10/06/2026
100में से निन्न्यानवे बेईमान फिर भी है मेरा देश महान
गुलामी की जंजीरों में जकड़ी थी माँ भारती,,
प्रान्त भाषा जाती मजहब सबकी मिली जुली थी क्रांति,,
कौन जिया कौन मरा इतिहास ने सबको लिखा,,
उस शहादत को याद कर तब रोया था हिंदुस्तान,,
लिखा है मिट्टी के हर कण पर हर शहीद का नाम,,
प्राणों से प्यारा था मर मिटना हर किसी के दिल में,,
जलना झूलना भुन जाना मंजूर था,,डरकर घुसना मंजूर ना था किसी बिल में,,
श्वेत डकैतों की रहमदिली से बेहतर लगते थे कोड़े हिंदुस्तान को,,
खून का एक कतरा भी ना बच पाए शरीर में,,यही चाह थी बूढ़े बच्चे नौजवान को,,
रक्त के दरिया में नहा रहा था उस वक़्त देश का हर शमशान और कब्रिस्तान,,
तब जाकर हुआ आज़ाद हमारा प्यारा हिंदुस्तान,,
आज़ादी से लेकर अब तक हर दौर में बदला मेरा मुल्क महान,,
अमीर बना ब्रितानी हुकूमत गरीब बना शुद्ध हिंदुस्तान,,
फासले इतने बढ़ गए दरमियान दोनों ही नहीं बन पा रहे हैं अब इंसान,,
पाटनी थी खाई असमानता की इस मिट्टी में,,
लिखनी थी नई इबादत जाती मजहब अमीर गरीब की इस चिट्ठी में,,
दिखाना था दुनिया को क्या था और क्या है हमारा ये हिंदुस्तान,,
अब दुनिया कहती है 100में से निन्न्यानवे बेईमान फिर भी तुम्हारा देश है महान....
नहीं गुज़रा है अभी भी वक़्त बदलाव की अंगड़ाई का,,
तैयार करना है माहौल भ्रष्टाचार अशिक्षा पाखंड से लड़ाई का,,
देश को चाहिए इन सबसे निपटने के लिए एक नई क्रांति,,
जिसके बाद आयेगी एक साफ सुथरी और अपनाई शांति,,
पागल बनकर देना है देश को अपना तन मन धन,,
ना सोचना है क्या करना पड़ेगा आगे और जतन,,
यदि सफल हुआ हिंदुस्तान अबकी बार लड़ाई में,,
यकीन मानो लहराएगा परचम पूरे जहान में,,
आओ अपनी सूझ बूझ और ज़ज़्बे से बदल दे तस्वीर हिंदुस्तान की,,
जिसके बाद दुनिया सच में कदर करे हमारी और हमारे हिंदुस्तान की,,
कहीं भी फिर ये ना सुनाई दे 100 में से निन्न्यानवे बेईमान फिर भी मेरा देश महान,,
हर तरफ बस यही आवाज़ आये संवारना है अगर जीवन तो चलो सिर्फ हिंदुस्तान.....
भारत माता की जय
RTO(Rohit the original)