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हम सबके ग्रुप में एक ऐसा दोस्त होता है जिसका दिमाग सिर्फ 'Showpiece' के लिए है, चलता बिल्कुल नहीं है! 🧠🚫​उसे टैग करो और ...
28/01/2026

हम सबके ग्रुप में एक ऐसा दोस्त होता है जिसका दिमाग सिर्फ 'Showpiece' के लिए है, चलता बिल्कुल नहीं है! 🧠🚫

​उसे टैग करो और यह चैलेंज दो। 👇

​अगर वो इस टेस्ट में फेल हो गया, तो कन्फर्म हो जाएगा कि वो 'खाली डिब्बा' लेकर घूम रहा है! 😂📦

​Send Challenge Link:

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"बुरा मत मानना, पर सच कड़वा होता है! 😂​बहुत से लोग सोचते हैं कि उनका दिमाग आइंस्टीन जैसा हैलेकिन असलियत में ऊपर वाले ने '...
28/01/2026

"बुरा मत मानना, पर सच कड़वा होता है! 😂

​बहुत से लोग सोचते हैं कि उनका दिमाग आइंस्टीन जैसा है

लेकिन असलियत में ऊपर वाले ने 'खाली डिब्बा' भेजा है। 📦

​गलतफहमी में मत रहना। अभी 2 मिनट में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा! 👇

औसत इंसान का रिएक्शन टाइम 250ms होता है। 🐢प्रो-गेमर्स का 150ms होता है। 🚀आपका कितना है? अगर 200ms से कम आया तो स्क्रीनशॉ...
25/01/2026

औसत इंसान का रिएक्शन टाइम 250ms होता है। 🐢

प्रो-गेमर्स का 150ms होता है। 🚀

आपका कितना है?

अगर 200ms से कम आया तो स्क्रीनशॉट शेयर करना!

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सिर्फ 1% लोग ही Level 10 तक पहुँच पाते हैं! 🤯अगर आप Level 8 पार कर लेते हैं, तो आपका दिमाग सुपर-कंप्यूटर जैसा है।अभी चेक...
25/01/2026

सिर्फ 1% लोग ही Level 10 तक पहुँच पाते हैं! 🤯

अगर आप Level 8 पार कर लेते हैं, तो आपका दिमाग सुपर-कंप्यूटर जैसा है।

अभी चेक करें और अपना रिजल्ट दोस्तों को दिखाएं 👇

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एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया।वह बैल घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे ...
10/01/2026

एक दिन एक किसान का बैल कुएँ में गिर गया।

वह बैल घंटों ज़ोर -ज़ोर से रोता रहा और किसान सुनता रहा और विचार करता रहा कि उसे क्या करना चाहिऐ और क्या नहीं।

अंततः उसने निर्णय लिया कि चूंकि बैल काफी बूढा हो चूका था अतः उसे बचाने से कोई लाभ होने वाला नहीं था और इसलिए उसे कुएँ में ही दफना देना चाहिऐ।।

किसान ने अपने सभी पड़ोसियों को मदद के लिए बुलाया सभी ने एक-एक फावड़ा पकड़ा और कुएँ में मिट्टी डालनी शुरू कर दी।

जैसे ही बैल कि समझ में आया कि यह क्या हो रहा है वह और ज़ोर-ज़ोर से चीख़ चीख़ कर रोने लगा और फिर ,अचानक वह आश्चर्यजनक रुप से शांत हो गया।

सब लोग चुपचाप कुएँ में मिट्टी डालते रहे तभी किसान ने कुएँ में झाँका तो वह आश्चर्य से सन्न रह गया..

अपनी पीठ पर पड़ने वाले हर फावड़े की मिट्टी के साथ वह बैल एक आश्चर्यजनक हरकत कर रहा था वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को नीचे गिरा देता था और फिर एक कदम बढ़ाकर उस पर चढ़ जाता था।

जैसे-जैसे किसान तथा उसके पड़ोसी उस पर फावड़ों से मिट्टी गिराते वैसे -वैसे वह हिल-हिल कर उस मिट्टी को गिरा देता और एक सीढी ऊपर चढ़ आता जल्दी ही सबको आश्चर्यचकित करते हुए वह बैल कुएँ के किनारे पर पहुंच गया और फिर कूदकर बाहर भाग गया ।

ध्यान रखे आपके जीवन में भी बहुत तरह से मिट्टी फेंकी जायेगी बहुत तरह की गंदगी आप पर गिरेगी जैसे कि ,

आपको आगे बढ़ने से रोकने के लिए कोई बेकार में ही आपकी आलोचना करेगा

कोई आपकी सफलता से ईर्ष्या के कारण आपको बेकार में ही भला बुरा कहेगा

कोई आपसे आगे निकलने के लिए ऐसे रास्ते अपनाता हुआ दिखेगा जो आपके आदर्शों के विरुद्ध होंगे...

