18/02/2026
लखीसराय में जमीन घोटाला: नगर परिषद उपसभापति शिवशंकर राम गिरफ्तार, फर्जी दानपत्र से कब्जे का आरोप
लखीसराय। जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। नगर परिषद के उपसभापति शिवशंकर राम को पुलिस ने जमीन से जुड़े एक कथित फर्जीवाड़े के मामले में गिरफ्तार किया है। मामला सामने आते ही जिले के राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
क्या है पूरा मामला?
लोदिया निवासी प्रशांत कुमार ने स्थानीय थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उपसभापति शिवशंकर राम और उनके परिवार के पांच सदस्यों ने मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची। शिकायत के अनुसार, जमीन पर कब्जा करने के लिए एक कथित फर्जी दानपत्र (गिफ्ट डीड) तैयार किया गया।
मामला तब गंभीर हो गया जब पुलिस ने दस्तावेजों की जांच करवाई। रजिस्ट्री कार्यालय के रिकॉर्ड में संबंधित दस्तावेज दानपत्र नहीं, बल्कि बंधक विलेख (मॉर्टगेज डीड) के रूप में दर्ज पाया गया। यानी जिस कागज के आधार पर जमीन पर दावा किया जा रहा था, वह आधिकारिक रिकॉर्ड में कुछ और ही निकला।
इतना ही नहीं, आरोप है कि इसी दस्तावेज के आधार पर जमीन की जमाबंदी संख्या 11 भी कायम करवा ली गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के बाद प्रशासन हरकत में आया।
एसपी के निर्देश पर कार्रवाई
मामला जब पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के संज्ञान में आया तो उन्होंने तत्काल जांच तेज करने और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए बड़हिया से शिवशंकर राम को गिरफ्तार कर लिया।
हालांकि, उपसभापति ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक साजिश बताया है। उनका कहना है कि वे वर्षों से उस जमीन पर काबिज हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाया जा रहा है। लेकिन रजिस्ट्री कार्यालय की रिपोर्ट ने मामले को नया मोड़ दे दिया है।
अन्य आरोपी फरार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अन्य आरोपियों में किमला देवी, अर्जुन राम, फुलो राम और कुंजो राम के नाम भी शामिल हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
यह मामला अब कानूनी दायरे से निकलकर राजनीतिक रंग भी ले चुका है। जिले में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या यह सचमुच साजिश है या फिर रसूख के बल पर जमीन हड़पने का प्रयास।
फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की गहन जांच में जुटी है। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है।
आगे की कार्रवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।