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 #जिंदगी में नफे-नुकसान का ज्यादा  #हिसाब किताब लगाएंगे तो किसी भी हाल में  #खुश ना रह पाएंगे,इसलिए जिंदगी से जो मिला उस...
24/12/2022

#जिंदगी में नफे-नुकसान का ज्यादा #हिसाब किताब लगाएंगे तो किसी भी हाल में #खुश ना रह पाएंगे,
इसलिए जिंदगी से जो मिला उससे #संतुष्ट रहने की कोशिश करेंगे, तो जिंदगी ज्यादा #बेहतर तरीके से आगे बढ़ा पाएंगे....

राऊलगांडी ने कथित भारत जोड़ो यात्रा शुरु की, उसके कंटेनर को डिज़ायन करने में मात्र 1200 करोड़ रुपये खर्च हुआ, कंटेनर फुल बु...
11/09/2022

राऊलगांडी ने कथित भारत जोड़ो यात्रा शुरु की, उसके कंटेनर को डिज़ायन करने में मात्र 1200 करोड़ रुपये खर्च हुआ, कंटेनर फुल बुलेटप्रूफ और लांचर के हमले सेभी सुरक्षित रहेगा,

कंटेनर में सेटेलाइट फोन, सेटेलाइट टीवी के साथ आधुनिक म्यूज़िक सिस्टम भी है, इसमें डबलबेड, लायब्रेरी, सोफा सेट, बार, स्मोकिंग ज़ोन, किचिन व आधुनिक टॉयलेट भी बनाया गया है

750 सुरक्षा कर्मी हमेशा साथ रहेंगे। लोकल नेता के साथ हर दिन 2000 लोगों को जुटाने की कवायद चल रही है, कई 5 स्टार होटल से 1000 लोगों का खाना नाश्ता, कॉफी, चाय का भी अनुबंध है, बाकी लोगों के लिए रोड साइड ढाबे से पूरी सब्ज़ी के पैकेट निशुल्क वितरित किये जाने की योजना है ।

तो ये है भारत जोड़ो यात्रा,,,
मुझे एक बात समझ नही आई "भारत का कौन सा हिस्सा, भारत से नही जुड़ा हुआ है" ?
साभार

10/09/2022

जय जय बजरंग बली की

जब परिस्थितियां अनुकूल हो तो लोहे पर भी फूल लग सकते हैं। राजस्थान में वाटरपाइप लाइन के एयर वाल्व पर लहराती बाजरी।  जमीन ...
01/09/2022

जब परिस्थितियां अनुकूल हो तो लोहे पर भी फूल लग सकते हैं।

राजस्थान में वाटरपाइप लाइन के एयर वाल्व पर लहराती बाजरी।

जमीन से दस फीट ऊंचा पक्षियों ने ही बीज बोया ओर पक्षी ही खाते हैं इसे😊😊😊
Thar Desert Photography

जीवन मे आस्था होना बहुत आवश्यक है।।♥️♥️
31/08/2022

जीवन मे आस्था होना बहुत आवश्यक है।।
♥️♥️

अंकिता -एक सामान्य स्वप्न ले कर जीने वाली लड़की।झारखंड के एक मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी जिसने अभी जीना शुरू भी नहीं किया...
29/08/2022

