19/09/2025
*अदब की आवाज न्यूज़ चैनल लखनऊ*
*जनपद संत कबीर नगर*
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जनपद सन्त कबीर नगर के शिक्षक
शिक्षक पात्रता परीक्षा टी इ टी की अनिवार्यता से मुक्ति हेतु जनपद मुख्याल पर शिक्षक बड़ी संख्या में एकत्र हुए।प्रदेश भर के शिक्षक आंदोलन की राह पर है।
मंगलवार के दिन जनपद के नौ ब्लॉक के प्राथमिक और जुनियर हाई स्कूल के सभी शिक्षक जिला कार्यकारिणी,ब्लॉक पदाधिकारी ,संघर्ष समिति के पदाधिकारी जिला बेसिक अधिकारी कार्यालय पर एकत्र हुए। टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर अंबिका देवी यादव जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में मार्च करते और नारे लगाते डीएम कार्यालय तक पहुंचे।प्रधान मंत्री को संबोधित ए डी एम को जिलाध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने शिक्षकों के हुजूम जनसैलाब के साथ ज्ञापन सौंपा।
*जिला संवाददाता संत कबीर नगर नसीम अंसारी रिपोर्ट*
इस अवसर पर
जिला अध्यक्ष अंबिका देवी यादव ने कहा कि
2011 से पूर्व नियुक्त अध्यापकों हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी की अनिवार्यता के निर्णय से शिक्षक दुखी परेशान हैं।अपनी नौकरी बचाने के लिए सड़कों पर उतरने हेतु बाध्य हैं। शिक्षकों के लिए इससे बड़ा अपमान और दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति कोई और नहीं हो सकती है।
उतर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक के मंत्री ओम प्रकाश यादव, के सी सिंह ने कहा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सभी 75 जिलों में माननीय प्रधानमंत्री जी और शिक्षा मंत्री जी को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन दिया है।शिक्षकों की यह मांग है कि लाखों शिक्षकों को न्याय दें। टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। काला कानून वापस लिया जाए। उनके परिवारों को सड़क पर आने से बचाएं। टीईटी वापसी तक शिक्षक आंदोलन करने की घोषणा की।
जिला उपाध्यक्ष विजयनाथ ने कहा कि 2011 के बाद सभी शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा टेट पास करके ही नियुक्त हो रहे हैं। जबकि 2011 के पूर्व जो भी शिक्षक भर्तियां हुईं हैं। उस दौर की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता एवं प्रशिक्षण की अहर्ता और सभी मानक पूर्ण करते हुए शिक्षक और शिक्षिका के पद पर चयनित हुए ।2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट से मुक्त रखा जाए।
जिला उपाध्यक्ष जफीर अली कारखी ने कहा15 दिन पहले अप्रत्याशित और चौंकाने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शिक्षक समाज स्तब्ध दुखी परेशान है। 2011 से पूर्व के सभी नियुक्त शिक्षकों पर टेट को जबरिया थोपा जा रहा है। कानून लागू होने की डेट के पूर्व के शिक्षकों पर कोई नियम को थोपा जाना उचित नहीं है। पूर्व के सेवारत शिक्षकों के लिए अनिवार्य नहीं था । नौकरी कोई किसी की दया या कृपा पर नहीं पाता वो सरकार और विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के सभी न्यूनतम अहर्ता और मानक को पूरा करके सेवा में आता है । 20 साल 30 साल देश समाज की सेवा, बच्चों को शिक्षित करने और योग्य नागरिक बनाने में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। शिक्षक आज एकदम से अचानक 20>30 साल नौकरी करने के बाद ख़ुद को असुरक्षित महसूस करता है। खुद को असहाय महसूस करता है ।लाखों शिक्षक का परिवार सड़क पर आने की कगार पर खड़ा हो गया है।
भारत सरकार और प्रदेश सरकार से मांग है कि सभी शिक्षकों को न्याय दीजिए,सम्मान से जीने का अधिकार दीजिए ।
शिक्षकों ने केन्द्र सरकार से गुहार लगाई कि 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों पर टेट न थोपा जाए क्योंकि कोई भी कानून लागू होने से पूर्व की तिथि पर प्रभावी नहीं होता।
ज्ञापन कार्यक्रम में ओम प्रकाश यादव, विजय नाथ ,के सी सिंह ,जफीर अली,राम शरण यादव,मो आजम,जयभान चौधरी,अरुण यादव,प्रेम प्रकाश दुबे,वीरेंद्र चौधरी, अभिनव प्रताप सिंह , दुर्गा प्रसाद , वेद प्रकाश त्रिपाठी ,अखिलेश चंद,विपिन वर्मा, निजामुद्दीन ,संजय गुप्ता, जितेन्द्र यादव , प्रमोद पटेल ,राम करन पासवान,जनार्दन चौधरी, शिवचरन गुप्ता , सुयेब अहमद, विनोद कुमार,सर्वर आलम, शबना , रेनू चौधरी , चन्द्रेश , संगीता सिंह , चन्द्रकला , अनीता सिंह , विजयलक्ष्मी त्रिपाठी , लुटिया टेटे, संध्या तिवारी , इन्दू यादव , नमिता , सीमा सिंह , मीरा भारती , नीलम पान्डेय , दीपिका सिंह, के डी सिद्दीकी,राम निवास,मुबारक हुसैन,फूल चंद,शोएब अहमद,सुनीता राय, निशा शुक्ला , रमेश प्रसाद , अशनी पाण्डेय , राजकुमार शुक्ल शैलेन्द्र कुमार , पवन राय अर्चना शुक्ला,विनोद यादव,अजीत सिंह,बैरागी,सुयेब अहमद छोटेलाल ,असरारुल हक नीलम श्रीवासत ,शैलेंद्र वरुण,सर्वेश प्रताप नागवंशी आदि सभी शिक्षक पदाधिकारी एवं हजारी शिक्षक मौजूद रहे।