ऐसे में आपको हतोत्साहित हो कर कुएँ में ही नहीं पड़े रहना है बल्कि साहस के साथ हर तरह की गंदगी को गिरा देना है और उससे सीख ले कर उसे सीढ़ी बनाकर बिना अपने आदर्शों का त्याग किये अपने कदमों को आगे बढ़ाते जाना है।

सकारात्मक रहे.. सकारात्मक जिए!

इस संसार में....

सबसे बड़ी सम्पत्ति *"बुद्धि "*

सबसे अच्छा हथियार *"धैर्य"*

सबसे अच्छी सुरक्षा *"विश्वास"*

सबसे बढ़िया दवा *"हँसी"* है

और आश्चर्य की बात कि *"ये सब निशुल्क हैं "*

सोच बदलो जिंदगी बदल जायेगी

इन  #कीलों को देख रहे है, ये  #चीन की बनी हुई हैं, इन कीलों ने हाल के दिनों में पूरे भारत की काली और मरियल कीलों को रिप्...
10/01/2026

इन #कीलों को देख रहे है, ये #चीन की बनी हुई हैं, इन कीलों ने हाल के दिनों में पूरे भारत की काली और मरियल कीलों को रिप्लेस कर दिया है❗️

इन कीलों की #खासियत ये है कि इन्हें अगर दीवार में ठोका जाये तो ये हमारी किलों के मुकाबले #टेढ़ी नहीं होती हैं❗️

पहले हम अपने देश में बनी कीलों को अपने घरों की दीवार में ठोक पाते थे मगर कुछ सालों से जो कीलें अपने यहां बनने लगी थीं वे दीवार में सही सलामत तभी जा पाती थीं, जब तक #ड्रिलिंग मशीन के सहारे उसे अंदर डाला जाये....

आलम यह था कि अगर आपको घर में चार कीलें लगवानी है तो ड्रिलिंग मशीन किराये पर मंगवायें,,,

मगर अब इन कीलों ने फिर से हमारा काम #आसान कर दिया है, डेढ़ से दो रुपये की एक आती हैं और इन्हें आप हथौड़े से सीधे ठोक सकते हैं...

कीलों पर इतना लंबा #लिखने का एक ही मकसद है कि हम अब अपनी जरूरत के हिसाब से कीलें भी नहीं #बना पा रहे हैं... इसी तरह सखुआ से बने पत्तलों को चाइनीज #थर्मोकोल की पत्तलों ने लगभग रिप्लेस कर दिया है,

भारत की बनी इमरजेंसी #लाइट जहां सात-आठ सौ रुपये से कम की बिकती नहीं वहीं चाइनीज इमरजेंसी लाइट महज सौ रुपये में मिल रही है,

दीपावली की रोशनी वाली #झालरें, होली की पिचकारी और 15 अगस्त का झंडा सब चीन से आ रहा है....

तो भाई हम बना क्या रहे हैं, हम आर्थिक महाशक्ति कैसे बन रहे हैं❓

ये छोटे-छोटे #सवाल नहीं हैं, भारतीय औद्योगिक विकास पर सवालिया #निशान हैं,,,

ये देश के बड़े उद्योगपति कर क्या रहे हैं, बस जमीन बढा रहे हैं कि कुछ जरूरी चीजें बना भी रहे हैं❓

अगर हमको आर्थिक रूप से #मजबूत बनना है तो इन छोटी छोटी चीजों को अपने देश मे ही #बनाना होगा,

#लघु_उद्योगों को बढ़ावा देना होगा, सरकार को #नीतियाँ बनानी होगी, नोकरियों के अलावा भी कमाई के साधन हो सकते है, ये लोगों में जागरूकता पैदा करनी होगी❗️

चीन आज इसी वज़ह से #अतिविकसित देशों की श्रेणी में है, क्योंकि वहाँ,,

घर घर मे कील, सुई से लेकर बड़ी चीजों के उद्योग है, एक 10 साल का #बच्चा घड़ियाँ बनाता हैं❗️

मजबूरन, बहिष्कार के बाद भी हम चीन से #आयात करने को मजबूर है❗️

जंगली भैंसों का एक झुण्ड जंगल में घूम रहा था , तभी एक बछड़े (पाड़ा) ने पुछा , ” पिताजी, क्या इस जंगल में ऐसी कोई चीज है जि...
07/01/2026

जंगली भैंसों का एक झुण्ड जंगल में घूम रहा था , तभी एक बछड़े (पाड़ा) ने पुछा , ” पिताजी, क्या इस जंगल में ऐसी कोई चीज है जिससे डरने की ज़रुरत है ?”

