Krishna Mohan

Krishna Mohan writer

आज हम जिस मोबाइल से कुछ ही सेकंड में दुनिया से जुड़ जाते हैं, उसकी शुरुआत साल 1973 में हुई थी।पहला मोबाइल फोन मोटोरोला क...
24/10/2025

आज हम जिस मोबाइल से कुछ ही सेकंड में दुनिया से जुड़ जाते हैं, उसकी शुरुआत साल 1973 में हुई थी।
पहला मोबाइल फोन मोटोरोला कंपनी के इंजीनियर मार्टिन कूपर ने बनाया था। उस समय इसका वजन लगभग 1 किलो था और एक बार चार्ज करने पर सिर्फ 25 मिनट चलता था! 😲

1990 के दशक में मोबाइल धीरे-धीरे आम लोगों तक पहुंचने लगा।
फिर आए नोकिया और मोटोरोला जैसे फोन जिनमें सिर्फ कॉल और SMS की सुविधा थी।
2000 के दशक में कैमरा फोन और इंटरनेट वाले मोबाइल आए और लोगों की ज़िंदगी बदल दी।
📸💻

2007 में Apple ने जब पहला iPhone लॉन्च किया, तब से मोबाइल दुनिया “स्मार्टफोन” युग में प्रवेश कर गई।
आज मोबाइल सिर्फ बात करने का साधन नहीं बल्कि –
📱 बैंक, 📷 कैमरा, 🎮 गेमिंग कंसोल और 🌍 पूरी दुनिया से जुड़ने का जरिया बन चुका है।

क्रिकेट भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान जैसे देशों में बहुत पसंद किया जाता है, लेकिन यह फुटबॉल की तरह दुनिया भर...
23/10/2025

क्रिकेट भारत, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान जैसे देशों में बहुत पसंद किया जाता है, लेकिन यह फुटबॉल की तरह दुनिया भर में मशहूर नहीं हो सका। इसका सबसे बड़ा कारण है इसकी जटिलता और लंबी अवधि। टेस्ट मैच कई दिनों तक चलते हैं, जबकि फुटबॉल सिर्फ 90 मिनट का खेल है — तेज़, रोमांचक और समझने में आसान।

फुटबॉल यूरोप से पूरी दुनिया में तेजी से फैला क्योंकि इसके नियम सरल हैं और इसे खेलने के लिए बस एक बॉल और मैदान की जरूरत होती है। वहीं क्रिकेट में बैट, विकेट और बड़े मैदान जैसी तैयारियां जरूरी होती हैं।

हालांकि, क्रिकेट के T20 जैसे छोटे फॉर्मेट्स के आने से इसकी लोकप्रियता अब कई देशों में बढ़ रही है। कौन जाने, आने वाले समय में क्रिकेट भी फुटबॉल को टक्कर दे सके! 🌍✨

क्रिकेट की शुरुआत 16वीं शताब्दी में इंग्लैंड में हुई थी। शुरुआत में यह बच्चों का खेल माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह यु...
22/10/2025

क्रिकेट की शुरुआत 16वीं शताब्दी में इंग्लैंड में हुई थी। शुरुआत में यह बच्चों का खेल माना जाता था, लेकिन धीरे-धीरे यह युवाओं और फिर पूरे देश का पसंदीदा खेल बन गया।
1744 में पहला आधिकारिक क्रिकेट नियम बनाया गया और 1877 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहला टेस्ट मैच खेला गया।
20वीं सदी में क्रिकेट ने नए रूप लिए — पहले वनडे मैच (1971) और फिर टी20 प्रारूप (2003) ने खेल को और रोमांचक बना दिया।

भारत ने क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान 1983 में कपिल देव की कप्तानी में पहली वर्ल्ड कप जीत से बनाई। इसके बाद 2007 में टी20 वर्ल्ड कप और 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रच दिया।

आज क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि जुनून, भावना और एकता का प्रतीक बन चुका है। 🇮🇳✨



गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है, दीवाली के अगले दिन मनाई जाती है। यह त्योहार उस दिन की याद में मनाया जात...
22/10/2025

गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट उत्सव भी कहा जाता है, दीवाली के अगले दिन मनाई जाती है। यह त्योहार उस दिन की याद में मनाया जाता है जब भगवान श्रीकृष्ण ने लोगों को सच्ची भक्ति और प्रकृति के महत्व का पाठ पढ़ाया था।

कहानी के अनुसार, गोकुल के लोग हर साल देवता इंद्र की पूजा करते थे ताकि वर्षा अच्छी हो और फसलें उगें। लेकिन एक दिन भगवान कृष्ण ने सबको समझाया कि असली पूजा उस गोवर्धन पर्वत की होनी चाहिए, जो सबको भोजन, पानी और आश्रय देता है।

जब लोगों ने इंद्र की बजाय गोवर्धन पर्वत की पूजा की, तो इंद्र नाराज हो गए और गोकुल में लगातार तेज वर्षा होने लगी। तब भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी ऊंगली पर गोवर्धन पर्वत उठा लिया और पूरे गाँव के लोगों और पशुओं को सात दिन तक बारिश से बचाया।

