23/07/2026
🌸🌸 *श्रीहरि:* 🌸🌸
चित्रकूट चिंता हरण, आये सुरभि के चैन।
पाप कटे युग चार, देख कामता नैन।।
अर्थ :― *चित्रकूट चिंता हरण, आये सुरभि के चैन* चित्रकूट धाम भक्तों के दुखों और सभी प्रकार की चिंताओं को हरने वाला है। यहाँ आकर व्याकुल मन को भी वैसी ही परम शांति (चैन) मिलती है, जैसे देवताओं की इच्छा पूरी करने वाली कामधेनु गाय (सुरभि) के पास पहुँचकर जीव को तृप्ति मिलती है।
*पाप कटे युग चार, देख कामता नैन* भगवान कामतानाथ के केवल नयनों से (दर्शन मात्र से) मनुष्य के चारों युगों (सतयुग, त्रेता, द्वापर और कलियुग) के पाप नष्ट हो जाते हैं।
नारायण! नारायण!! नारायण!!!