ravi kumar sonkar kavi

ravi kumar sonkar kavi “ख़ामोशी की ज़बान में लिखी
कविता, ग़ज़ल और शायरी।”

25/04/2026

😆🎣🤿🔣🐥🔣🤗😋

23/04/2026

😋🤗🔣🐥🤿🎣😆

21/04/2026

😆🎣🤿🐥🔣🤗😋

20/04/2026

17/04/2026

हो दुनिया से इतना खफा,
एक दिन लोग जुदा हो जाएंगे
सपने कहां होते हैं सच्चे,
बनी इमारत रह जाएंगेl
बुलबुले हैं पानी के
कभी उगते हैं कभी डूबते हैं
सांसों की डोर जिन हाथों में
एक दिन ख्वाब लिए चले जाएंगे
बंधन रिश्तो के बाध सको तो
सब गिले मिटा के बांध लो
मरने पर जब आह लगेगी
आवाज स्वर्ग तक जाएंगे
हो दुनिया से इतना खफा
एक दिन लोग जुदा हो जाएंगे

मेरा तेरा करते करते
कौन यहां रह जाएगे
देह बना मिट्टी का घरउदा
एक दिन राख में मिल जाएंगे
जिसको जितना कम है उतना
दौलत को तुम राख समझ लो
इंसान खुदा हो जाएंगे
पत्थर छोड़ो ,इंसान को पूजो
सब शिकवे मिट जाएंगे
एक बार शराफत से मिट जाओ
लालच को श्मशान में डालो
सब अपने हो जाएंगे
हो दुनिया से इतना खफा
एक दिन लोग जुदा हो जाएंगे
😆🎣🤿🐥🔣🤗😋

Address

Deochandpur Ghazipur Utter Pradesh
Ghazipur
233304

Website

Alerts

Be the first to know and let us send you an email when ravi kumar sonkar kavi posts news and promotions. Your email address will not be used for any other purpose, and you can unsubscribe at any time.

Share

Category