11/06/2026
2 मिनिट का काम है, मौसम विभाग के किसी सरकारी बाबू को पकड़ो और पूछ लो कि कब से बारिश शुरू होगी, मॉनसून कब तक आ जाएगा, लेकिन मीडिया वाले अपनी चुल मिटाने 2 कौड़ी की राइमिंग न कर लें तबतक उन्हें शांति ही नही
कहाँ अटके हैं बादल, किस गली में है काजल, क्यों रूठा है आंचल, क्यों सूखा है चप्पल, आखिर किसने रोका है रिमझिम का रास्ता, क्यों पसीने ने जनता से जोड़ा है गहरा नाता.
क्या आसमान ने धरती को ब्लॉक कर दिया है, क्या बादलों ने पानी का स्टॉक कर लिया है, क्या उमस ने फिर से खेल किया है, क्या धूप ने जनता को पेल दिया है, आखिर क्यों नहीं बरस रहा है मेघ, आखिर किसके हाथ में है यह रेन का ब्रेक
जी हाँ बड़ा सवाल, क्या मॉनसून हुआ मिसकॉल, क्या बादल गए कंट्रोल से आउट, क्या सावन ने जनता को दिया डाउट, क्या बारिश ने कर दिया सीन, क्या इस बार भी बाल्टी रहेगी क्लीन.
कब तक तपेगी टंकी, कब तक जलेगी गंजी, कब तक खौलेंगे नल, कब तक सूखेगा पल पल, कब तक छत पर पड़ेगा बिछौना, कब तक कूलर करेगा रोना, कब तक पंखा बोलेगा भाई मुझसे न होगा, कब तक आदमी नहाकर भी लगेगा जैसे अभी नहाना बाकी होगा.
आखिर क्यों ठहरा है बादल, क्यों बहका है पागल, क्यों अटका है मौसम का पैगाम, क्यों गर्मी कर रही है खुल्लमखुल्ला अत्याचार तमाम.
क्यों चुप हैं मेघ महाराज, क्यों सूखा पड़ा है अंदाज़, क्यों धूप के चेहरे पर है तानाशाही का नूर, क्यों आदमी के रोम रोम से निकल रहा है भाप का दस्तूर.
आखिर किस दिशा में भागी बदरिया, किसने छीन ली बूंदों की चुनरिया, कौन पी गया फुहारों का घड़ा, क्यों आसमान अब भी खड़ा का खड़ा.
आखिर क्यों उमस ने पहना है लहंगा, क्यों पसीना हो गया है महंगा, क्यों बनियान ने दिया इस्तीफा, क्यों तौलिया कर रहा है चीख चीखकर खुलासा.
आखिर चुप क्यों है मौसम विभाग, क्यों नहीं खोलता बादलों की फाइल, कब जारी होगा बारिश का प्रोफाइल, कहाँ छिपा है बूंदों का मोबाइल.
एंड आई एम लाइक ये धेह पिटी का काव्यपाठ तेरा हो जाए खत्म तो एक कॉल मौसम विभाग में कर ले बहन और सीधा सीधा पूछ ले!