02/06/2026
ज्ञान आपको सफल, संस्कार महान बनाते हैं – वीरेन्द्र जैन
बाल स्पंदन समर कैंप का हुआ भव्य समापन, बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व विकास का संचार
रामगंजमंडी। गायत्री शक्तिपीठ रामगंजमंडी पर दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) द्वारा आयोजित पांच दिवसीय बाल स्पंदन समर कैंप का सोमवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में समापन हुआ। समापन समारोह में आरोग्य भारती जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र जैन ने बच्चों एवं अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह केवल एक शिविर का समापन नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों, आत्मविश्वास, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास की नई यात्रा का शुभारंभ है।
उन्होंने कहा कि पांच दिन पूर्व शिविर में आए अनेक बच्चे संकोची थे, कुछ मंच पर आने से घबराते थे और कई नए मित्र बनाने में झिझकते थे, लेकिन आज उन्हीं बच्चों के चेहरों पर आत्मविश्वास, उत्साह और नई ऊर्जा स्पष्ट दिखाई दे रही है। यही इस शिविर की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
इन पांच दिनों में बच्चों ने योग, प्रार्थना, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास के विविध आयामों को सीखा। उन्होंने समझाया कि सफलता केवल पढ़ाई से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास से प्राप्त होती है।
बच्चों को प्रेरित करते हुए उन्होंने जीवन के तीन महत्वपूर्ण सूत्र बताए। पहला—बड़े सपने देखो, क्योंकि जो सपना देखता है वही उसे पूरा करने का साहस भी जुटाता है। दूसरा—निरंतर सीखते रहो, क्योंकि सीखना बंद होते ही विकास रुक जाता है। तीसरा—अच्छे संस्कार कभी मत छोड़ो, क्योंकि ज्ञान व्यक्ति को सफल बनाता है, जबकि संस्कार उसे महान बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि शिविर के दौरान डर, आत्मविश्वास, अनुशासन, स्वास्थ्य, योग, रचनात्मकता और नेतृत्व जैसे विषयों पर चर्चा की गई। अब बच्चों का दायित्व है कि वे इन शिक्षाओं को अपने घर, विद्यालय और दैनिक जीवन में उतारें।
वीरेन्द्र जैन ने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों की प्रतिभा को पहचानें, उन्हें समय दें, प्रोत्साहित करें तथा संस्कारों की ज्योति को निरंतर प्रज्वलित रखें। उन्होंने गायत्री शक्तिपीठ, दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन), प्रशिक्षकों एवं सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्पण, समय और श्रम से ही यह शिविर सफल हो पाया है।
समारोह के अंत में बच्चों ने अच्छे संस्कार अपनाने, प्रतिदिन कुछ नया सीखने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने तथा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया।
"बच्चे आज के नहीं, कल के भारत हैं। संस्कारवान बच्चे ही सशक्त राष्ट्र की नींव हैं।"
Virendra Jain
गायत्री परिवार