29/01/2026
आदरणीय दिनेश माली जी का सहृदय आभार जिन्होंने हमारी किताब का अत्यंत सुंदर प्राक्कथन लिखा है ।🙏🏻
आप किसी परिचय के मोहताज नहीं जैसे कि निम्नलिखित पंक्तियों में देखा जा सकता है ।
श्री दिनेश कुमार माली जी वर्तमान में कोल इंडिया लिमिटेड, इंडिया की सब्सिडियरी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड के कनिहा एरिया में जनरल मैनेजर (माइनिंग) के तौर पर कार्यरत हैं। साहित्य जगत में एक लेखक, कवि, अनुवादक और मशहूर आलोचक के तौर पर आपकी विशेष पहचान है। आप उड़िया और अंग्रेजी साहित्य का हिंदी में अनुवाद करने में माहिर हैं। आप ने अपनी पहली किताब ‘न हन्यते’ अपने पिता को श्रद्धांजलि के तौर पर लिखी थी। आप के उड़िया और अंग्रेजी से हिंदी में किए गए अनुवाद काफी चर्चित रहे हैं, और उन अनुवादों का भारत की कई भाषाओं में अनुवाद हुआ है। आपने प्रख्यात हिंदी कवि उद्भ्रांत, डॉ. विमला भंडारी, प्रो. प्रभा पंत, अंग्रेजी, प्रो. नंदिनी साहू और पूर्व कोयला सचिव श्री प्रकाश पारख की रचनाओं पर महत्वपूर्ण काम किया है। आप डॉ. सुधीर सक्सेना द्वारा संपादित मशहूर हिंदी पत्रिका ‘दुनिया इन दिनों’ के गांधी विशेषांक और डॉ. राजेश श्रीवास्तव द्वारा संपादित पत्रिका ‘उर्वशी’ के हलधर नाग विशेषांक के अतिथि संपादक रहे हैं, तथा प्रोफेसर नंदिनी साहू के मार्गदर्शन में इग्नू पाठ्यक्रम में अपने अध्यायों के माध्यम से शैक्षणिक कार्यक्रम/पाठ्यक्रम को डिजाइन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आपकी अनेकों कृतियों में से कुछ - ‘रश्मि लोचन’, ‘प्रोफ़ेसर आनंद की महाकाव्य पर कठोपकथा’, ‘अदिति की आत्मकथा और अन्य कहानियाँ’, ‘गीत, आधा-आधा’ (प्रोफ़ेसर नंदिनी साहू द्वारा अंग्रेजी कविताओं का हिंदी अनुवाद), राधामाधव – एक समग्र चिंतन, त्रेता – एक सम्यक मूल्यांकन, अनादयसूक्त – विज्ञानाध्यातमिक दार्शनिक काव्य का अणु-चिंतन, शहीद बिका नाएक की खोज, रामायण-प्रसंगों पर हलधर नाग के काव्य एवं युगीन विमर्श, आदि।
आपको प्रदान सम्मान में से कुछ - ‘राजभाषा सम्मान’, ‘भारतेन्दु साहित्य शिरोमणि सम्मान’, ‘सृजनगाथा सम्मान’, ‘वैज्ञानिक राजभाषा विशिष्ट सम्मान’, साहित्य शोध संस्थान, दिल्ली द्वारा ‘आचार्य नंद दुलारे वाजपेयी पुरस्कार-2024’ और इंडियन नेट बुक्स और बीपीए फाउंडेशन, नई दिल्ली द्वारा ‘राम नारायण दीक्षित साहित्य भूषण सम्मान 2024’ जैसे अनेकों सम्मान प्राप्त हैं जिनकी सूची बहुत लंबी है।)