08/08/2026
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस (National Handloom Day)
आप सभी को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं!
आज हम जो कपड़े पहनते हैं, उन पर नज़र डालिए। हाथ से बुने हुए कपड़े का हर धागा और हर ताना-बाना केवल रंग या बनावट से कहीं अधिक है—उसमें एक कारीगर की धड़कन, एक गांव की विरासत और भारतीय सभ्यता के हजारों वर्षों का इतिहास बसा है। आज हम केवल एक कपड़ा उद्योग का उत्सव नहीं मना रहे हैं; हम उन हाथों का सम्मान कर रहे हैं जो भारत की आत्मा को कपड़ों में बुनते हैं।
[ऐतिहासिक महत्व: प्रतिरोध और पहचान की विरासत]
यह समझने के लिए कि हम 7 अगस्त को ही यह दिवस क्यों मनाते हैं, हमें इतिहास के पन्ने पलटकर 1905 में जाना होगा।
इसी दिन, कोलकाता के टाउन हॉल में आधिकारिक तौर पर स्वदेशी आंदोलन की शुरुआत हुई थी। हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को यह अहसास हुआ कि आर्थिक आत्मनिर्भरता के बिना सच्ची आजादी असंभव है। उन्होंने भारतवासियों से विदेशी कपड़ों का बहिष्कार करने और स्थानीय, हाथ से बुने कपड़