16/06/2026
यह रिवायत जन्नत की अज़मत, उसकी नेमतों की विशालता और अल्लाह तआला की बेपनाह रहमत को बयान करती है। "तूबा" जन्नत का एक मुबारक और अज़ीम दरख़्त है, जिसका ज़िक्र अहादीस में बड़ी फ़ज़ीलत के साथ आया है। उसका इतना बड़ा होना कि एक तेज़ रफ़्तार घुड़सवार सौ साल तक उसके साये में चलता रहे और फिर भी उसका साया खत्म न हो, यह इस बात की तरफ़ इशारा है कि जन्नत की नेमतें हमारी दुनिया की समझ और कल्पना से कहीं बढ़कर हैं।
कुछ रिवायतों में यह भी आया है कि जन्नतियों के लिबास इस दरख़्त की कलियों से निकलेंगे। इससे मालूम होता है कि जन्नत में हर नेमत बिना किसी मेहनत और तकलीफ़ के हासिल होगी, और वहाँ की हर चीज़ इंसान की ख़्वाहिश के मुताबिक़ होगी।
यह रिवायत हमें जन्नत की चाहत पैदा करने, नेक आमाल करने और अल्लाह तआला की फ़रमाँबरदारी में ज़िंदगी गुज़ारने की तरग़ीब देती है, ताकि हम भी उन खुशकिस्मत लोगों में शामिल हों जिन्हें जन्नत और उसकी बेशुमार नेमतें नसीब हों।
दुआ:
अल्लाह तआला हमें जन्नतुल-फ़िरदौस अता फ़रमाए और जन्नत की तमाम नेमतों का हक़दार बनाए। आमीन।