अंकिता -
एक सामान्य स्वप्न ले कर जीने वाली लड़की।
झारखंड के एक मध्यमवर्गीय परिवार की बेटी जिसने अभी जीना शुरू भी नहीं किया था कि जला कर मार दी गयी। क्यों ? क्योंकि किसी शाहरुख का दिल आ गया था उसपर !
उसे बीवी बना कर अपनी झोपड़ी में ले जाना चाहता था। एक पढ़ी लिखी लड़की किसी जाहिल से विवाह का प्रस्ताव क्यों स्वीकार करती ? सो मना कर दिया।
शाहरुख को चुभ गयी बात |
वही बर्बर मुगलिया सोच ! जो पसन्द आ गयी वह मेरी है। खिलजी से लेकर अकबर तक सबने यही तो सिखाया है। किसी अंकिता की इतनी औकात कि वह किसी शाहरुख की बात काट दे ? शाहरुख घर में घुसा, पेट्रोल गिराया और जला दिया.....
लड़की स्वयं दौड़ कर आंगन में आई, बाल्टी से पानी लेकर अपने ऊपर उड़ेला... अठारह वर्ष की बच्ची की जीने की लालसा !
इस छोटी आयु में मरना कौन चाहता है ? अस्पताल में वह हर मिलने वाले से एक ही बात पूछती थी- "मैं बच तो जाऊंगी न ?" पर नहीं बची। नब्बे फीसदी जल गई थी, कैसे बचती ? जीवित जला दी गयी लड़की की पीड़ा कोई नहीं समझ सकता ।
कितना तड़पी होगी... और उसके तड़पने से कितना खुश हुआ होगा शाहरुख ! इसी लिए तो जलाया था। कहता था- मेरी न हुई तो तड़पा कर मारूंगा!
कोई नेता, पत्रकार उससे मिलने अस्पताल नहीं गया। क्यों जाता ? राजनीति योग्य मुद्दा नहीं था न ! मर गयी तो मर गयी... यह राजनीति और पत्रकारिता की संवेदना का स्तर है।
आप सोच कर देखिये, शाहरुख भी तो जानता होगा कि इसके बाद पकड़ा जाएगा और जीवन जेल में सड़ते हुए कट जाएगी। पर नहीं!वह यह भी जानता है कि उसके मुद्दे पर न कोई नेता विरोध करेगा, न किसी टीवी चैनल पर डिबेट होगा। उसको बचाने के लिए फंडिंग होगी और सम्भव है कि कुछ वर्षों में वह जेल से बाहर आ कर सुखी जीवन जीने लगे। इस देश में ऐसा होता रहा है।
शाहरुख अंकिता के पीछे बहुत दिनों से पड़ा था। वह कई बार उसके घर जा कर धमका चुका था।
हर बार अंकिता के पिता उसे समझाने का प्रयास करते और छोड़ देते। यकीन कीजिये, उसके पिता की इसी अति -सहिष्णुता ने अंकिता की जान ली।
यदि वह पिता उसी समय पुलिस के पास जाता, राजनैतिक संगठनों के पास जाता, तो सम्भव था कि आज लड़की जी रही होती। पर किसी भी तरह चुपचाप मामले को सुलटा लेने के भाव ने अंकिता को मार दिया।
यह कठोर सच है कि हमारे देश में बेटियों से जुड़े मामले में इस तरह की निर्लज्ज चुप्पी आम है।
आने वाला कल कई चुनौतीपूर्ण आ रहा हैं जिसमें अनेक अंकिताओ की चढना है हमारे जैसे भाईयों के पास इस यक्ष प्रश्न का उत्तर क्या है ?

बीसलपुर डेम में करीब 60 हजार क्यूसेक प्रति घण्टे की आवक,बेड़च, मैनाली, कोठारी, खारी , डाई नदियों से भी आवक जारी, दोपहर 12...
23/08/2022

बीसलपुर डेम में करीब 60 हजार क्यूसेक प्रति घण्टे की आवक,बेड़च, मैनाली, कोठारी, खारी , डाई नदियों से भी आवक जारी, दोपहर 12 बजे डेम का जलस्तर 313.85 मीटर पहुँचा, करीब चार साल के अंतराल के बाद अब फिर बीसलपुर डेम की रंगत नजर आने के पूरे आसार है। मंगलवार सुबह 10 बजे डेम का जलस्तर 313.75 पहुँच गया और उम्मीद है शाम तक डेम 314 मीटर के आंकड़े को छूकर आगे के बिंदु 315 मीटर की और तेजी से सफर करेगा। दोपहर 12 बजे बीसलपुर डेम ने 313.85 मीटर के आंकड़े को छू लिया है।
बीती रात 10 बजे ही गम्भीरी, मातृ कुंडिया, जैतपुरा, गोवटा से हो रही जलावक से त्रिवेणी का गेज 4.90 मीटर से बढ़ना शुरू हुआ और मंगलवार सुबह 7 मीटर, 10 बजे साढ़े 7 मीटर तक पहुँच गया, जो इस सीजन की त्रिवेणी पर सबसे बड़ी आवक है। ये नजारा लगभग 2004 जैसा ही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बीगोद की त्रिवेणी पुरानी पुलिया पर 4 फीट पानी का प्रवाह जारी है, जबकि चित्तौड़गढ़ में बेड़च नदी में 15 फीट, मैनाली में 4 फीट, भीलवाड़ा से आरही कोठारी नदी में 3 फीट पानी का जलप्रवाह चल रहा है। मंगलवार दोपहर 12 बजे त्रिवेणी पर आधा मीटर गेज कम होकर 7 मीटर रह गया है।इधर, विजयनगर, गुलाबपुरा से आने वाली खारी नदी में डेढ़ फीट, सरवाड़ से आने वाली डाई नदी में करीब सवा तीन फीट का जलप्रवाह आ रहा है। त्रिवेणी से आरहा जलप्रवाह अब 7 मीटर रह गया है, इसके चलते डेम में करीब एक घण्टे में 4 सेमी पानी का जलसंग्रहण होरहा है, अनुमान है कि आज शाम तक बीसलपुर डेम 314 के आंकड़े को पार कर लेगा। वर्तमान में गम्भीरी डेम से 42 हजार क्यूसेक, पानी बनास नदी में आरहा है, वही त्रिवेणी से करीब 60 हजार क्यूसेक प्रति घण्टे पानी की आवक हो रही है। खारी, डाई, कोठारी नदियों के आंकड़े अलग है। उल्लेखनीय है गम्भीरी डेम, जैतपुरा, गोवटा, मातृ कुंडिया डेम के गेट मंगलवार को भी खुले हुए है।

22/08/2022

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