” बस शेरों से सावधान रहना …”, भैंसा बोला

“हाँ , मैंने भी सुना है कि शेर बड़े खतरनाक होते हैं . अगर कभी मुझे शेर दिखा तो मैं जितना हो सके उतनी तेजी से दौड़ता हुआ भाग जाऊँगा ..”, बछड़ा बोला .

“नहीं , इससे बुरा तो तुम कुछ कर ही नहीं सकते ..”, भैंसा बोला

बछड़े को ये बात कुछ अजीब लगी , वह बोला ” क्यों ? वे खतरनाक होते हैं , मुझे मार सकते हैं तो भला मैं भाग कर अपनी जान क्यों ना बचाऊं ?”

भैंसा समझाने लगा , ” अगर तुम भागोगे तो शेर तुम्हारा पीछा करेंगे , भागते समय वे तुम्हारी पीठ पर आसानी से हमला कर सकते हैं और तुम्हे नीचे गिरा सकते हैं … और एक बार तुम गिर गए तो मौत पक्की समझो …”

” तो.. तो। .. ऐसी स्थिति में मुझे क्या करना चाहिए ?”, बछड़े ने घबराहट में पुछा .

” अगर तुम कभी भी शेर को देखो , तो अपनी जगह डट कर खड़े हो जाओ और ये दिखाओ की तुम जरा भी डरे हुए नहीं हो . अगर वो ना जाएं तो उसे अपनी तेज सींघें दिखाओ और खुरों को जमीन पर पटको . अगर तब भी शेर ना जाएं तो धीरे -धीरे उसकी तरफ बढ़ो ; और अंत में तेजी से अपनी पूरी ताकत के साथ उसपर हमला कर दो .”, भैंसे ने गंभीरता से समझाया .

” ये तो पागलपन है , ऐसा करने में तो बहुत खतरा है … अगर शेर ने पलट कर मुझपर हमला कर दिया तो ??”, बछड़ा नाराज होते हुए बोला .

“बेटे , अपने चारों तरफ देखो ; क्या दिखाई देता है ?”, भैंसे ने कहा .

बछड़ा घूम -घूम कर देखने लगा , उसके चारों तरफ ताकतवर भैंसों का बड़ा सा झुण्ड था .

” अगर कभी भी तुम्हे डर लगे , तो ये याद रखो कि हम सब तुम्हारे साथ हैं . अगर तुम मुसीबत का सामना करने की बजाये , भाग खड़े होते हो , तो हम तुम्हे नहीं बचा पाएंगे ; लेकिन अगर तुम साहस दिखाते हो और मुसीबत से लड़ते हो तो हम मदद के लिए ठीक तुम्हारे पीछे खड़े होंगे .”

बछड़े ने गहरी सांस ली और अपने पिता को इस सीख के लिए धन्यवाद दिया .

हम सभी की ज़िन्दगी में शेर हैं … कुछ ऐसी समस्याएं हैं जिनसे हम डरते हैं , जो हमें भागने पर … हार मानने पर मजबूर करना चाहती हैं , लेकिन अगर हम भागते हैं तो वे हमारा पीछा करती हैं और हमारा जीना मुश्किल कर देती हैं . इसलिए उन मुसीबतों का सामना करिये … उन्हें दिखाइए कि आप उनसे डरते नहीं हैं … दिखाइए की आप सचमुच कितने ताकतवर हैं …. और पूरे साहस और हिम्मत के साथ उल्टा उनकी तरफ टूट पड़िये … और जब आप ऐसा करेंगे तो आप पाएंगे कि आपके परिवार और दोस्त पूरी ताकत से आपके पीछे खड़े हैं .

