11/08/2026
सुबह का सन्नाटा अक्सर हमसे वो बातें कह जाता है, जो दिन का शोर कभी समझ नहीं पाता। आँखें खुलते ही दुनिया को देखने की इस दौड़ में, रोज़ सुबह कुछ पल खुद के साथ बैठना मत भूलिए। दूसरों को समझने में ज़िन्दगी निकल जाती है, पर सुकून खुद को परखने और तराशने में है। सबसे पहले खुद से मिलिये। 🌼✨