और लचीला बनाती है, बल्कि मन को भी शांत और एकाग्र करती है। चाहे आप वर्षों से योग कर रहे हों या अभी-अभी इसकी शुरुआत की हो, कुछ मूलभूत बातों का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। अक्सर लोग इन छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देते, जिससे योग का पूर्ण लाभ नहीं मिल पाता या फिर गलत तरीके से अभ्यास करने पर चोट लगने का खतरा भी रहता है। योगाभ्यास के दौरान शुद्ध वातावरण, सही श्वास-प्रश्वास, और शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास करना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

योगाभ्यास शुरू करने से पहले, शौच यानी शुद्धि का विशेष ध्यान रखें। इसका अर्थ है कि आपके आसपास का वातावरण स्वच्छ, हवादार और शांत होना चाहिए। साथ ही, शरीर की आंतरिक शुद्धि के लिए पेट साफ होना भी आवश्यक है। योग अभ्यास हमेशा खाली पेट या हल्के आहार के बाद करना चाहिए। अभ्यास के लिए सूती और आरामदायक कपड़े पहनें, जिससे शरीर की गतिविधि आसानी से हो सके। योग मैट या चटाई का उपयोग करें और सुनिश्चित करें कि अभ्यास करते समय शरीर को कसकर न रखें और अनावश्यक झटके न दें।

योगाभ्यास के दौरान श्वास-प्रश्वास पर विशेष ध्यान दें। जब भी कोई आसन करें, तो यह सुनिश्चित करें कि आप सही समय पर सांस ले रहे हैं और छोड़ रहे हैं। श्वास को कभी भी रोककर नहीं रखना चाहिए, जब तक कि विशेष रूप से ऐसा करने के लिए न कहा गया हो। योगाभ्यास का समापन सदैव ध्यान, मौन, और शांति पाठ से करें। योगाभ्यास के 20-30 मिनट बाद स्नान करें और आहार ग्रहण करें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप योग के पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं।

स्वस्थ रहें प्रसन्न रहें। दिव्य शक्ति की कृपा हम सब पर बनी रहे। हरी ॐ तत् सत्।

श्रेय:
डॉ. नेहल शर्मा
आयुर्वेदिक चिकित्सक

Disclaimer: यहाँ मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहाँ यह बताना जरूरी है कि तिलक किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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19/05/2026

योगाचित्तवृत्तिनिरोध: | रामायण

19/05/2026

राजा का कर्तव्य कितना कठिन होता है | Ramayan Katha | रामायण कथा

"""रामायण एक भारतीय टेलीविजन श्रृंखला है जो इसी नाम के प्राचीन भारतीय संस्कृत महाकाव्य पर आधारित है। यह श्रृंखला मूल रूप से 1987 और 1988 के बीच दूरदर्शन पर प्रसारित हुई थी। इस श्रृंखला के निर्माण, लेखन और निर्देशन का श्रेय श्री रामानंद सागर को जाता है। यह श्रृंखला मुख्य रूप से वाल्मीकि रचित 'रामायण' और तुलसीदास रचित 'रामचरितमानस' पर आधारित है।
इस धारावाहिक को रिकॉर्ड 82 प्रतिशत दर्शकों ने देखा था, जो किसी भी भारतीय टेलीविजन श्रृंखला के लिए एक कीर्तिमान है। इस श्रृंखला को 2020 के कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान पुनः प्रसारित किया गया था और इसने विश्व स्तर पर कई धारावाहिकों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया था और कई नए रिकॉर्ड स्थापित किये, जिनमें 16 अप्रैल 2020 को 7.7 करोड़ दर्शकों द्वारा दुनिया भर में देखे जाने वाले सबसे लोकप्रिय धारावाहिक होने का कीर्तिमान भी शामिल है।

निर्माता और निर्देशक - रामानंद सागर
सहयोगी निर्देशक - आनंद सागर, मोती सागर
कार्यकारी निर्माता - सुभाष सागर, प्रेम सागर
मुख्य तकनीकी सलाहकार - ज्योति सागर
पटकथा और संवाद - रामानंद सागर
संगीत - रविंद्र जैन
शीर्षक गीत - जयदेव
अनुसंधान और अनुकूलन - फनी मजूमदार, विष्णु मेहरोत्रा
संपादक - सुभाष सहगल
कैमरामैन - अजीत नाइक
प्रकाश - राम मडिक्कर
साउंड रिकॉर्डिस्ट - श्रीपाद, ई रुद्र
वीडियो रिकॉर्डिस्ट - शरद मुक्न्नवार

पात्र

राम के रूप में अरुण गोविल
सीता के रूप में दीपिका चिखलिया
लक्ष्मण के रूप में सुनील लहरी
रावण के रूप में अरविंद त्रिवेदी
हनुमान के रूप में दारा सिंह
भरत के रूप में संजय जोग
शत्रुघ्न के रूप में समीर राजदा
सुग्रीव / वली के रूप में श्यामसुंदर कालाणी
इंद्रजीत (मेघनाद) के रूप में विजय अरोड़ा
दशरथ के रूप में बाल धुरी
कौशल्या के रूप में जयश्री गडकर
कैकेयी के रूप में पद्म खन्ना
सुमित्रा के रूप में रजनी बाला
विभीषण के रूप में मुकेश रावल
कुंभकर्ण के रूप में नलिन दवे
मंदोदरी के रूप में अपराजिता
इंद्र के रूप में सतीश कौल
मंथरा के रूप में ललिता पवार
शूर्पणखा के रूप में रेणु धारीवाल
जनक के रूप में मूलराज राजदा
सुनैना के रूप में उर्मिला भट्ट
वशिष्ठ के रूप में सुधीर दलवी
चंद्रशेखर के रूप में सुमंत
शिव के रूप में विजय कविश
जाम्बवन के रूप में राजशेखर उपाध्याय
अंगद के रूप में बशीर खान
उर्मिला के रूप में अंजलि व्यास
मंडावी के रूप में सुलक्षणा खत्री
नाल के रूप में गिरीश सेठ
नील के रूप में गिरिराज शुक्ल

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