भारत में ऐसी कई रहस्यमय जगहे हैं, जहां पर ईश्वरीय शक्ति के होने का आभास होता है l लेकिन भगवान के जिस चमत्कार का साक्षात्...
07/01/2026

भारत में ऐसी कई रहस्यमय जगहे हैं, जहां पर ईश्वरीय शक्ति के होने का आभास होता है l लेकिन भगवान के जिस चमत्कार का साक्षात् अहसास ओडिशा के टिटलागढ़ में होता है, वह कहीं और नहीं होता । एक रहस्यमय मन्दिर जहां गर्मी में भी सर्दी का एहसास होता है । और गर्मी के मौसम में कई बार मन्दिर के अन्दर कंबल की जरूरत पड़ती है ।

टिटलागढ़ -: पूर्वी राज्य ओडिशा का सबसे गर्म इलाका है टिटलागढ़ । खास तौर पर यहां का कुम्हड़ा पहाड़ तो कुछ ज्यादा ही गर्म रहता है । क्योंकि यहां सीधी तेज धूप पड़ती है और पथरीली चट्टानें हैं । जिसकी वजह से यहां पर गर्मी का एहसास कुछ ज्यादा ही होता है । लेकिन इसी भीषण गर्मी के बीच जब आप यहां स्थित शिव पार्वती के मंदिर में प्रवेश करते हैं, तो आपको ईश्वर के चमत्कार का सीधे तौर पर अहसास हो जाता है । यहां भगवान शिव और पार्वती का रहस्यमयी प्राचीन मंदिर है । जो अपनी रहस्यमयी ईश्वरीय चेतना के लिए प्रसिद्ध है यह मंदिर विज्ञान के लिए भी एक अनसुलझी पहेली है । यह एक ऐसा मंदिर है जहां गर्मी में भी सर्दी का अहसास होता है ।मंदिर के बाहर पथरीला पहाड़ है। जहां लगातार गर्मी पड़ती रहती है। लेकिन शिव मंदिर के अंदर का तापमान हमेशा सुखद बना रहता है ।

इस मंदिर में किसी तरह का कूलर या एयर कंडीशनर भी नहीं लगा हुआ है । लेकिन फिर भी इस मंदिर का तापमान हमेशा कम रहता है । खास बात यह है कि जैसे जैसे बाहर का तापमान बढ़ता जाता है । वैसे वैसे मंदिर का तापमान कम होता चला जाता है।

मई जून के महीने में जब बाहर का तापमान कई बार 55 डिग्री तक पहुंचने लगता है । लेकिन उन्हीं परिस्थितियों में टिटला गढ़ शिव मंदिर के अंदर ठंड बढ़ जाती है l

गर्मी के मौसम में कई बार मंदिर के अंदर कंबल ओढ़ने की नौबत भी आ जाती है।

यह मंदिर कुम्हड़ा पहाड़ पर स्थित है । जिसके पत्थर बेहद गर्म हो जाते हैं । मंदिर के अंदर हमेशा सर्दी बनी रहती है । मंदिर के अंदर और बाहर चंद कदमों की दूरी पर माहौल पूरी तरह बदल जाता है ।

इंसानी शरीर की उँगलियों में लकीरें तब बनने लगती हैं जब इंसान माँ के गर्भ में 4 माह तक पहुँचता है।ये लकीरें एक रेडियो एक्...
07/01/2026

इंसानी शरीर की उँगलियों में लकीरें तब बनने लगती हैं जब इंसान माँ के गर्भ में 4 माह तक पहुँचता है।

ये लकीरें एक रेडियो एक्टिव लहर की सूरत में मांस पर बनना शुरू होती हैं! इन लहरों को भी आकार DNA (आनुवंशिक) देता है। किंतु आश्चर्य की बात ये है कि पड़ने वाली लकीरें किसी सूरत में भी पूर्वजों और धरती पर रहने वाले अन्य इंसानों से बिलकुल भी मेल नहीं खातीं!

यानी लकीरें बनाने वाला इस तरह से समायोजन रखता है कि वो खरबों की तादाद में इंसान जो इस दुनियाँ में हैं, और जो दुनियाँ में नहीं रहे, उनकी उँगलियों में मौजूद लकीरों की शेप और उनके एक एक डिजाइन से अच्छे से परिचित है।

यही वजह है कि वो हर बार एक नए अंदाज का डिजाइन उसके उँगलियों पर बनाकर के ये साबित करता है।

है कोई मुझ जैसा निर्माता?

है कोई मुझ जैसा कारीगर?

कोई है मुझ जैसा आर्टिस्ट?

