23/04/2026
#पहली बार रांची को कोई DC मिला है जिसे प्रणामः-क्या इसका असर राज्य के बाकी जिलों पर भी पड़ेगा क्या बाकी राज्य के जिलों के उपायुक्त इनका अनुसरण करेंगे ?
DC मंजुनाथ भजंत्री का कड़ा एक्शनः निजी स्कूलों की 'गुंडागर्दी' खत्म, न किताबें बदलेंगी न यूनिफॉर्म के नाम पर होगी लूट !
उपायुक्त मंजुनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्कूल परिसर में किताब-यूनिफॉर्म की बिक्री पर रोक, फीस वृद्धि के सख्त नियम, और PTA गठन की अनिवार्यता जैसे 11 महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर 2.5 लाख रुपये तक के जुर्माना भी देना पड़ सकता है.
1. 10% तक फीस बढ़ाने का अधिकार स्कूल समिति को, उससे अधिक के लिए जिला समिति की मंजूरी जरूरी है. एक बार फीस बढ़ने के बाद कम से कम 2 साल तक यहीं फीस लागू रहेगी.
2. अगली कक्षा में प्रमोशन के नाम पर कोई भी पुनर्नामांकन शुल्क नहीं लिया जाएगा. केवल आवेदन शुल्क लिया जाएगा.
3. किसी भी छात्र को फीस या किसी कारणों के लिए वार्षिक परीक्षा में बैठने से रोका नहीं जाएगा.
4. CBSE स्कूलों में सिर्फ NCERT किताबें लागू होंगी. किताबें हर साल नहीं बदलेंगी, कम से कम 5 साल तक वही रहेंगी और स्कूल में बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी.
5. स्कूल यूनिफॉर्म में बार-बार बदलाव नहीं होगा. 5 साल में एक बार शिक्षक और अभिभावक के सहमती से ही बदलाव संभव हो सकेगा. स्कूल वाले यूनिफॉर्म को किसी एक दुकान से खरीदने का दबाव नहीं बना सकेंगे. अभिभावक कहीं से भी इसे खरीद और सिलवा सकते है.
6. किसी भी नाम से लिया गया अतिरिक्त पैसा, मासिक फीस का हिस्सा माना जाएगा और उसी नियम से नियंत्रित होगा. इसकी वृद्धि भी फीस निर्धारण के नियमों के अनुसार ही होगी.
7. परिवहन शुल्क की वृद्धि भी सामान्य शुल्क वृद्धि के नियमों के अधीन होगी. सभी स्कूल बसों में परिवहन नियमों एवं सुरक्षा मानकों का सख्त अनुपालन अनिवार्य होगा.
8. अबुआ साथी पोर्टल पर आई शिकायतों का समय पर जवाब देना होगा, नहीं तो देनी होगी 50000 से 250000 तक की जुर्माना.
9. सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में प्रारंभिक कक्षाओं में कमजोर एवं वंचित वर्ग के लिए 25% सीटें आरक्षित हैं. उन बच्चों का एडमिशन प्रक्रिया लॉटरी सिस्टम से पूरी की जाएगी. चयनित छात्रों की सूची विद्यालय के लॉगिन पर उपलब्ध कराई जाएगी.
उपायुक्त श्री मंजुनाथ भजंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी.
DC रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री का ये फैसला पूरा झारखंड के लिए एक नजीर है। क्या ऐसा ही कदम झारखंड के दूसरे जिलो में नहीं उठाया जा सकता ? जिस से प्राइवेट स्कूल की मनमानी पे रोक लगाई जा सके और अभिभावको को थोड़ा राहत मिल सके !