04/09/2023
शिक्षक दिवस
“शिक्षक जो हमें किताबी शिक्षा के साथ साथ सामाजिकता की शिक्षा भी देता हैl”
परंतु यह शिक्षा केवल विद्यालयी शिक्षा तक सीमित रह जाती है।यदि हम आधुनिक युग की बात करें तो सबसे बड़ी शिक्षा हमें वक्त देता है।
जब हम जीवन में बाल्यावस्था से बढ़कर जीवन में कुछ करने का प्रयास करते हैं उस समय भी हमें बहुत शिक्षा मिलती है। क्योंकि तब तक जो भी वस्तुएं आवश्यक होती है वे बिना ही किसी मानसिक या शारीरिक श्रम से मिल जाती हैं।लेकिन जब हम स्वयं जीवन में बिना किसी सहारे के आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं तब वास्तविक शिक्षा हमें वहीं पर मिलती हैं क्योंकि तब तक हम सभी उस उम्र के पड़ाव में आ जाते हैं जब हमे भविष्य की चिंता भी होती है,अपने परिवार माता पिता की आंखों के सपने दिखाई पड़ते हैं,और थोड़े से अपने सपने भी जो कहीं आपके मन के बहुत करीब होते हैं। इन सभी को पूरा करने की एक अकेली जिम्मेदारी भी होती है उस समय हम अपने सभी सपनो को पूरा करने का प्रयास करते हैं। उस वक्त हमारी सबसे बड़ी परीक्षा होती है और उसी परीक्षा का मूल्यांकन हमारा भविष्य तय करता है,और साथ ही साथ उस समय किए गए सभी प्रयत्न और उनका परिणाम हमे कई प्रकार से शिक्षा देते हैं।
और सबसे बड़ी बात उसी समय कुछ लोग आपके साथ होते हैं और कुछ आपके लिए पर्वत की सीधी ढाल का कार्य करते है।कुछ लोग दिखते तो आपके साथ हैं लेकिन कुछ वास्तविक रूप में आपके साथ होते हैं। ऐसे में निर्णय करना सचमुच मुश्किल होता है परंतु परिणाम वास्तविक ज्ञान का परिचय कराता है।
इसलिए हम कह सकते हैं सबसे बड़ा शिक्षक बुरा या अच्छा वक्त ही होता हैं।
परंतु यहां तक पहुंचने से पहले हमें निश्चित रूप से व्यवहारिक ज्ञान, शुद्ध आचरण के ज्ञान की आवश्यकता होती है जो हमें मां और परिवार के सदस्यों से मिलती है तथा किताबी और सामाजिक शिक्षा हमें अपने शिक्षकों से मिलती है।
अतः हमारे जीवन में सभी प्रकार की ज्ञानवर्षा करने वाले सभी शिक्षकों को प्रणाम एवम् शत शत नमन!