अंत में, इंद्र ने अपनी गलती स्वीकार की और भगवान कृष्ण से क्षमा मांगी। तभी से हर साल गोवर्धन पूजा मनाई जाती है — यह त्योहार हमें प्रकृति का आदर करने, अहंकार त्यागने और सच्चे विश्वास की सीख देता है।



🌾 गोवर्धन पूजा कैसे मनाई जाती है

• घरों में अन्नकूट (भोजन का पर्व) बनाया जाता है और भगवान श्रीकृष्ण को भोग लगाया जाता है।
• गोवर्धन पर्वत का प्रतीक गोबर से बनाकर फूलों से सजाया जाता है।
• भक्त गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करते हैं और “जय श्रीकृष्ण” का जयकारा लगाते हैं।



✨ जय श्रीकृष्ण!
#गोवर्धनपूजा #अन्नकूट

आज हम सभी Gmail का इस्तेमाल रोज़ करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इसकी शुरुआत कैसे हुई?💡 Gmail की शुरुआत 1 अप्रैल 2004 ...
21/10/2025

आज हम सभी Gmail का इस्तेमाल रोज़ करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इसकी शुरुआत कैसे हुई?

💡 Gmail की शुरुआत 1 अप्रैल 2004 को Google ने की थी।
शुरुआत में यह सिर्फ invite-based service थी — यानी कोई नया यूज़र तभी जुड़ सकता था जब किसी पुराने यूज़र ने उसे invite किया हो!

📨 Gmail की सबसे बड़ी खासियत थी इसका 1GB free storage, जो उस समय बाकी ईमेल सेवाओं से बहुत ज़्यादा था।
धीरे-धीरे यह दुनिया की सबसे पॉपुलर ईमेल सेवा बन गई।

आज Gmail सिर्फ मेल भेजने का तरीका नहीं, बल्कि एक digital identity बन चुका है! 🌍

Telegram एक फ्री, क्लाउड-बेस्ड मैसेजिंग ऐप है जिसकी शुरुआत साल 2013 में निकोलाई और पावेल ड्यूरोव (रूस के दो भाइयों) ने क...
21/10/2025

Telegram एक फ्री, क्लाउड-बेस्ड मैसेजिंग ऐप है जिसकी शुरुआत साल 2013 में निकोलाई और पावेल ड्यूरोव (रूस के दो भाइयों) ने की थी।
इन दोनों ने पहले “VK” नाम का एक सोशल नेटवर्क बनाया था, जो रूस का Facebook कहलाता था।

जब रूस सरकार ने VK पर नियंत्रण करना शुरू किया, तब पावेल ड्यूरोव ने Telegram शुरू किया ताकि लोगों की प्राइवेसी और फ्रीडम ऑफ स्पीच सुरक्षित रहे।

Telegram की खास बातें👇
• 🔒 एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन
• 💬 बड़े ग्रुप्स और चैनल्स
• 📂 फाइल शेयरिंग की कोई लिमिट नहीं
• 🌍 क्लाउड बैकअप — चैट कभी नहीं खोती

आज Telegram सिर्फ एक चैट ऐप नहीं बल्कि सूचना, शिक्षा और समुदाय निर्माण का बड़ा प्लेटफ़ॉर्म बन चुका है।

20/10/2025

बिहार चुनाव 2025 : NDA का सीट बंटवारा तय

बिहार में एनडीए (NDA) ने विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सीटों का फॉर्मूला तय कर लिया है।
👉 बीजेपी (BJP) और जेडीयू (JDU) दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी।
👉 छोटे दलों के लिए नया फार्मूला अपनाया गया है — “1 सांसद = 6 विधानसभा सीटें”।

📌 इस फॉर्मूले के तहत:
• लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) : 5 सांसद × 6 = 30 सीटें (29 सीटें दी गईं)
• हम (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) : 6 सीटें
• आरएलएम (राष्ट्रीय लोक मोर्चा) : 6 सीटें

🤝 इस बार बीजेपी और जेडीयू ने बराबर-बराबर सीटें लेकर गठबंधन में संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।
2020 में जहां जेडीयू को 115 और बीजेपी को 110 सीटें मिली थीं, वहीं इस बार दोनों ने कुछ सीटें छोड़कर छोटे दलों को साथ रखने की रणनीति अपनाई है।

💡 क्या आप जानते हैं?Facebook की शुरुआत सिर्फ एक कॉलेज प्रोजेक्ट से हुई थी! 😲📚 साल 2004 में Mark Zuckerberg ने अपने कुछ द...
20/10/2025

💡 क्या आप जानते हैं?
Facebook की शुरुआत सिर्फ एक कॉलेज प्रोजेक्ट से हुई थी! 😲

📚 साल 2004 में Mark Zuckerberg ने अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर इसे Harvard University के छात्रों के लिए बनाया था।
उस समय इसका नाम था “TheFacebook”।

🔥 कुछ ही महीनों में यह इतना लोकप्रिय हुआ कि इसे पूरी दुनिया के लिए खोल दिया गया।
और आज — Facebook बन चुका है दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म! 🌍

💬 एक कॉलेज रूम से लेकर पूरे वर्ल्ड तक — यही है Facebook की असली कहानी!

