Divya Prakash Dubey

Divya Prakash Dubey Author, Storyteller, Showrunner Divya Prakash Dubey, aka DP - a bestselling author with a knack for rewriting the rules of the game.
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His books, including Ibnebatuti, October Junction, Musafir Cafe, and Masala Chai, have all been bestsellers. They are ranked high on Dainik Jagran and Nielson bestseller lists. DP's passion for storytelling doesn't stop at books. He's the first person to give a TEDx talk in Hindi and his shows on Amazon Audible, Piya Milan Chawk and Dil Local, have been some of the most loved. DP's storytelling ta

lent doesn't stop at books & audio shows. He's also written dialogues for films like PS1, PS2 and Chorri-2 as well as the dialogues for the web series, Dr. Arora. After working in corporate marketing and content editing, DP now spends his days developing movies, web-series, and audio shows under his own writer's room. Follow DP for some amazing reads and an insider's look at the creative process!"

Team Preeti, period ❤️ 🙌
03/08/2026

Team Preeti, period ❤️ 🙌

सुधा को पता है, चन्दर की लाइफ़ में आगे क्या होगा। ❤️🌻♾️
02/08/2026

सुधा को पता है, चन्दर की लाइफ़ में आगे क्या होगा। ❤️🌻♾️

30/07/2026

चन्दर- “मुझे कैफे खोलने का मन है। एक ऐसा कैफे जिसमें खूब सारी किताबें हों। लोग आएँ, बैठें, बातें करें, किताब पढ़ें, अपने घूमने का प्लान बनाएँ, अपनी भागती हुई जिंदगी के बारे मेंठहरकर सोचें। अपनी कहानियाँ सुनाएँ। अपने डर सुनाएँ, अपनी गलतियाँ बताएँ, अपनी यादेंदोहराएँ। इत्मीनान से बैठकर अपनी यादों को दोहराने से बड़ा कोई सुख नहीं है। कभी-कभीसोचता हूँ एक बेटी हो मेरी जिससे मैं खूब सारी बातें करूँ। मैं बच्चों को कहानियाँ सुनाऊँ।सुधा, यार मुझे डर लगता है सपनों से। इतना डर कि बताने से भी डरता हूँ। ये कभी किसीको बताया नहीं। पता नहीं कैसे होगा। मुझे बस एक चीज पता है, मैं नौकरी करते हुएरिटायर नहीं होना चाहता। ऑफिस में रोज-रोज एक जैसी शक्लें, एक जैसी बातें सुनकरबोर हो गया हूँ। उन लोगों से बातें करना चाहता हूँ जिनको मैं नहीं जानता। उनको कहानियाँसुनाना चाहता हूँ। रास्ते में उस बुड्ढे से पूछना चाहता हूँ कि वो सड़क के कोने में बैठकर अपने टूटे चश्मे से किसका इंतजार करता है। वो अपनी चप्पल को सुई-धागे से सिलता रहता है।रोज जितनी चप्पल सिलती है उतने ही कदम साथ देती है। ऐसे ही सड़क पर रास्ताबीतते-बीतते चप्पल एक दिन धागा हो जाती है और धागा दूसरी चप्पल ढूँढ़ने लगता है। उनऔरतों से मिलना चाहता हूँ जो अपने सर पर इसलिए जिंदगी भर बोझ उठाती रहती हैं ताकि उनकी लड़कियाँ साइकिल से पास वाले स्कूल जा पाएँ। बच्चों के साथ ट्‍यूबवेल पर घंटों नंगे नहाना चाहता हूँ। शहर से दूर टपरी पे बैठ के लोगों की बातें सुनना चाहता हूँ लेकिन...”सुधा- “लेकिन क्या, दुनिया में सारे लोग नौकरी थोड़े करते हैं! तुम भी मत करना। ये कौन-सीबड़ी बात है?”
चंदर- “मैं शायद बिना प्लान वाली लाइफ चाहता हूँ। प्लान से चलकर बहुत जी लिया। भूलजाना चाहता हूँ मंडे कौन-सा है और संडे कौन-सा। वीक डे कौन-सा है वीकेंड कौन-सा।”
सुधा - “एक बात बताओ?”
चन्दर- “क्या?”
सुधा - “जब मैं तुम्हारे कैफे में आऊँगी तो मुझे कितने परसेंट डिस्काउंट दोगे?”
चन्दर -“100%”
सुधा - “तो जल्दी से खोलो यार कैफे, फ्री की कॉफी पीने का मन कर रहा है। Cheers!” ❤️❤️

लेखक और उसके किरदार एक दूसरी दुनिया में मिलते हैं। वो दुनिया ही हमारा मुसाफ़िर कैफ़े होता है जहाँ जाना हम सब चाहते हैं प...
28/07/2026

लेखक और उसके किरदार एक दूसरी दुनिया में मिलते हैं। वो दुनिया ही हमारा मुसाफ़िर कैफ़े होता है जहाँ जाना हम सब चाहते हैं पर पहुँच नहीं पाते।
लाइफ को लेकर प्लान बड़े नहीं सिंपल होने चाहिए। प्लान बड़े हो जाएँ तो लाइफ के लिए जगह नहीं बचती। 11 साल पहले लिखी किताब अब पूरी दुनिया में पहुँच रही है। ये सब वो पल हैं जब आसमान में देखकर धन्यवाद देने का मन करता है। 🙏
कहानियाँ कोई भी झूठ नहीं होती या तो वो हो चुकी होती हैं या वो हो रही होती हैं या फिर वो होने वाली होती हैं। मुसाफ़िर कैफ़े अब नेटफ़्लिक्स पर। ❤️🌻🙏

28/07/2026
निशातगंज की ये होर्डिंग मेरे लखनऊ के पुराने वाले वाले घर की छत्त से दिखती थी। छत पर टहलते हुए, आसमान में उस पार देखने की...
25/07/2026

निशातगंज की ये होर्डिंग मेरे लखनऊ के पुराने वाले वाले घर की छत्त से दिखती थी। छत पर टहलते हुए, आसमान में उस पार देखने की कोशिश करते हुए मैंने ना जाने कितनी कहानियाँ बनायीं हैं। इसको देखकर लग रहा है कि थोड़ा सा आसमान मेरे हाथ में आ गया है। 🌻♥️

मुसाफ़िर कैफ़े आज से नेटफ़्लिक्स पर, क्या लग रहा है कौन से एपिसोड में दिखूँगा मैं 😉
24/07/2026

मुसाफ़िर कैफ़े आज से नेटफ़्लिक्स पर, क्या लग रहा है कौन से एपिसोड में दिखूँगा मैं 😉

21/07/2026

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