कोई है मुझ जैसा कलाकार?

आश्चर्य की सोच इस बात पर खत्म होती है कि यदि जलने से जख्म लगने या किसी अन्य कारण से ये फिंगरप्रिंट मिट जाए, तो दुबारा हुबहू वही लकीरें जिनमें एक कोशिका की कमी नहीं होती फिरसे बन जाती है।

पूरी दुनिया मिलकर भी इंसानी उंगली पर अलग अलग लकीरों वाली एक फिंगरप्रिंट नहीं बना सकती.

कोई तो है जो चला रहा है।

विज्ञान कहता हैकि एक वयस्क स्वस्थ पुरुष एक बार संभोग के बाद जो वीर्य स्खलित करता है, उसमें 400 मिलियन शुक्राणु होते हैं....
07/01/2026

विज्ञान कहता है

कि एक वयस्क स्वस्थ पुरुष एक बार संभोग के बाद जो वीर्य स्खलित करता है, उसमें 400 मिलियन शुक्राणु होते हैं......

ये 40 करोड़ शुक्राणु मां के गर्भाशय की ओर पागलों की तरह दौड़ते हैं, केवल 300-500 शुक्राणु ही जीवित बचते हैं। और बाकी? वे रास्ते में थक जाते हैं या मर जाते हैं। इन 300-500 शुक्राणुओं में से जो अंडे तक पहुँचने में कामयाब हो जाते हैं, केवल एक अत्यंत शक्तिशाली शुक्राणु ही अंडे को निषेचित करता है या अंडे में बस जाता है। वह भाग्यशाली शुक्राणु आप हैं, मैं हूँ या हम सभी हैं। क्या आपने कभी इस महायुद्ध के बारे में सोचा है?

❒ आप भागे थे - जब आपकी आँखें, हाथ, पैर, सिर नहीं थे, फिर भी आप जीत गए...

❒ आप भागे थे - आपके पास कोई प्रमाणपत्र नहीं था, कोई दिमाग नहीं था, फिर भी आप जीत गए....

❒ आप भागे थे - आपके पास कोई शिक्षा नहीं थी, किसी ने आपकी मदद नहीं की, फिर भी आप जीत गए....

❒ जब आप दौड़े थे - आपके पास एक मंज़िल थी और आपने उस मंज़िल की ओर अपना लक्ष्य निर्धारित किया और अंत तक दौड़े और आप जीत गए....

❒ कई बच्चे अपनी मां के गर्भ में ही मर जाते हैं, लेकिन आप नहीं मरे, आप पूरे 9 महीने जीवित रहे ....

❒ कई बच्चे प्रसव के दौरान मर जाते हैं, लेकिन आप बच गए....

❒ कई बच्चे जन्म के पहले 5 सालों में ही मर जाते हैं, लेकिन आप फिर भी जीवित हैं...

❒ कई बच्चे कुपोषण से मर जाते हैं, लेकिन आपको कुछ नहीं हुआ....

❒ कई लोग वयस्कता की राह पर इस दुनिया को छोड़ गए, लेकिन आप अब भी यहां हैं....

और आज जब भी कुछ होता है, तो आप डर जाते हैं, निराश हो जाते हैं, लेकिन क्यों? आपको ऐसा क्यों लगता है कि आप हार गए हैं? आपका आत्मविश्वास क्यों खो जाता है?

हालांकि अब आपके पास दोस्त हैं, भाई-बहन हैं, सर्टिफिकेट हैं, शिक्षा है....सब कुछ है। आपके पास हाथ-पैर हैं, योजना बनाने के लिए दिमाग है, मदद करने वाले लोग हैं, फिर भी आप उम्मीद खो देते हैं। जब आपने अपने जीवन के पहले दिन हार नहीं मानी थी। आपने 40 करोड़ शुक्राणुओं के साथ मौत से जंग लड़ी और बिना किसी की मदद के अकेले ही प्रतियोगिता जीत ली। फिर निराशा क्यों?

आप शुरुआत में जीते, आप अंत में जीते, आप बीच में भी जीतेंगे। खुद को समय दें, अपने मन से पूछें - आपके पास जो स्किल ​​है, उसे सजाएं संवारे..इनोवेटिव ideas पैदा करें? हुनर सीखें.. स्ट्रगल करें... लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें....रस्ते के बाधाओं से लड़ते रहें, आप खुद ही जीत जाएंगे..

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13/09/2025

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