हमास (Hamas) एक फ़िलिस्तीनी संगठन है, जिसकी स्थापना 1987 में हुई थी,जब फ़िलिस्तीन में पहला इंतिफ़ादा (Palestinian Uprisi...
19/10/2025

हमास (Hamas) एक फ़िलिस्तीनी संगठन है, जिसकी स्थापना 1987 में हुई थी,
जब फ़िलिस्तीन में पहला इंतिफ़ादा (Palestinian Uprising) शुरू हुआ था।

🔹 स्थापना का उद्देश्य:
हमास का मक़सद फ़िलिस्तीन को इज़राइल के कब्ज़े से आज़ाद कराना था।
यह एक धार्मिक और राजनीतिक दोनों तरह का संगठन है।

🔹 राजनीतिक भूमिका:
2006 में हमास ने चुनाव जीते और गाज़ा पट्टी (Gaza Strip) पर नियंत्रण कर लिया।
तब से गाज़ा में हमास की सरकार चल रही है।

🔹 इज़राइल से संघर्ष:
हमास और इज़राइल के बीच कई बार युद्ध हुए हैं।
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले करते रहते हैं,
जिसका सबसे ज़्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ता है।

🔹 आज की स्थिति:
आज हमास को कुछ देश “आतंकी संगठन” मानते हैं,
जबकि कई देश इसे “प्रतिरोध आंदोलन” के रूप में देखते हैं।
यह विवाद अब भी जारी है, और गाज़ा की जनता बीच में फँसी हुई है।

क्या आप जानते हैं कि अमेरिकी डॉलर सिर्फ अमेरिका की करेंसी नहीं है, बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा स्वीकार की जाने वाली मुद...
19/10/2025

क्या आप जानते हैं कि अमेरिकी डॉलर सिर्फ अमेरिका की करेंसी नहीं है, बल्कि दुनिया में सबसे ज्यादा स्वीकार की जाने वाली मुद्रा है? आइए जानते हैं इसकी कहानी:

🔹 20वीं सदी की शुरुआत: पहले विश्व युद्ध के बाद डॉलर ने अंतरराष्ट्रीय विश्वास हासिल करना शुरू किया।

🔹 दूसरा विश्व युद्ध के बाद: 1944 में ब्रेटन वुड्स समझौते ने डॉलर को वैश्विक वित्तीय प्रणाली की रीढ़ बनाया, इसे सोने से जोड़ा गया और “वर्ल्ड रिज़र्व करेंसी” बना।

🔹 1971 के बाद: जब अमेरिका ने गोल्ड स्टैंडर्ड छोड़ दिया, तब भी डॉलर का प्रभुत्व बना रहा।

🔹 आज: दुनिया के लगभग 60% विदेशी मुद्रा भंडार डॉलर में रखे जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार, चाहे तेल हो या टेक्नोलॉजी, ज्यादातर डॉलर में होता है।

💡 मज़ेदार तथ्य: कई देशों के पास अपनी मजबूत करेंसी होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए वे बड़ी मात्रा में डॉलर रखते हैं!

डॉलर की यह यात्रा दिखाती है कि विश्वास, स्थिरता और आर्थिक ताकत किसी मुद्रा को वैश्विक बना सकती है।

#अमेरिकी_डॉलर #विश्व_अर्थव्यवस्था #डॉलर_इतिहास #वैश्विक_मुद्रा

बहुत समय पहले, जब पाकिस्तान नहीं बना था, तो काबुल से पेशावर तक की ज़मीन एक ही इलाका थी। लोग एक ही भाषा बोलते थे, परंपराए...
18/10/2025

बहुत समय पहले, जब पाकिस्तान नहीं बना था, तो काबुल से पेशावर तक की ज़मीन एक ही इलाका थी। लोग एक ही भाषा बोलते थे, परंपराएं साझा करते थे, और परिवारों के रिश्ते पहाड़ों के उस पार भी जुड़े हुए थे।

लेकिन 1893 में इतिहास बदल गया।
ब्रिटिश अधिकारी सर मोर्टिमर डुरंड ने एक लाइन खींची — जिसे आज डुरंड लाइन कहा जाता है। इसने जमीन को ब्रिटिश इंडिया और अफगानिस्तान के बीच बाँट दिया।

समस्या यह थी कि इस लाइन ने पश्तून जनजातियों की ज़मीन को काट दिया और परिवारों को अचानक अलग कर दिया।
जब पाकिस्तान 1947 में बना, डुरंड लाइन पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा बन गई।

तब से, यह सीमा तनाव और भावनाओं की कहानियों से भरी रही।
अफगानिस्तान ने कभी आधिकारिक तौर पर इसे स्वीकार नहीं किया, जबकि पाकिस्तान इसे कानूनी सीमा मानता है।
और आज भी, इस लाइन के दोनों ओर रहने वाले लोग रोज़ एक-दूसरे से मिलते हैं — सिर्फ पड़ोसी नहीं, बल्कि भाई।

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