29/09/2025
काँटों में भी छुपी होती है हरियाली,
ज़िन्दगी में भी रहती है कुछ कड़वी ताली।
धूप सहकर भी ये मुस्कुराती है,
काँटों में रहकर भी कली सजाती है।
ये प्रकृति का अनोखा पैगाम है,
हर कठिनाई के पीछे छुपा आराम है। 🌱