17/06/2026
चिंटू और जादुई पेंसिल ✏️✨
एक सुंदर से गाँव में चिंटू नाम का एक प्यारा और होशियार लड़का रहता था। वह चित्र बनाना बहुत पसंद करता था। हर दिन वह पेड़, पक्षी, जानवर और अपने दोस्तों की तस्वीरें बनाता था।
एक दिन स्कूल से लौटते समय चिंटू को रास्ते में एक चमकती हुई पेंसिल मिली। जैसे ही उसने उसे उठाया, पेंसिल से सुनहरी रोशनी निकलने लगी।
"वाह! कितनी सुंदर पेंसिल है!" चिंटू ने कहा।
घर पहुँचकर उसने मज़ाक-मज़ाक में एक लाल सेब बनाया। लेकिन कुछ ही सेकंड में वह सेब कागज़ से बाहर आ गया!
"अरे! यह तो जादुई पेंसिल है!" चिंटू खुशी से चिल्लाया।
अब चिंटू जो भी बनाता, वह सच हो जाता।
गाँव में पानी की कमी थी। चिंटू ने एक बड़ा कुआँ बनाया और देखते ही देखते गाँव में साफ पानी आ गया।
बच्चों के पास खेलने के खिलौने नहीं थे। चिंटू ने रंग-बिरंगे खिलौने बनाए और सभी बच्चे खुश हो गए।
एक दिन चिंटू ने सोचा, "मैं अपने लिए सोने का महल बना लेता हूँ।"
जैसे ही उसने महल बनाना शुरू किया, जादुई पेंसिल की रोशनी कम होने लगी। तभी एक बूढ़े बाबा प्रकट हुए।
बाबा बोले, "यह पेंसिल केवल दूसरों की मदद के लिए काम करती है। यदि इसका उपयोग लालच के लिए करोगे, तो इसका जादू खत्म हो जाएगा।"
चिंटू को अपनी गलती समझ आ गई। उसने तुरंत महल का चित्र मिटा दिया और वादा किया कि वह हमेशा लोगों की भलाई के लिए ही पेंसिल का उपयोग करेगा।
उस दिन के बाद चिंटू ने गाँव में स्कूल, बगीचे और खेल का मैदान बनवाया। पूरा गाँव खुश रहने लगा।
सब लोग चिंटू को प्यार से "गाँव का छोटा हीरो" कहने लगे