14/06/2020
जीवन में किस बात का मलाल करता है ,
तू क्यों जीवन से इतने सवाल करता है ,
जो नहीं मिला ,वो भी ख्वाहिश थी ,जो मिल गया,वो कभी ख्वाहिश हुआ करती थी ,
तमन्नाओं की गोद बहुत गहरी है ,सपनों की उड़ान बहुत लंबी है ,
थोड़ा ठहर ,थोड़ा तो सबर कर ले ,
दर्द है तो क्या ,कुछ नहीं मिला तो क्या कुछ खो दिया तो क्या ,
अब भी मैँ बाकी हूँ तुझमें ,मौके मिलेंगे तुझे अनेक ,
लेकिन अगर मुझसे मुँह मोड़ेगा ,
तो फिर ना तेरी सुबह होगी,ना शाम होगी ,
ना कोई रात होगी और ना ही कोई बात होगी,
तू अकेला होगा , ना कोई तेरे संग होगा।
आत्महत्या की इस खाई में गिर कर पूछते हो , मेरा वजूद क्या था ,
प्रियजन तू छोड़ गया ,रोने के लिए ,
आत्महत्या तूने किया , लोगो ने मुझपे सवाल उठा दिए कि
क्यों मैंने तुम्हें आकर्षित नहीं किया ,जीने के लिए ,
मैँ क्या कहुँ ,तू डर गया या महान था या नादान था या कोई सैतान था ,
पर जो भी था, तू किसी का संतान था,
दर्द और सवाल उनको दे कर ,तू चला गया।
मौत!!! ,तूने इसके मन में ,मेरी अच्छी तस्वीर उतारी ,
ले गया इसको अपने आगोश में , केह कर की ,'जीवन है एक मिथ्या ',
और इस नादान ने ,दूर करने मन की उलझन ,खोजा एक उत्तर , "बस ! आत्महत्या" ।